
PM Modi ने रविवार को तेलंगाना के सिकंदराबाद में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए देशवासियों से अपील की है। उन्होंने साफ कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए देश की जनता को अगले एक साल तक शादियों के लिए सोना खरीदने से बचना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने पेट्रोल-डीजल की बचत करने और जरूरत पड़ने पर फिर से वर्क फ्रॉम होम (Work From Home) जैसी व्यवस्थाओं को अपनाने की सलाह दी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत के आसपास के क्षेत्रों में जारी युद्ध और अंतरराष्ट्रीय संकट का असर अब भारत की अर्थव्यवस्था (Economy of India) पर भी दिखाई देने लगा है। खासतौर पर मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव और यूक्रेन युद्ध (Ukraine War) के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है। इसका सीधा असर पेट्रोल, डीजल और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर पड़ रहा है।
सोना खरीदने को लेकर PM मोदी की अपील
सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश को इस समय आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में लोगों को अपनी जरूरतों को समझदारी से तय करना चाहिए। उन्होंने कहा, “मैं देशवासियों से आग्रह करता हूं कि वे अगले एक साल तक शादियों के लिए सोना खरीदने से बचें।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि सोने की बढ़ती कीमतों का असर आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है। ऐसे समय में बचत और जिम्मेदारी दोनों जरूरी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि देशहित में कुछ समय के लिए ऐसे फैसले लेना जरूरी हो जाता है।
पेट्रोल-डीजल बचाने की सलाह
PM मोदी ने अपने भाषण में पेट्रोल और डीजल की खपत (Petrol-Diesel Consumption) कम करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है और युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।
उन्होंने कहा कि विदेशी मुद्रा बचाने के लिए ईंधन की बचत (Fuel Saving) बेहद जरूरी है। प्रधानमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे बेवजह वाहन इस्तेमाल करने से बचें और जहां संभव हो, सार्वजनिक परिवहन या साझा वाहन का उपयोग करें। उन्होंने कहा, “सरकार पूरी कोशिश कर रही है कि नागरिकों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े, लेकिन इस मुश्किल समय में देशवासियों का सहयोग भी बहुत जरूरी है।”
फिर से बढ़ सकता है वर्क फ्रॉम होम
प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना महामारी के दिनों को याद करते हुए कहा कि उस समय लोगों ने वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन मीटिंग और वीडियो कॉन्फ्रेंस जैसी व्यवस्थाओं को तेजी से अपनाया था। उन्होंने कहा कि अब समय की जरूरत है कि हम फिर से उन तरीकों को प्राथमिकता दें, ताकि ईंधन की बचत हो सके और अनावश्यक यात्रा कम हो। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से कई काम घर बैठे आसानी से किए जा सकते हैं। इससे समय के साथ-साथ पैसे और ऊर्जा की भी बचत होगी।
यूक्रेन युद्ध और मिडिल ईस्ट संकट का असर
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले कुछ महीनों से दुनिया गंभीर सप्लाई चेन संकट से गुजर रही है। यूक्रेन युद्ध ने पहले ही कई देशों की अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया था और अब मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष ने हालात को और मुश्किल बना दिया है। उन्होंने कहा कि इन वैश्विक संकटों का असर भारत पर भी पड़ रहा है, लेकिन सरकार लगातार स्थिति को संभालने की कोशिश कर रही है। उन्होंने दावा किया कि पिछले कई वर्षों से भारत आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है।
किसानों को राहत देने का दावा
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में किसानों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में खाद की कीमतें बहुत अधिक बढ़ चुकी हैं। दुनिया के कई देशों में एक बोरी खाद लगभग 3000 रुपये तक बिक रही है, लेकिन भारत सरकार किसानों को वही खाद 300 रुपये से भी कम कीमत में उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों और आम लोगों पर बोझ कम करने के लिए लगातार आर्थिक सहायता दे रही है। इसके बावजूद वैश्विक परिस्थितियों के कारण चुनौतियां बनी हुई हैं।
कांग्रेस और TMC पर साधा निशाना
आज की इस सभा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्षी दलों पर भी जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने देश में परिवारवाद और भ्रष्टाचार की राजनीति को बढ़ावा दिया। वहीं, टीएमसी ने कांग्रेस और लेफ्ट दोनों की खराब राजनीतिक परंपराओं को अपनाया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जनता अब बदलाव चाहती है और देश की राजनीति में नया दौर शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि लोग अब वंशवाद की राजनीति नहीं, बल्कि विकास और विश्वास की राजनीति को समर्थन दे रहे हैं।
बंगाल चुनाव पर भी बोले PM मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम बंगाल चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि बंगाल की जनता ने तानाशाही और डर की राजनीति को नकार दिया है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक चुनावी जीत नहीं, बल्कि देश की बदलती राजनीतिक सोच का संकेत है। उन्होंने कहा कि असम से लेकर ओडिशा और बंगाल से पुडुचेरी तक जनता अब विकास आधारित राजनीति को प्राथमिकता दे रही है। प्रधानमंत्री ने दावा किया कि देश की जनता अब स्थिरता, विकास और भरोसे की राजनीति चाहती है।
देशवासियों से एकजुट रहने की अपील
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से अपील की कि वे इस मुश्किल समय में देशहित को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि वैश्विक संकटों का असर पूरी दुनिया पर है, लेकिन भारत एकजुट होकर इन चुनौतियों का सामना कर सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार और जनता मिलकर काम करेंगे तो देश आर्थिक संकटों से मजबूत होकर बाहर निकलेगा।






