28 अगस्त को सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधना शुभ माना जा रहा है। इस दौरान पूर्णिमा तिथि रहेगी।
सुबह के शुभ समय के अलावा 11:56 बजे से 12:48 बजे तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा। इस दौरान भी राखी बांधी जा सकती है।
28 अगस्त को सुबह 10:46 बजे से दोपहर 12:22 बजे तक राहुकाल रहेगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस समय राखी बांधने से बचना चाहिए।
रक्षाबंधन के आसपास चंद्र ग्रहण को लेकर लोगों में असमंजस है। हालांकि, भारत में चंद्र ग्रहण दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां इसका धार्मिक प्रभाव मान्य नहीं माना जाएगा।
थाली में रोली, चंदन, अक्षत, दही, राखी, मिठाई और दीपक रखें। भाई को पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुंह करके बैठाएं। पहले तिलक लगाएं, फिर राखी बांधकर आरती करें।
राखी में तीन गांठें लगाना शुभ माना जाता है। पहली गांठ भाई की लंबी उम्र, दूसरी रक्षा के संकल्प और तीसरी भाई-बहन के रिश्ते में प्रेम और मिठास की कामना का प्रतीक मानी जाती है।
मान्यता है कि राजसूय यज्ञ के समय द्रौपदी ने भगवान कृष्ण की कलाई पर अपने वस्त्र का टुकड़ा बांधा था। इसी कथा को रक्षाबंधन की परंपरा से जोड़ा जाता है। यह पर्व भाई-बहन के प्रेम और रक्षा के संकल्प का प्रतीक है।