
West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। कोलकाता नगर निगम (KMC) के तृणमूल कांग्रेस (TMC) पार्षद मोहम्मद जसीमुद्दीन को लेकर रविवार सुबह से राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मची रही। कोलकाता पुलिस ने मध्य कोलकाता के जोरासांको इलाके में स्थित उनके आवास पर छापेमारी की और बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद राज्य की राजनीति में नए विवाद की शुरुआत हो गई है।
पुलिस की यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब पहले से ही पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था और स्थानीय निकायों से जुड़े कई मामलों को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म है। मोहम्मद जसीमुद्दीन की गिरफ्तारी ने एक बार फिर तृणमूल कांग्रेस को विपक्ष के निशाने पर ला दिया है।
सुबह-सुबह पहुंची पुलिस टीम
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक रविवार सुबह करीब 6 बजे पुलिस की टीम जोरासांको स्थित मोहम्मद जसीमुद्दीन के घर पहुंची। पुलिस अधिकारियों के साथ केंद्रीय बलों के जवान भी मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पुलिस टीम घर के बाहर काफी देर तक मौजूद रही। बताया गया कि पुलिस अधिकारी पार्षद से पूछताछ करना चाहते थे, लेकिन शुरुआती घंटों में घर का दरवाजा नहीं खोला गया। जिसके बाद पूरे इलाके में इस घटना की चर्चा फैल गई।
कौन हैं मोहम्मद जसीमुद्दीन?
मोहम्मद जसीमुद्दीन कोलकाता नगर निगम के वार्ड नंबर 39 से तृणमूल कांग्रेस के पार्षद हैं। वह लंबे समय से स्थानीय राजनीति में सक्रिय रहे हैं और इलाके में उनका प्रभाव माना जाता है। हालांकि पिछले कुछ समय से उनके खिलाफ विभिन्न शिकायतें भी सामने आती रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रियल एस्टेट और अन्य गतिविधियों को लेकर कई बार विवाद की स्थिति बनी। हालांकि इन आरोपों पर जसीमुद्दीन की ओर से अलग-अलग समय पर सफाई भी दी गई थी।
किस मामले में हुई कार्रवाई?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पुलिस एक ऐसे मामले की जांच कर रही थी जो पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत दर्ज किया गया है। सूत्रों का कहना है कि पुलिस इस मामले में जसीमुद्दीन से पूछताछ करना चाहती थी। इससे पहले इलाके से उनके एक करीबी सहयोगी को नाबालिग के साथ कथित छेड़छाड़ के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। जांच एजेंसियों का मानना है कि मामले से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण सवालों के जवाब जसीमुद्दीन से लिए जाने थे। हालांकि पुलिस की ओर से आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है।
इलाके में जुटी भीड़
पुलिस कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में लोगों की भीड़ जमा होने लगी। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने पुलिस कार्रवाई का समर्थन किया, जबकि कुछ लोग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते नजर आए। सूत्रों के अनुसार कुछ लोग हाथों में अंडे लेकर भी पहुंचे थे और उन्होंने पार्षद के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। इलाके में माहौल को नियंत्रित रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया।
TMC के लिए बढ़ी मुश्किलें?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला तृणमूल कांग्रेस के लिए असहज स्थिति पैदा कर सकता है। पिछले कुछ वर्षों में पार्टी के कई स्थानीय नेताओं और पार्षदों के खिलाफ अलग-अलग मामलों में कार्रवाई हुई है। इन मामलों को लेकर विपक्ष लगातार राज्य सरकार और तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधता रहा है। जसीमुद्दीन की गिरफ्तारी के बाद भी विपक्षी दलों ने सरकार पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।
पहले भी कई पार्षद हो चुके हैं गिरफ्तार
जानकारों के अनुसार कोलकाता नगर निगम के कई पार्षद पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न मामलों में जांच एजेंसियों के रडार पर रहे हैं। कुछ मामलों में जबरन वसूली, भ्रष्टाचार और चुनावी हिंसा से जुड़े आरोप भी सामने आए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक सात से अधिक तृणमूल पार्षदों को अलग-अलग मामलों में गिरफ्तार किया जा चुका है। इन घटनाओं ने राज्य की राजनीति में लगातार बहस को जन्म दिया है।
हाल ही में बाप्पादित्य दासगुप्ता भी आए थे चर्चा में
मोहम्मद जसीमुद्दीन की गिरफ्तारी से पहले पटुली क्षेत्र के पार्षद बाप्पादित्य दासगुप्ता भी पुलिस कार्रवाई के कारण चर्चा में आए थे। उन पर कथित जबरन वसूली के आरोप लगाए गए थे। गिरफ्तारी के बाद स्थानीय स्तर पर विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिला था। इस तरह की लगातार घटनाओं ने पश्चिम बंगाल की स्थानीय राजनीति को सुर्खियों में बनाए रखा है।
विपक्ष को मिला नया मुद्दा
भारतीय जनता पार्टी और अन्य विपक्षी दलों ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर तृणमूल कांग्रेस पर हमला बोलना शुरू कर दिया है। विपक्ष का आरोप है कि राज्य में स्थानीय स्तर पर भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग के मामले बढ़ रहे हैं। हालांकि तृणमूल कांग्रेस की ओर से अभी तक इस मामले पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पार्टी नेताओं का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है और जांच पूरी होने का इंतजार किया जाना चाहिए।
पुलिस जांच जारी
कोलकाता पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां डिजिटल रिकॉर्ड, दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों की भी पड़ताल कर रही हैं। यदि जांच में और तथ्य सामने आते हैं तो मामले में आगे की कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।
बंगाल की राजनीति में बढ़ी हलचल
मोहम्मद जसीमुद्दीन की गिरफ्तारी ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल बढ़ा दी है। राजनीतिक दल इस मामले को अपने-अपने तरीके से देख रहे हैं। एक ओर जहां विपक्ष इसे कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार से जोड़ रहा है, वहीं तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। फिलहाल पूरे राज्य की नजर इस मामले की आगे की जांच और अदालत में होने वाली कानूनी प्रक्रिया पर टिकी हुई है। आने वाले दिनों में यह मामला पश्चिम बंगाल की राजनीति में और बड़ा मुद्दा बन सकता है।
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