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Gujarat Election Result: मांजलपुर में BJP की बड़ी जीत, सतेंद्रभाई पटेल ने कांग्रेस को 30,630 वोटों से दी मात

Gujarat Election Result: मांजलपुर में BJP की बड़ी जीत

Manjalpur By Election Result: गुजरात की मांजलपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने एक बार फिर से अपनी मजबूत पकड़ साबित कर दी है। जिससे पार्टी के उम्मीदवार सतेंद्रभाई गोविंदभाई पटेल ने कांग्रेस उम्मीदवार भीखाभाई रबारी को बड़े अंतर से हराकर जीत दर्ज की है। बता दें इस नतीजे के साथ बीजेपी ने उस सीट पर भी अपना कब्जा बरकरार रखा, जिसे लंबे समय से पार्टी का मजबूत गढ़ माना जाता है।

जानकारी के लिए बता दें यह उपचुनाव दिवंगत विधायक योगेश पटेल के निधन के बाद कराया गया था। जिसमें चुनाव परिणाम आने के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई और कई जगहों पर जश्न मनाया गया।

इतने वोटों से दर्ज की जीत

चुनाव आयोग के घोषित परिणामों के अनुसार, बीजेपी उम्मीदवार सतेंद्रभाई पटेल को 55,481 वोट मिले। वहीं कांग्रेस के उम्मीदवार भीखाभाई रबारी को 24,851 वोट प्राप्त हुए। बता दें दोनों उम्मीदवारों के बीच 30,630 वोटों का बड़ा अंतर रहा, जो इस सीट पर बीजेपी की मजबूत स्थिति को दर्शाता है। ऐसे में दिलचस्प बात यह रही कि चुनाव में NOTA तीसरे स्थान पर रहा। करीब 2,247 मतदाताओं ने किसी भी उम्मीदवार को वोट नहीं देने का फैसला करते हुए NOTA का विकल्प चुना।

आखिर कौन हैं सतेंद्रभाई पटेल?

मांजलपुर से जीत दर्ज करने वाले सतेंद्र गोविंदभाई पटेल, जिन्हें सतीश पटेल के नाम से भी जाना जाता है, गुजरात की राजनीति में लंबे समय से सामाजिक और सहकारी क्षेत्र से जुड़े रहे हैं। हालांकि वे बड़े राजनीतिक चेहरों की तरह लगातार सुर्खियों में नहीं रहे, लेकिन संगठन के भीतर उनकी सक्रियता और सामाजिक कामों को देखते हुए बीजेपी ने उन पर भरोसा जताया।

चुनावी हलफनामे के अनुसार उनकी उम्र 62 वर्ष है। उन्होंने वर्ष 1983 में वडोदरा से 10वीं तक की पढ़ाई पूरी की। उन्होंने अपने पेशे के रूप में किसान, कारोबारी और समाजसेवी का उल्लेख किया है। उनकी पत्नी गृहिणी हैं और परिवार लंबे समय से सामाजिक गतिविधियों से जुड़ा रहा है।

कितनी है संपत्ति?

हलफनामे के मुताबिक सतेंद्रभाई पटेल के पास करीब 51.52 करोड़ रुपये की कुल संपत्ति है। जिसमें खास बात यह है कि उनके खिलाफ कोई भी आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। चुनावी राजनीति में यह तथ्य भी चर्चा का विषय बना रहा कि करोड़ों की संपत्ति होने के बावजूद उनका रिकॉर्ड पूरी तरह साफ है।

सहकारी क्षेत्र से रहा गहरा जुड़ाव

सतेंद्रभाई पटेल लंबे समय से गुजरात के कोऑपरेटिव सेक्टर और विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े रहे हैं। उन्होंने कई स्थानीय विकास कार्यों और सामाजिक कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाई है।

राजनीतिक एक्सपर्ट्स का मानना है कि भले ही वे मीडिया में ज्यादा दिखाई नहीं देते थे, लेकिन स्थानीय स्तर पर उनकी अच्छी पकड़ और संगठन में मजबूत छवि के कारण बीजेपी ने उन्हें टिकट दिया।

क्यों महत्वपूर्ण है मांजलपुर सीट?

