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Lucknow Fire Accident: लखनऊ अग्निकांड पर योगी सरकार का सख्त एक्शन, 4 अधिकारी सस्पेंड, SIT करेगी हादसे की गहन जांच
Current image: Lucknow Fire Accident

Lucknow Fire Accident: यूपी जिले के लखनऊ में स्थिति अलीगंज में हुआ भीषण अग्निकांड ने पूरे देश को हैरान कर दिया है। बता दें कि एक एनिमेशन ट्रेनिंग सेंटर में आग लगने से करीब 15 छात्रों की मौत मौके पर ही हो गई और 9 छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। यूपी के इस दर्दनाक हादसे पर सख्त कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तुरंत जांच के आदेश जारी कर दिए है और साथ इस में घटना से जुड़े और लापरवाही को अनदेखा करने वाले 4 अधिकारियों को तत्काल सस्पेंड कर दिया गया है।

बता दें कि सीएम योगी के आदेश जारी होने के बाद इस घटना की बारीकी से जांच के लिए एसआईटी (SIT) का गठन किया गया है, ताकि इस घटना के हर एक पहलू पर निष्पक्ष जांच हो पाएं। ऐसे में आइए आइए जानते हैं कि मुख्यमंत्री ने इस घटना को लेकर क्या कुछ कहा और क्या-क्या आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने का ऐलान किया है।

हादसे के बाद एक्शन मोड में सरकार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे को बेहद गंभीर तौर से लेते हुए अपने सभी कार्यक्रम को कैंसिल कर दिए और लखनऊ पहुंचकर अधिकारियों से पूरी जानकारी ली। जिसके बाद मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि इस हादसे के दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने और घायलों के बेहतर इलाज के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि देने का भी ऐलान किया है।

चार अधिकारियों को किया सस्पेंड

अलीगंज अग्निकांड के बाद कार्रवाई करते हुए चार अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। इनमें शामिल हैं-

  • गौरव कुमार – एक्सईएन कलेक्शन, जानकीपुरम
  • कमलेन्द्र कुमार सिंह – एफएसएसओ, इंदिरा नगर
  • अनिल कुमार – सहायक अभियंता (AE)
  • प्रमोद पांडे – जूनियर इंजीनियर (JE)

सरकार का कहना है कि प्रारंभिक जांच में इन अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है। विस्तृत जांच के बाद आगे भी कार्रवाई की जा सकती है।

SIT करेगी पूरे मामले की जांच

मुख्यमंत्री के सख्त आदेश पर एसआईटी (SIT) टीम इस बात की पूरी गंभीरता से जांच करेगी कि आखिर इतनी बड़ी घटना कैसे हुई। साथ ही जांच में भवन की स्वीकृति, फायर सेफ्टी व्यवस्था, इमरजेंसी एग्जिट और प्रशासनिक लापरवाही जैसे सभी पहलुओं को शामिल किया जाएगा।

एसआईटी यह भी पता लगाएगी कि ट्रेनिंग सेंटर में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं और आग लगने के बाद छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालने के इंतजाम थे या नहीं।

शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा आग का कारण

पुलिस अधिकारीयों का कहना है की, शुरुआत जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। हालांकि, फोरेंसिक टीम भी मौके पर जांच कर रही है। वहीं, रिपोर्ट आने के बाद ही आग लगने के सही कारणों की पुष्टि हो सकेगी।

बताया जा रहा है कि जिस इमारत में एनिमेशन ट्रेनिंग सेंटर चल रहा था, उसके नीचे एक पेट शॉप भी थी। आग लगने के बाद कुछ ही मिनटों में धुआं पूरी इमारत में फैल गया, जिससे अंदर मौजूद छात्र बाहर नहीं निकल सके।

15 छात्रों की मौत, 9 घायल

जानकारी के लिए बता दें इस दर्दनाक हादसे में 15 छात्रों की मौत की हो चुकी है। वहीं 9 छात्र गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका इलाज अस्तपताल में चल रहा है। हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। अस्पतालों के बाहर भारी संख्या में लोगों की भीड़ जुटी रही। प्रशासन की ओर से मृतकों की पहचान और परिजनों को सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है।

फायर विभाग पर सीएम का एक्शन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना के बाद फायर विभाग के अधिकारियों से नाराजगी जताई है। उन्होंने फोन पर अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए पूछा कि आखिर सुरक्षा मानकों की अनदेखी कैसे हुई।

मुख्यमंत्री का साफ कहना है अगर किसी भी तरह की लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

राहत और बचाव कार्य जारी

अग्निकांड के तुरंत बाद दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। राहत एवं बचाव दल ने इमारत में फंसे लोगों को बाहर निकाला। जिनमें पुलिस, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार राहत कार्य में जुटी हुई हैं। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

अग्निकांड हादसे पर राजनाथ सिंह ने जताया दुख

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि लखनऊ में हुई यह घटना बेहद दुखद और पीड़ादायक है। इस कठिन समय में उनकी संवेदनाएं सभी पीड़ित परिवारों के साथ हैं। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरी घटना को लेकर मेरी प्रशासनिक अधिकारियों से बात हुई है और इसके पीछे की स्थिति का पता लगाने के जाँच आदेश दिये है। साथ ही उन्होंने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस हादसे के बाद एक बार फिर से व्यावसायिक संस्थानों और कोचिंग सेंटरों में फायर सेफ्टी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। जिसमें लोगों का कहना है कि अगर इमारत में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम होते तो शायद इतना बड़ा हादसा नहीं होता

ऐसे में अब सभी की नजर एसआईटी (SIT) जांच पर टिकी हैं। जिनसे उम्मीद की जा रही है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।

ये भी पढ़ें: Lucknow Building Fire: रिहायशी नक्शे पर खड़ी मौत की इमारत, लापरवाही ने ली 15 लोगों की जान, कई घायल

Author

  • Aparna Panwar

    अपर्णा पवांर, एक हिंदी कंटेंट राइटर है, जिन्होंने डिजिटल मीडिया में अपनी लेखनी से पहचान बनाई। आज वे “Khaber Aaj Ki” में हिंदी कंटेंट राइटर के पद पर काम करते हुए पत्रकारिता को अपना जुनून मानती हैं। उनके विचारों में खबरें केवल सूचनाएं नहीं, बल्कि लोगों तक सच्चाई पहुँचाने का माध्यम हैं।

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