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PM House Protest: पीएम आवास के बाहर धरने में गिरफ्तारी के बाद राहुल-प्रियंका गांधी को पुलिस ने किया रिहा, कांग्रेस ने सरकार पर लगाए आरोप
कांग्रेस का मोदी सरकार पर हमला
कांग्रेस का मोदी सरकार पर हमला

PM House Protest: प्रधानमंत्री आवास के बाहर हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य विपक्षी नेताओं को हिरासत किया था, लेकिन अब पुलिस ने उन्हें रिहा कर दिया है। बताया जा रहा है कि उनके द्वारा करीब साढ़े तीन घंटे तक धरना चला और फिर बाद में पुलिस ने सभी नेताओं को हिरासत में लिया था। राहुल गांधी को छत्रसाल स्टेडियम (Chhatrasal Stadium) ले जाया गया, जबकि प्रियंका गांधी को मंदिर मार्ग थाने में रखा गया था। बाद में पुलिस ने सभी नेताओं को छोड़ दिया।

जानकारी के लिए बता दें कि यह विरोध-प्रदर्शन छात्रों से जुड़े (Protests Involving Students) मुद्दों और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर किया गया था, जिसमें कांग्रेस का आरोप है कि छात्रों के साथ अन्याय हुआ है और उनकी आवाज को दबाने की कोशिश हो रही है। कांग्रेस पार्टी ने इस पूरे मामले को संसद के भीतर और बाहर जोर-शोर से उठाने की बात कही है और साथ ही प्रदर्शन भी किया है।

राहुल गांधी ने सरकार पर साधा निशाना

रिहा होने के बाद राहुल गांधी ने मोदी सरकार (Modi Sarkar) पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुनना चाहिए। उनका कहना था कि छात्रों और युवाओं के साथ अन्याय हुआ है और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान उनके साथ कठोर व्यवहार किया गया।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग किया गया, कई छात्रों को चोटें आईं और छात्राओं के साथ भी गलत व्यवहार हुआ। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध (Peaceful sit-in Protest) करना नागरिकों का अधिकार है और इस तरह की घटनाएं लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस इस पूरे मुद्दे को संसद में उठाएगी।

प्रियंका गांधी ने लोकतंत्र का मुद्दा उठाया

प्रियंका गांधी ने भी मोदी सरकार (Modi Government) पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष लगातार चर्चा की मांग करता है, लेकिन उसे अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया जाता। उन्होंने कहा कि संसद में भी विपक्ष की आवाज दबाई जाती है और यदि शांतिपूर्ण धरने की अनुमति (Peaceful sit-in Protest) नहीं मिलती, तो लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने के लिए दूसरे रास्ते अपनाने पड़ते हैं।

वहीं, प्रियंका गांधी ने कहा है कि ये सभी छात्र देश का भविष्य हैं और उनकी समस्याओं को सुनना सरकार की पहली जिम्मेदारी है। उनके अनुसार अगर छात्र किसी उचित मुद्दे पर प्रदर्शन कर रहे हैं तो उनकी आवाज उठाना विपक्ष का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध-प्रदर्शन करना हर नागरिक का मौलिक अधिकार (Fundamental Right of a citizen) है।

सोनिया गांधी पहुंचीं मंदिर मार्ग थाना

प्रियंका गांधी को हिरासत में लिए जाने के बाद कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी स्वयं मंदिर मार्ग थाने (Mandir Marg Police Station) पहुंचीं। उन्होंने वहां मौजूद कांग्रेस नेताओं से मुलाकात की और स्थिति की जानकारी ली। वहीं राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव को छत्रसाल स्टेडियम (Chhatrasal Stadium) में रखा गया था।

सोनिया गांधी के थाने पहुंचने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भी हलचल बढ़ गई और पार्टी नेताओं ने इसे विपक्ष की एकजुटता का संदेश बताया गया है।

कई राज्यों में कांग्रेस का विरोध-प्रदर्शन

खबरों के अनुसार, दिल्ली में कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद देश के कई राज्यों में पार्टी कार्यकर्ताओं ने विरोध-प्रदर्शन किया। राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और चंडीगढ़ सहित कई राज्यों में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

कांग्रेस का कहना है कि छात्रों के मुद्दे पर मोदी सरकार जवाब देने से बच रही है और विरोध की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि अगर मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन आगे भी जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।

कांग्रेस की प्रमुख मांगें

इस पूरे मामले को लेकर कांग्रेस ने सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं। पार्टी का कहना है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री (Union Education Minister) को पद से हटाया जाए। छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के मामले में केंद्रीय गृह मंत्री संसद में बयान दें। दिल्ली पुलिस की कार्रवाई (Delhi Police’s Action) की निष्पक्ष जांच कराई जाए। विरोध-प्रदर्शन और पेपर लीक से जुड़े मामलों में दोनों सदनों में विस्तृत चर्चा कराई जाए। इसके अलावा आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा देने की भी मांग की गई है।

आगे की रणनीति क्या है?

राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेताओं की जेल से रिहाई (Release from Prison) के बाद भी यह मामला राजनीतिक रूप से गर्म बना हुआ है। कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि वह छात्रों के मुद्दे को संसद और सड़क दोनों जगह उठाएगी। वहीं केंद्र सरकार (Central Government) की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर आने वाली प्रतिक्रिया और संसद में होने वाली चर्चा पर सभी की नजर बनी हुई है।

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Author

  • Aparna Panwar

    अपर्णा पवांर, एक हिंदी कंटेंट राइटर है, जिन्होंने डिजिटल मीडिया में अपनी लेखनी से पहचान बनाई। आज वे “Khaber Aaj Ki” में हिंदी कंटेंट राइटर के पद पर काम करते हुए पत्रकारिता को अपना जुनून मानती हैं। उनके विचारों में खबरें केवल सूचनाएं नहीं, बल्कि लोगों तक सच्चाई पहुँचाने का माध्यम हैं।

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