मांजलपुर विधानसभा सीट गुजरात की महत्वपूर्ण शहरी सीटों में गिनी जाती है। जिसमें यह सीट 2008 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई थी। तब से लेकर अब तक इस सीट पर बीजेपी का दबदबा बना हुआ है।

दिवंगत विधायक योगेश पटेल ने लगातार 2012, 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में जीत दर्ज की थी। उनके निधन के बाद सीट खाली हुई और उपचुनाव कराए गए।

बीजेपी के लिए यह चुनाव केवल एक सीट बचाने का मामला नहीं था, बल्कि अपनी राजनीतिक पकड़ बनाए रखने की भी परीक्षा थी। नतीजों ने दिखा दिया कि पार्टी अभी भी इस क्षेत्र में मजबूत स्थिति में है।

कांग्रेस को नहीं मिला उम्मीद के मुताबिक समर्थन

कांग्रेस ने इस चुनाव में भीखाभाई रबारी को उम्मीदवार बनाया था। चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस ने स्थानीय मुद्दों, महंगाई और विकास के सवालों को उठाया, लेकिन इसका असर वोटों में दिखाई नहीं दिया। ऐसे में चुनाव हारने के बाद कांग्रेस उम्मीदवार ने जनता के फैसले का सम्मान किया। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि मतदान के अंतिम चरण में ऐसा माहौल बना जिससे निष्पक्ष मतदान प्रभावित हुआ। हालांकि चुनाव प्रक्रिया को लेकर किसी आधिकारिक एजेंसी की ओर से ऐसी किसी शिकायत की पुष्टि नहीं की गई।

NOTA भी बना चर्चा का विषय

इस उपचुनाव में एक दिलचस्प तथ्य यह भी रहा कि NOTA तीसरे स्थान पर रहा। लगभग 2,247 मतदाताओं ने किसी भी उम्मीदवार को पसंद नहीं किया और NOTA का बटन दबाया।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि NOTA पर मिले वोट यह संकेत देते हैं कि कुछ मतदाता उपलब्ध उम्मीदवारों से संतुष्ट नहीं थे। हालांकि इससे चुनाव परिणाम पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा क्योंकि बीजेपी ने बड़ी बढ़त के साथ जीत हासिल की।

BJP कार्यकर्ताओं में जश्न

चुनाव परिणाम घोषित होते ही मांजलपुर और वडोदरा के कई इलाकों में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने मिठाइयां बांटी और जीत का जश्न मनाया। पार्टी नेताओं ने इसे संगठन की मेहनत और जनता के भरोसे की जीत बताया।

ऐसे में बीजेपी का कहना है कि यह जीत राज्य सरकार की विकास योजनाओं और जनता के विश्वास का परिणाम है। वहीं पार्टी अब इस सीट पर विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की बात कर रही है।

अब आगे क्या होगी चुनौती?

अब सतेंद्रभाई पटेल के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने क्षेत्र की जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना होगी। उन्हें दिवंगत विधायक योगेश पटेल द्वारा शुरू किए गए विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के साथ-साथ नए विकास कार्यों पर भी ध्यान देना होगा। जिसमें स्थानीय लोगों की अपेक्षा है कि सड़क, जल निकासी, शहरी सुविधाओं, ट्रैफिक प्रबंधन और नागरिक सेवाओं जैसे मुद्दों पर तेजी से काम किया जाएगा।

ये भी पढ़ें: Jantar Mantar Protest Case: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर SC सख्त, केंद्र सरकार को भेजा नोटिस, CJI सूर्यकांत ने कहा- गंभीर है मामला

Author

  • Aparna Panwar

    अपर्णा पवांर, एक हिंदी कंटेंट राइटर है, जिन्होंने डिजिटल मीडिया में अपनी लेखनी से पहचान बनाई। आज वे “Khaber Aaj Ki” में हिंदी कंटेंट राइटर के पद पर काम करते हुए पत्रकारिता को अपना जुनून मानती हैं। उनके विचारों में खबरें केवल सूचनाएं नहीं, बल्कि लोगों तक सच्चाई पहुँचाने का माध्यम हैं।

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