ममता बनर्जी की बैठकों में विधायकों की मौजूदगी लगातार घटती गई, जिससे संगठन पर सवाल उठे
6 मई की बैठक में 80 में से 70 विधायक पहुंचे, जबकि 10 विधायक गैरहाजिर रहे
19 मई की बैठक में सिर्फ 45 विधायक पहुंचे, 35 विधायक अनुपस्थित रहे
31 मई की बैठक में हालात और खराब हुए, केवल 20 विधायक पहुंचे और 60 विधायक गायब रहे
नेता प्रतिपक्ष के चयन को लेकर कई विधायकों ने नाराजगी जताई और गुटबाजी के आरोप लगे
फर्जी हस्ताक्षर विवाद के बाद मामला CID जांच तक पहुंच गया, जिससे पार्टी की मुश्किलें बढ़ीं
इस्तीफे, निष्कासन और बगावती सुरों के बीच TMC नेतृत्व के सामने पार्टी को एकजुट रखने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है