सुप्रीम कोर्ट ने बिहार के पंचायती राज मंत्री Deepak Prakash की नियुक्ति और पुनर्नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई की
अदालत ने इस मामले में बिहार सरकार और चुनाव आयोग (EC) सहित संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है
याचिका में आरोप लगाया गया है कि दीपक प्रकाश विधायक या विधान परिषद सदस्य नहीं होने के बावजूद मंत्री पद पर बने हुए हैं
याचिकाकर्ता ने उनकी 7 मई 2026 की पुनर्नियुक्ति को संविधान के अनुच्छेद 164(4) के खिलाफ बताया है
संविधान के अनुच्छेद 164(4) के अनुसार, कोई गैर-विधायक अधिकतम छह महीने तक ही मंत्री रह सकता है, उसके बाद उसे सदन का सदस्य बनना जरूरी होता है
याचिका में दीपक प्रकाश की निरंतर मंत्री पद पर मौजूदगी को असंवैधानिक घोषित करने की मांग की गई है
सुप्रीम कोर्ट ने मामले को महत्वपूर्ण संवैधानिक प्रश्न बताते हुए पक्षकारों से जवाब तलब किया है
इस मामले का असर बिहार सरकार और मंत्री पद की संवैधानिक वैधता से जुड़ी बहस पर पड़ सकता है