प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में युवाओं को ‘दिमागी नक्सल’ के बहकावे में न आने की चेतावनी दी।

पीएम के इस बयान पर कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी और इसे असहमति की आवाज दबाने की कोशिश बताया।

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि पहले विरोधियों को ‘अर्बन नक्सल’ कहा जाता था, अब ‘दिमागी नक्सल’ कहा जा रहा है।

जयराम रमेश ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए ‘मास्टर अब्यूजर’ की डिग्री वाला तंज भी कसा।

महिला आरक्षण को लेकर पीएम मोदी ने सभी दलों से मतभेद भुलाकर संसद और विधानसभाओं में 33% आरक्षण सुनिश्चित करने की अपील की।

कांग्रेस ने महिला आरक्षण को लेकर केंद्र सरकार की नीयत पर सवाल उठाए और कहा कि कानून पहले ही पारित हो चुका है।

अखिलेश यादव ने केंद्र से 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में महिला आरक्षण लागू करने की मांग की। वाम दलों ने भी परिसीमन के बजाय मौजूदा सीटों पर इसे लागू करने की बात कही।

बीजेपी ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए पीएम मोदी के भाषण को विकसित और आत्मनिर्भर भारत का रोडमैप बताया।