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Patna News: बंटी यादव किडनैपिंग-मर्डर केस का मुख्य आरोपी पुलिस मुठभेड़ में घायल,पैर में लगी गोली
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Patna News: बिहार की राजधानी पटना में चर्चित बंटी यादव किडनैपिंग और मर्डर केस में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कई दिनों से फरार चल रहे मुख्य आरोपी रवीश कुमार उर्फ बीसी को गुरुवार तड़के पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई के दौरान उसके दाहिने पैर में गोली लगी। घायल आरोपी को तुरंत अस्पताल भेजा गया, जहां उसका इलाज जारी है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस को उम्मीद है कि बंटी यादव हत्याकांड से जुड़े कई अहम राज खुल सकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के बाद हत्या की साजिश, अपहरण और उसके आपराधिक नेटवर्क से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है।

सुबह तीन बजे चला ऑपरेशन

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई गुरुवार तड़के करीब तीन बजे की गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि बंटी यादव हत्याकांड का मुख्य आरोपी रवीश उर्फ बीसी बुद्धा कॉलोनी इलाके में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही बुद्धा कॉलोनी थाना पुलिस और जिला इंटेलिजेंस यूनिट (DIU) की टीम ने संयुक्त अभियान चलाते हुए इलाके की घेराबंदी कर दी। टीम ने आरोपी को पकड़ने के लिए सावधानीपूर्वक सर्च ऑपरेशन शुरू किया।

पुलिस पर की फायरिंग

पुलिस का कहना है कि जैसे ही टीम आरोपी के करीब पहुंची, उसने कथित तौर पर पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। बताया गया कि आरोपी की एक गोली पुलिस वाहन के बोनट पर भी लगी। अचानक हुई फायरिंग के बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जवाबी कार्रवाई की। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई आत्मरक्षा में की गई।

पैर में गोली लगने के बाद हुआ गिरफ्तार

जवाबी फायरिंग के दौरान रवीश उर्फ बीसी के दाहिने पैर में गोली लगी। गोली लगते ही आरोपी घायल होकर गिर पड़ा, जिसके बाद पुलिस ने उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया। घायल आरोपी को तत्काल पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है।

घटनास्थल से हथियार बरामद

पुलिस ने मुठभेड़ स्थल से एक हथियार भी बरामद किया है। बरामद हथियार को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है। जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि पुलिस टीम पर की गई कथित फायरिंग इसी हथियार से हुई थी या नहीं। इसके अलावा घटनास्थल से अन्य साक्ष्य भी एकत्र किए गए हैं।

फॉरेंसिक टीम ने जुटाए सबूत

मुठभेड़ की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। लॉ एंड ऑर्डर एएसपी कृष्ण मुरारी प्रसाद, फॉरेंसिक टीम, कोतवाली थाना पुलिस और डीआईयू के अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाए, ताकि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की जा सके।

क्या है बंटी यादव हत्याकांड?

यह मामला पटना के चर्चित कारोबारी बंटी यादव के अपहरण और हत्या से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, 6 जुलाई की रात बंटी यादव का कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित हनुमान मंदिर के पास से अपहरण कर लिया गया था। करीब पांच दिन बाद, 11 जुलाई को उनका शव अथमलगोला थाना क्षेत्र के एक खेत से बरामद हुआ। इस घटना के बाद पूरे पटना में सनसनी फैल गई थी।

कमाई के विवाद से जुड़ा मामला

पुलिस जांच में अब तक सामने आए तथ्यों के अनुसार, यह मामला कथित तौर पर अवैध शराब के कारोबार से होने वाली कमाई में हिस्सेदारी को लेकर हुए विवाद से जुड़ा है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि इसी विवाद के बाद बंटी यादव की हत्या की गई और शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की गई। हालांकि, मामले की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और आगे की जांच के बाद ही होगी।

पहले भी हो चुकी हैं कई गिरफ्तारियां

पुलिस इस मामले में पहले ही कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। लेकिन मुख्य आरोपी रवीश उर्फ बीसी लगातार फरार चल रहा था। उसकी तलाश के लिए कई स्थानों पर छापेमारी भी की गई थी। अब उसकी गिरफ्तारी को जांच में बड़ी सफलता माना जा रहा है।

पूछताछ में हो सकते हैं बड़े खुलासे

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रवीश उर्फ बीसी के खिलाफ पटना के कई थानों में हत्या के प्रयास, रंगदारी, लूट और अन्य गंभीर अपराधों के मामले दर्ज हैं। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान उसके गैंग, आर्थिक नेटवर्क और अन्य आपराधिक मामलों से जुड़े कई अहम खुलासे हो सकते हैं। इसके अलावा बंटी यादव हत्याकांड की पूरी साजिश और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी स्पष्ट हो सकती है।

आगे क्या करेगी पुलिस?

फिलहाल आरोपी का इलाज अस्पताल में चल रहा है। इलाज पूरा होने के बाद पुलिस उससे विस्तृत पूछताछ करेगी। इसके बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच एजेंसियां इस पूरे मामले में फॉरेंसिक रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्यों का भी इंतजार कर रही हैं।

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  • Sakshi Raj

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