
FASTag 2026 Rule: नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए बड़ी खबर है। केंद्र सरकार और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने देश के सभी टोल प्लाजा को पूरी तरह डिजिटल बनाने की तैयारी तेज कर दी है। अब आने वाले समय में टोल प्लाजा पर नकद यानी कैश से भुगतान की सुविधा पूरी तरह खत्म कर दी जाएगी। यात्रियों को केवल FASTag या UPI के माध्यम से ही टोल शुल्क देना होगा।
जानकारी के अनुसार, यह फैसला टोल व्यवस्था को ज्यादा पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए लिया गया है। जिसमें डिजिटल भुगतान से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों से भी राहत मिलेगी। साथ ही, इससे हाईवे पर यात्रा और अधिक आसान और तेज हो जाएगी।
FASTag से बदली व्यवस्था
बता दें कि पिछले कुछ वर्षों में FASTag सिस्टम ने टोल वसूली की तस्वीर बदल दी है। अभी देश में 98 % से ज्यादा वाहन FASTag का इस्तेमाल कर रहे हैं। जिसमें यह RFID तकनीक पर आधारित एक इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम है। इसमें वाहन के आगे एक टैग लगाया जाता है, जिससे टोल प्लाजा पर बिना रुके ही शुल्क अपने आप कट जाता है। बता दें कि इस व्यवस्था से गाड़ियों को टोल प्लाजा पर रुकना नहीं पड़ता। इससे ट्रैफिक जाम कम होता है और ईंधन की भी बचत होती है। सरकार का दावा है कि FASTag ने टोल वसूली को तेज और आसान बनाया है।
UPI से भी होगा भुगतान
जानकारी के लिए बता दें कि अब टोल प्लाजा पर UPI से भुगतान की सुविधा भी दी जा रही है। जिससे यात्री अपने मोबाइल ऐप के जरिए स्कैन कर भुगतान कर सकते हैं। यह विकल्प उन लोगों के लिए उपयोगी है जिनके पास FASTag नहीं है या जिनका टैग किसी कारण से काम नहीं कर रहा है। साथ ही, डिजिटल भुगतान से लेनदेन का पूरा रिकॉर्ड रहता है, जिससे पारदर्शिता बढ़ती है। विवाद की संभावना भी कम हो जाती है। सरकार का मानना है कि पूरी तरह डिजिटल सिस्टम से देशभर के 1,150 से अधिक टोल प्लाजा पर व्यवस्था बेहतर होगी।
नकद भुगतान से जुड़ी समस्याएं
दरअसल, अब तक टोल प्लाजा पर नकद भुगतान के कारण कई समस्याएं सामने आती रही हैं। पीक आवर्स में लंबी लाइनें लग जाती हैं। छुट्टे पैसे की कमी को लेकर बहस होती है। कई बार भुगतान को लेकर विवाद भी हो जाते हैं। इससे यात्रियों का समय और धैर्य दोनों खर्च होते हैं।
NHAI के अनुसार, कैशलेस सिस्टम लागू होने के बाद इन समस्याओं से छुटकारा मिलेगा। टोल पर रुकने का समय कम होगा और हाईवे पर यातायात सुचारु रहेगा।
मौजूदा नियम क्या हैं?
फिलहाल जिन वाहनों में वैध FASTag नहीं होता, उन्हें नकद भुगतान करने पर दोगुना टोल देना पड़ता है। वहीं UPI से भुगतान करने पर वाहन की श्रेणी के अनुसार 1.25 गुना शुल्क लिया जाता है। इन नियमों का उद्देश्य लोगों को डिजिटल भुगतान के लिए प्रोत्साहित करना है।
सरकार का कहना है कि 1 अप्रैल 2026 से टोल प्लाजा पर कैश का कोई ऑप्शन नहीं बचेगा। इसका मतलब वाहन चालक को FASTag या UPI में से किसी एक का उपयोग करना ही होगा।
यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
बता दें कि, जो लोग अक्सर नेशनल हाईवे या एक्सप्रेसवे से यात्रा करते हैं, उन्हें अपना FASTag समय पर रिचार्ज रखना चाहिए। यात्रा से पहले यह जरूर जांच लें कि टैग सही तरीके से काम कर रहा है या नहीं। अगर FASTag नहीं है, तो UPI ऐप तैयार रखें। डिजिटल भुगतान की इस नई व्यवस्था से यात्रा तेज, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल बनने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि यह कदम देश के हाईवे नेटवर्क को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव है। बताया जा रहा है कि अब आने वाले टाइम में टोल प्लाजा पर कैश से भुगतान का दौर खत्म होने वाला है। इसलिए वाहन चालकों को पहले से तैयारी कर लेनी चाहिए, ताकि सफर के समय किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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