पीएम मोदी और राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव ने दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करने पर चर्चा की। रणनीतिक साझेदारी को व्यापक रणनीतिक साझेदारी तक ले जाने पर जोर दिया गया।
भारत और उज्बेकिस्तान के बीच लंबी अवधि की यूरेनियम सप्लाई व्यवस्था बनाने पर सहमति बनी। इससे भारत के परमाणु ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती मिल सकती है।
दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के स्तर पर एक समन्वय परिषद बनाने का फैसला लिया गया है। यह परिषद द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा करेगी।
भारत और उज्बेकिस्तान जल्द बिजनेस समिट आयोजित करेंगे। इसका उद्देश्य व्यापार और निवेश के नए अवसर तलाशना होगा।
दोनों देशों के बीच तीन सिस्टर-सिटी और सिस्टर-स्टेट समझौते किए जा रहे हैं। इससे शिक्षा, संस्कृति, तकनीक और व्यापार में सहयोग बढ़ेगा।
राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के मुताबिक, पिछले साल भारत-उज्बेकिस्तान का द्विपक्षीय व्यापार पहली बार 1 अरब डॉलर से अधिक पहुंचा।
उज्बेकिस्तान ने भारतीय नागरिकों के लिए 30 दिन की वीजा-फ्री सुविधा शुरू की है। इससे पर्यटन, कारोबार और लोगों के बीच संपर्क बढ़ने की उम्मीद है।