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Sunetra Pawar Oath Ceremony: मैं सुनेत्रा अजित पवार… आंखें नम, दिल में गम के साथ ली शपथ
Current image: Sunetra Pawar Oath Ceremony

Sunetra Pawar Oath Ceremony: दिवंगत नेता और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के तीन दिन बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की है। बता दें कि,यह शपथग्रहण समारोह भावनाओं से भरा रहा। जिसके बाद मंच पर आते ही सुनेत्रा पवार की आंखें नम थीं और उनकी आवाज लड़खड़ा रही थी। समारोह में उपस्थित लोगों ने ‘अजित दादा अमर रहें’ के नारे लगाकर दिवंगत नेता को याद किया। साथ ही, सुनेत्रा पवार ने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा देकर यह जिम्मेदारी संभाली। उनके सामने न केवल अपने पति की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने की चुनौती है, बल्कि राज्य की महायुति सरकार में गठबंधन की राजनीति को9 संभालना भी एक बड़ा काम है।

जानकारी के लिए बता दें कि शपथग्रहण समारोह में राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने सुनेत्रा पवार को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, राकांपा नेता प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे और छगन भुजबल सहित अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद थे। सुनेत्रा पवार के छोटे बेटे जय पवार और उनकी पत्नी भी समारोह में उपस्थित रहे।

दुख के बीच राजनीति की जिम्मेदारी

अजित पवार का निधन 28 जनवरी को बारामती में हुए विमान हादसे में हुआ था। उनके अचानक चले जाने से परिवार और राजनीति में शोक की लहर फैल गई। ऐसे कठिन समय में सुनेत्रा पवार ने न केवल परिवार को संभाला, बल्कि राजनीतिक जिम्मेदारी भी ग्रहण की। उन्होंने मंच पर आते ही भावुक होकर कहा कि यह उनके लिए आसान समय नहीं है, लेकिन उन्हें पवार परिवार की विरासत और जनता की सेवा को आगे बढ़ाना है।

सुनेत्रा पवार ने पहले दिन ही एनसीपी विधायक दल का नेता बनने की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की। पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपते हुए विश्वास जताया कि वह पार्टी को मजबूती से नेतृत्व करेंगी।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

सुनेत्रा पवार एक राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखती हैं, लेकिन वह हमेशा चर्चाओं से दूर रही हैं। उनका राजनीतिक करियर 2024 के लोकसभा चुनाव में शुरू हुआ, जब उन्होंने बारामती से सुप्रिया सुले के खिलाफ चुनाव लड़ा। उस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन बाद में उन्हें राज्यसभा का मार्ग मिला।

अब उनका सामना नए राजनीतिक परीक्षणों से है। उन्हें न केवल एनसीपी को एकजुट रखना है, बल्कि भाजपा और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के साथ गठबंधन को भी मजबूती से चलाना है। इसके अलावा, राकांपा के भीतर चल रहे राजनीतिक समीकरण और राकांपा (शप) के साथ बहुप्रतीक्षित विलय को आगे बढ़ाने का फैसला भी उनकी जिम्मेदारी में आता है।

आगे की चुनौतियाँ

सुनेत्रा पवार फिलहाल राज्य विधानमंडल की सदस्य नहीं हैं। ऐसे में उनके लिए आगामी विधानसभा चुनाव में अपने पति की खाली हुई बारामती सीट से चुनाव लड़ना एक महत्वपूर्ण कदम होगा। राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि यह चुनाव न केवल उनके व्यक्तिगत राजनीतिक करियर के लिए, बल्कि पूरे पवार परिवार की राजनीतिक धरोहर को बनाए रखने के लिए भी अहम होगा।

एनसीपी में उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना होगा। पार्टी के विभिन्न गुटों को संतुलित करना, युवा नेताओं को आगे लाना और गठबंधन सरकार में सभी घटकों के साथ तालमेल बैठाना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी होगी। इसके साथ ही, जनता के बीच विश्वास कायम करना और उनके पिता की नीतियों और वादों को आगे बढ़ाना भी जरूरी है।

शपथग्रहण का भावपूर्ण क्षण

दरअसल, शपथ लेने के समय मंच पर उपस्थित नेताओं और समर्थकों ने ‘अजित दादा अमर रहें’ के नारे लगाकर दिवंगत नेता को याद किया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि अजित पवार का योगदान महाराष्ट्र की राजनीति में अमूल्य है और उनकी यादें हमेशा प्रेरणा देंगी। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अन्य नेताओं ने भी सुनेत्रा पवार को इस कठिन समय में पार्टी और सरकार की जिम्मेदारी संभालने के लिए शुभकामनाएँ दीं।साथ ही, सुनेत्रा पवार ने शपथ ग्रहण के बाद कहा कि उनका लक्ष्य जनता की सेवा करना और पवार परिवार की विरासत को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि वह अपने पति की आदर्शों और नीतियों को आगे बढ़ाने का हर संभव प्रयास करेंगी।

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