
UP Mango Festival 2026: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ एक बार फिर फलों के राजा आम की अनोखी खुशबू से महकने जा रही है। तीन दिवसीय उत्तर प्रदेश आम महोत्सव 2026 का आयोजन गुरुवार से इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में शुरू हो रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस महोत्सव का उद्घाटन करेंगे। इस बार आयोजन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां देशभर की 800 से अधिक दुर्लभ और लोकप्रिय आम की किस्में एक ही मंच पर देखने को मिलेंगी। यह महोत्सव सिर्फ आम के स्वाद का उत्सव नहीं है, बल्कि किसानों, बागवानों, निर्यातकों और कृषि विशेषज्ञों के लिए भी एक बड़ा मंच है। आयोजन का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के आम को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाना, नई तकनीकों को बढ़ावा देना और किसानों की आय बढ़ाने के अवसर तैयार करना है।
800 से ज्यादा किस्में बनेंगी आकर्षण का केंद्र
उद्यान विभाग के अनुसार इस बार महोत्सव में आम की 800 से अधिक किस्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। इनमें दशहरी, लंगड़ा, चौसा, लखनऊ सफेदा, आम्रपाली, रटौल, मल्लिका, फजली और कई अन्य दुर्लभ प्रजातियां शामिल हैं। आगंतुक केवल इन किस्मों को देख ही नहीं सकेंगे, बल्कि कई प्रजातियों का स्वाद भी चख पाएंगे और उनके पौधों व खेती की तकनीक के बारे में जानकारी भी हासिल कर सकेंगे।
सात राज्यों के बागवान होंगे शामिल
इस महोत्सव में उत्तर प्रदेश के अलावा मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ के 900 से अधिक प्रगतिशील बागवान, उत्पादक और निर्यातक हिस्सा ले रहे हैं। इससे किसानों को एक-दूसरे के अनुभव जानने, नई तकनीक सीखने और बेहतर बाजार तक पहुंच बनाने का अवसर मिलेगा।
किसानों को मिलेगा कारोबार का नया मंच
महोत्सव के दौरान खरीदार-विक्रेता सम्मेलन (Buyer-Seller Meet) भी आयोजित किया जाएगा। इसमें देश और विदेश के व्यापारियों के साथ आम उत्पादकों की सीधी बातचीत होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से किसानों को बेहतर कीमत मिलने के साथ निर्यात के नए अवसर भी खुलते हैं। इससे प्रदेश के बागवानी क्षेत्र को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
तकनीक और आधुनिक खेती पर भी रहेगा फोकस
आम महोत्सव में केवल प्रदर्शनी ही नहीं, बल्कि कई तकनीकी कार्यशालाएं भी आयोजित की जाएंगी। विशेषज्ञ किसानों को आधुनिक बागवानी, पौध संरक्षण, कीट एवं रोग नियंत्रण, फल तुड़ाई के बाद प्रबंधन (Post Harvest Management), पैकेजिंग, गुणवत्ता सुधार और निर्यात मानकों की जानकारी देंगे। इसका उद्देश्य किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ना और उत्पादन की गुणवत्ता बढ़ाना है।
बच्चों और परिवारों के लिए भी होंगे विशेष कार्यक्रम
आयोजन को आम लोगों के लिए भी आकर्षक बनाया गया है। बच्चों के लिए आम खाने की प्रतियोगिता, आम से बने व्यंजनों की प्रतियोगिता और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा आगंतुक आम से तैयार विभिन्न उत्पादों जैसे जैम, जूस, पल्प, आचार और मिठाइयों का भी आनंद ले सकेंगे।
आम उत्पादन में यूपी की बड़ी भूमिका
उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा आम उत्पादक राज्य है। राज्य में लाखों हेक्टेयर क्षेत्र में आम की खेती होती है और हर वर्ष लाखों टन उत्पादन होता है। दशहरी, लंगड़ा, चौसा, लखनऊ सफेदा, रटौल और आम्रपाली जैसी किस्मों की मांग भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी लगातार बढ़ रही है। राज्य सरकार का लक्ष्य किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराकर आम के निर्यात को और बढ़ाना है।
निर्यात में भी बढ़ रही हिस्सेदारी
पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश से आम और आम से बने उत्पादों का निर्यात लगातार बढ़ा है। आधुनिक पैकेजिंग, बेहतर गुणवत्ता और अंतरराष्ट्रीय मानकों के कारण विदेशी बाजारों में उत्तर प्रदेश के आम की मांग मजबूत हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसानों को आधुनिक तकनीक और बेहतर विपणन सुविधाएं मिलती रहें तो आने वाले वर्षों में निर्यात में और वृद्धि हो सकती है।
पर्यटन और कृषि को मिलेगा बढ़ावा
ऐसे आयोजन केवल किसानों के लिए ही नहीं, बल्कि पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण माने जाते हैं। देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले आगंतुक उत्तर प्रदेश की कृषि विरासत, स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक आम की किस्मों से परिचित होते हैं। इससे प्रदेश की ब्रांडिंग को भी मजबूती मिलती है।
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