
PM Modi Meeting: पिछले कुछ दिनों से बागी सांसदों को लेकर कई तरह की खबरों चर्चा में बनी हुई है। इसी क्रम में आज 7 अगस्तर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी बागी सांसदों के साथ ब्रेकफास्ट मीटिंग की और आश्वासन दिया है कि वह चिंता न करें, भाजपा सरकार उनके साथ है। बता दें कि यह सभी बागी वह है, जो हाल ही में ममता बनर्जी और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले दलों से अलग हो गए हैं।
बता दें कि इस दौरान पीएम मोदी ने सांसदों से संसद की कार्यवाही में सक्रिय भूमिका निभाने और सदन की बहस में पूरी तैयारी के साथ हिस्सा लेने की भी अपील की है। साथ ही प्रधानमंत्री ने सांसदों को भरोसा भी दिलाया है कि उन्हें किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है, हमें उनके साथ खड़े हैं।
‘चिंता करने की जरूरत नहीं, मैं आपके साथ हूं’
आज की इस खास बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सांसदों को संबोधित किया और कहा कि उन्हें किसी भी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है। क्योंकि NDA एक परिवार है और सभी सांसद इस परिवार का हिस्सा हैं। पीएम मोदी की इस बात का मकसद सिर्फ सांसदों को भरोसा दिलाना ही नहीं था, बल्कि उन्हें संसद में मजबूती के साथ अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करना भी है।
प्रधानमंत्री ने खास तौर पर उन सांसदों से बातचीत की, जिन्होंने हाल ही में अपने पुराने राजनीतिक दलों से अलग होकर एनडीए में शामिल हुए है। पीएम मोदी ने शिवसेना में हाल ही में शामिल हुए 6 सांसदों के साथ अलग से भी बैठक की। साथ ही उन्होंने राजनीतिक और संसदीय गतिविधियों को लेकर भी विस्तार से चर्चा की।
संसद की बहस में तैयारी के साथ हिस्सा लेने की सलाह
वहीं, ब्रेकफास्ट मीटिंग में के दौरान पीएम मोदी ने सांसदों को संसद के इतिहास को पढ़ने और समझने की भी सलाह दी है। सदन में इतिहास और पुराने संसदीय कार्यों (Parliamentary Affairs) से जुड़ी काफी सामग्री मौजूद है, जिससे वह अपनी राजनीति तैयारी बेहतर कर सकते हैं। इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि वह किसी भी मुद्दे पर सदन में बोलने से पहले उससे जुड़े पुराने रिकॉर्ड, संसदीय बहस और इतिहास को अच्छी तरह समझें लें, ताकि वह सदन में अपनी बात को तथ्यों के साथ मजबूती से रख पाएं। साथ ही प्रधानमंत्री का जोर इस बात पर भी रहा कि सांसद संसद की कार्यवाही (Parliamentary Proceedings) में सक्रिय रहें और महत्वपूर्ण मुद्दों पर सदन सही तरह से चलता रहे।
राज्यों के विकास पर भी पीएम मोदी का जोर
इस बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सांसदों से अपने-अपने राज्यों और संसदीय क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान देने की भी सलाह दी है, क्योंकि जब देश के राज्य तेजी से आगे बढ़ेंगे, तभी भारत भी तेजी से विकास की रफ्तार पर बढ़ेगा। उन्होंने यह भी कहा है कि अपने क्षेत्र में चल रही विकास परियोजनाओं (Development projects) की जानकारी रखें और जनता से जुड़े हर एक मुद्दों पर लगातार काम पर नजर रखें। अगर किसी विकास परियोजना को लेकर किसी भी तरह की समस्या आती है, तो सांसद सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय यानी PMO से संपर्क करें, ताकि विकास से जुड़े कामों में आने वाली हर एक परेशानियों को दूर करने में मदद मिल सके।
NDA में शामिल हुए सांसदों को मिला भरोसा
पीएम मोदी की इस बैठक को हाल ही में एनडीए के साथ आए सांसदों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। इसलिए प्रधानमंत्री ने उन्हें संसद में सक्रिय रहने, अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों पर ध्यान देने और जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती के साथ हल करने का संदेश दिया है। देखा जाए तो आज की इस अहम बैठक के माध्यम से प्रधानमंत्री ने यह भी साफ करने की कोशिश की है कि एनडीए में शामिल होने वाले सांसदों को संगठन और मोदी सरकार (Modi Government) की ओर से पूरा सहयोग मिलेगा। सांसदों को संसद की कार्यवाही से लेकर अपने-अपने क्षेत्रों के विकास तक हर स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाएं।
पीएम की सांसदों से व्यक्तिगत बातचीत
पीएम मोदी ने सांसदों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत भी की और उन्होंने प्रत्येक सांसद से उनके संसदीय क्षेत्र (Parliamentary Constituency) और वहां चल रहे विकास कार्यों के बारे में जानकारी ली। प्रधानमंत्री ने यह जानने की कोशिश की कि स्थानीय स्तर पर विकास योजनाओं की स्थिति कैसी है और सांसदों को किन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी बातचीत के दौरान महाराष्ट्र के धाराशिव से सांसद ओमराजे निंबालकर से पीएम मोदी ने उनके योग अभ्यास के बारे में भी पूछा। प्रधानमंत्री ने महाराष्ट्र के शिवसेना शिंदे गुट और एनसीपी अजित पवार गुट के कई सांसदों से मराठी भाषा में ही बातचीत की।
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अपर्णा पवांर, एक हिंदी कंटेंट राइटर है, जिन्होंने डिजिटल मीडिया में अपनी लेखनी से पहचान बनाई। आज वे “Khaber Aaj Ki” में हिंदी कंटेंट राइटर के पद पर काम करते हुए पत्रकारिता को अपना जुनून मानती हैं। उनके विचारों में खबरें केवल सूचनाएं नहीं, बल्कि लोगों तक सच्चाई पहुँचाने का माध्यम हैं।






