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Ram Mandir Donation Theft: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में 8 घंटे तक SIT की जांच, चंपत राय और अनिल मिश्रा से पूछताछ
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT ने 8 घंटे तक चंपत राय, अनिल मिश्रा समेत से पूछताछ की
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT ने 8 घंटे तक चंपत राय, अनिल मिश्रा समेत से पूछताछ की

Ram Mandir Donation Theft: राम मंदिर के चढ़ावे में कथित घपले को लेकर जांच को अब तेज कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि आज गुरुवार के दिन विशेष जांच दल (SIT) ने अयोध्या में करीब 8 घंटे तक लगातार अपनी जांच की है। इस दौरान टीम ने राम मंदिर परिसर का अच्छे से निरीक्षण किया और ट्रस्ट से जुड़े कई लोगों से भी पूछताछ की। बताया जा रहा है कि जांच दोपहर 1:40 बजे शुरू हुई और रात 8:30 बजे तक चली। जांच का नेतृत्व IPS अधिकारी किरण एस के द्वारा किया गया है।

तीन अहम पहलुओं पर रही SIT की नजर

मिली जानकारी के अनुसार, SIT ने अपनी जांच में तीन फोकस पर विशेष ध्यान दिया है, जो कुछ इस प्रकार से हैं।

  • पहला, मंदिर में आने वाले चढ़ावे को इकट्ठा करने और उसकी गिनती की पूरी प्रक्रिया।
  • दूसरा, दान पेटियों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था।
  • तीसरा, चढ़ावा गिनने वाले कर्मचारियों की नियुक्ति किस प्रक्रिया और किसकी सिफारिश पर की गई।

चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव से पूछताछ

यह भी बताया जा रहा है कि जांच के दौरान श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust) के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव से भी पूछताछ किए जाने की चर्चा है। सूत्रों के मुताबिक, SIT ने उनसे मंदिर की व्यवस्थाओं, दान संग्रह प्रणाली और उनकी जिम्मेदारियों से जुड़े कई सवाल पूछे। इस पूछताछ को लेकर अभी तक न तो SIT और न ही ट्रस्ट की ओर से किसी भी तरह का कोई आधिकारिक बयान नहीं जारी किया गया है।

कर्मचारियों की नियुक्ति पर भी उठे सवाल

खबरों के अनुसार, SIT ने विशेष रूप से यह जानने की कोशिश की कि दान की गिनती करने वाले कर्मचारियों का चयन कैसे हुआ। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि इन कर्मचारियों की नियुक्ति किन मानकों के आधार पर हुई और क्या किसी व्यक्ति की सिफारिश पर उन्हें जिम्मेदारी दी गई थी। बताया जा रहा है कि जांच टीम ने संबंधित बैंक से भी कर्मचारियों के चयन और नियुक्ति से जुड़ी जानकारी जुटाई है। इसी आधार पर डॉ. अनिल मिश्रा से कई सवाल पूछे गए।

सुरक्षा व्यवस्था की भी हुई समीक्षा

SIT ने मंदिर परिसर (Temple Complex) की सुरक्षा व्यवस्था का भी बारीकी से निरीक्षण किया। टीम ने यह समझने की कोशिश की कि दान पेटियों की सुरक्षा कैसे की जाती है, कर्मचारियों की आवाजाही पर किस तरह निगरानी रखी जाती है और पूरी प्रक्रिया में कहीं कोई कमी तो नहीं रही। ऐसे में जांच एजेंसी का मानना है कि इन जानकारियों से पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने में मदद मिलेगी।

अविनाश शुक्ला की 24 घंटे की पुलिस रिमांड मंजूर

इस मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल अविनाश शुक्ला को लेकर भी बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। अयोध्या की अदालत ने उसे 24 घंटे की पुलिस रिमांड पर भेजने की अनुमति दे दी है। पुलिस ने 48 घंटे की रिमांड मांगी थी, लेकिन अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद एक दिन की रिमांड मंजूर की।

अब पुलिस रिमांड (Police Remand) के दौरान अविनाश शुक्ला से कथित गबन, बरामद नकदी और पूरे नेटवर्क को लेकर विस्तार से पूछताछ करेगी।

घर से मिली बड़ी मात्रा में नकदी और विदेशी मुद्रा

जांच के दौरान पुलिस ने अविनाश शुक्ला के घर से बड़ी मात्रा में नकदी और अन्य कीमती सामान बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक उसके घर से 20.39 लाख रुपये नकद, 1,121 अमेरिकी डॉलर, करीब 11 ग्राम सोना और 375 ग्राम चांदी के आभूषण मिले हैं।

अन्य आरोपियों से भी हुई बड़ी बरामदगी

पुलिस जांच में अन्य आरोपियों के पास से भी लाखों रुपये नकद बरामद किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार करुणेश पांडे के पास से 18.07 लाख रुपये, अनुकल्प मिश्रा के पास से 16.82 लाख रुपये, लवकुश मिश्रा के पास से 14.25 लाख रुपये, रामाशंकर मिश्रा के पास से 7.32 लाख रुपये और रामाशंकर यादव उर्फ टिन्नू के पास से एक लाख रुपये बरामद किए गए हैं। इन बरामदगियों के आधार पर पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच आगे बढ़ा रही है।

लवकुश मिश्रा की पत्नी को नोटिस

इस बीच अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) ने आरोपी लवकुश मिश्रा की पत्नी सुप्रिया मिश्रा के नाम नोटिस जारी किया है। आरोप है कि सोहावल तहसील के बनवीरपुर गांव में बिना आवश्यक अनुमति के मकान का निर्माण कराया जा रहा था। प्राधिकरण ने इस मामले में जवाब मांगा है।

योग केंद्र से मिला QR कोड वाला दानपात्र

जांच के दौरान पुलिस ने अयोध्या के एक योग केंद्र से “रामराज्य कोष” (Ramrajya Kosh) नाम का दानपात्र भी बरामद किया है। इस दानपात्र पर पेटीएम का QR कोड लगा हुआ था। पुलिस का कहना है कि आरोपी अविनाश शुक्ला पिछले करीब दस वर्षों से इसी योग केंद्र में रह रहा था। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस दानपात्र का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया था।

7 जून को सामने आया था मामला

राम मंदिर (Ram Mandir) के चढ़ावे में कथित गबन का मामला पहली बार 7 जून को सामने आया था। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। शुरुआती जांच रिपोर्ट मिलने के बाद 25 जून को एफआईआर दर्ज की गई।

अब तक चढ़ावा गिनने की प्रक्रिया से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर कड़ी की जांच की जा रही है और आगे की कार्रवाई पूछताछ तथा जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी। फिलहाल इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा नजरें अविनाश शुक्ला से होने वाली पूछताछ और SIT की अगली रिपोर्ट पर हैं। वहीं, जांच एजेंसियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की संभावना है।

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Author

  • Aparna Panwar

    अपर्णा पवांर, एक हिंदी कंटेंट राइटर है, जिन्होंने डिजिटल मीडिया में अपनी लेखनी से पहचान बनाई। आज वे “Khaber Aaj Ki” में हिंदी कंटेंट राइटर के पद पर काम करते हुए पत्रकारिता को अपना जुनून मानती हैं। उनके विचारों में खबरें केवल सूचनाएं नहीं, बल्कि लोगों तक सच्चाई पहुँचाने का माध्यम हैं।

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