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MP By-Election 2026: नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने पर BJP में बगावत, जिलाध्यक्ष समेत पूरी कार्यकारिणी ने दिया सामूहिक इस्तीफा
टिकट बदलते ही जिलाध्यक्ष समेत पूरी टीम ने छोड़ा पद
टिकट बदलते ही जिलाध्यक्ष समेत पूरी टीम ने छोड़ा पद

MP By-Election 2026: मध्य प्रदेश के दतिया उपचुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) में एक नया सियासी बवाल खड़ा हो गया है। दरअसल, पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता अब खुलकर विरोध में उतर आए हैं। बताया जा रहा है कि दतिया में हाईवे जाम (Highway Traffic Jam) कर के भारी विरोध-प्रदर्शन किया गया और साथ ही कई जगह दुकानें बंद रहीं। इसके अलावा, बीजेपी जिलाध्यक्ष समेत पूरी जिला कार्यकारिणी ने भी सामूहिक इस्तीफा (Mass Resignation) दे दिया है।

ऐसे में अब सभी की नजर इस बात पर है कि भाजपा पार्टी इस नाराजगी को कैसे संभालती है और आगे की क्या रणनीति तैयार की जाएगी।

भाजपा में सामूहिक इस्तीफा

मिली जानकारी के अनुसार, दतिया में विरोध का सबसे बड़ा असर पार्टी संगठन पर दिखाई दिया है। भाजपा जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाह ने प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को सामूहिक इस्तीफा (Mass Resignation) दिया गया है। उनके साथ जिला कार्यकारिणी के कई पदाधिकारियों, मंडल अध्यक्षों, जनप्रतिनिधियों और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं ने भी अपने दायित्वों से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी है।

जिलाध्यक्ष ने फैसले को बताया एकतरफा

वहीं, रघुवीर सिंह कुशवाह ने अपने इस्तीफे में साफ तौर पर कहा है कि दतिया उपचुनाव (Datia By-Election) के लिए प्रत्याशी चयन का फैसला कार्यकर्ताओं की राय के बिना लिया गया है। उनका कहना है कि पार्टी ने वर्षों से मेहनत कर रहे स्थानीय कार्यकर्ताओं की भावनाओं की अनदेखी की है।

उन्होंने पत्र में लिखा है कि जिला संगठन के पदाधिकारी, जिला पंचायत अध्यक्ष, जनपद अध्यक्ष, नगर पालिका अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष, मोर्चा अध्यक्ष, पार्षद और 281 बूथों के अध्यक्ष सामूहिक रूप से अपने दायित्वों से इस्तीफा दे रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने चेतावनी भी दी है कि अगर 24 घंटे के भीतर डॉ. नरोत्तम मिश्रा को उम्मीदवार नहीं बनाया गया तो प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दिया जाएगा।

समर्थकों का सड़क पर प्रदर्शन

विधानसभा सीट पर टिकट बदलने के फैसले के बाद नरोत्तम मिश्रा के समर्थक बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर आए हैं। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य हाईवे पर जाम लगाया और जमकर नारेबाजी की। कई स्थानों पर टायर जलाकर विरोध दर्ज कराया गया। ऐसे में प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं का कहना है कि नरोत्तम मिश्रा ने वर्षों तक दतिया के विकास के लिए काम किया है और पिछले कई महीनों से उपचुनाव की तैयारी में लगातार सक्रिय थे। ऐसे में अंतिम समय पर उनका टिकट काटना स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय है।

आशुतोष तिवारी पर क्यों लगाया दांव?

यह भी बताया जा रहा है कि इस बार भाजपा ने दतिया सीट (Datia Seat) के लिए एक नया चेहरा उतारने का फैसला किया है। पार्टी ने पूर्व संभागीय संगठन मंत्री और मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है। आशुतोष तिवारी दतिया के रहने वाले हैं और लंबे समय से संगठन में सक्रिय रहे हैं।

खबरों के अनुसार, पार्टी ने यह फैसला पिछले विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) के नतीजों और संगठन से मिले फीडबैक के आधार पर लिया है। माना जा रहा है कि भाजपा नेतृत्व इस सीट पर नई रणनीति के साथ चुनाव लड़ना चाहता है।

2023 की हार बनी बड़ी वजह

साल 2023 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार राजेंद्र भारती ने डॉ. नरोत्तम मिश्रा को करीब 7 हजार वोटों से हराया था। ऐसे में यह हार भाजपा के लिए बड़ा झटका मानी गई थी क्योंकि दतिया लंबे समय तक पार्टी का मजबूत गढ़ रहा है। बताया जा रहा है कि इसी हार के बाद पार्टी ने आंतरिक समीक्षा की थी। उसी के आधार पर इस बार उम्मीदवार बदलने का फैसला लिया गया। हालांकि इस फैसले से स्थानीय संगठन का बड़ा वर्ग असहमत नजर आ रहा है।

अब सबकी नजर नरोत्तम मिश्रा पर

दतिया में चल रहे विरोध के बीच सबसे बड़ा सवाल डॉ. नरोत्तम मिश्रा की भूमिका को लेकर उठ रहा है। अभी तक उन्होंने सार्वजनिक रूप से इस पूरे विवाद पर कोई बड़ा बयान नहीं दिया है।

वहीं, कुछ राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर नरोत्तम मिश्रा अपने समर्थकों को शांत कर पार्टी उम्मीदवार के पक्ष में प्रचार करते हैं तो भाजपा को फायदा मिल सकता है। लेकिन यदि असंतोष लंबे समय तक बना रहा तो चुनाव में पार्टी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

दतिया उपचुनाव क्यों हो रहा है?

दतिया विधानसभा सीट (Datia Assembly Seat) पर उपचुनाव कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता समाप्त होने के बाद कराया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, कोऑपरेटिव बैंक (Cooperative Bank) धोखाधड़ी से जुड़े पुराने आपराधिक मामले में दिल्ली की अदालत (Delhi Court) ने राजेंद्र भारती को 3 साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद कानून के प्रावधानों के तहत उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त कर दी गई। सीट खाली होने के बाद चुनाव आयोग ने उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू की।

भाजपा के सामने बड़ी चुनौती

दतिया उपचुनाव (Datiya Upchunav) अब केवल भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबला नहीं रह गया है, बल्कि भाजपा के लिए संगठनात्मक एकता की सबसे बड़ी परीक्षा है। एक ओर पार्टी ने नए उम्मीदवार पर भरोसा जताया है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय संगठन का एक बड़ा वर्ग खुलकर विरोध में उतर आया है।

ये भी पढ़ें: मासूम आरव की हत्या पर कोर्ट सख्त, आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र को 6 दिन में चार्जशीट और 40 दिन में फांसी का फैसला

Author

  • Aparna Panwar

    अपर्णा पवांर, एक हिंदी कंटेंट राइटर है, जिन्होंने डिजिटल मीडिया में अपनी लेखनी से पहचान बनाई। आज वे “Khaber Aaj Ki” में हिंदी कंटेंट राइटर के पद पर काम करते हुए पत्रकारिता को अपना जुनून मानती हैं। उनके विचारों में खबरें केवल सूचनाएं नहीं, बल्कि लोगों तक सच्चाई पहुँचाने का माध्यम हैं।

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