बढ़ती आबादी के हिसाब से लोगों को बेहतर राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की योजना है.
सीटें बढ़ाने के लिए संविधान संशोधन जरूरी होगा.
लोकसभा और राज्यसभा, दोनों में दो-तिहाई बहुमत के बिना बदलाव संभव नहीं है.
संविधान का अनुच्छेद 81 राज्यों की आबादी के आधार पर लोकसभा सीटों का बंटवारा तय करता है.
तमिलनाडु, केरल जैसे राज्यों को डर है कि नई व्यवस्था में उनकी हिस्सेदारी घट सकती है.
नई सीटों का निर्धारण परिसीमन और जनगणना के बाद ही संभव होगा.
महिला आरक्षण कानून का लागू होना भी परिसीमन की प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है.