
UP Board New Guidelines: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर इस बार सरकार ने सख्त नियम जारी किए हैं। जिसमें हर साल नकल, अव्यवस्था और परीक्षार्थियों के साथ अभद्र व्यवहार की जो शिकायतें सामने आती थीं, उन्हें देखते हुए परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी, अनुशासित और सम्मानजनक बनाने पर जोर दिया गया है। यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 में न केवल तकनीक का व्यापक इस्तेमाल होगा, बल्कि मानवीय गरिमा और निष्पक्षता को भी केंद्र में रखा गया है।
जूते-मोजे उतरवाकर परीक्षा पर लगी रोक
दरअसल, सरकार ने आदेश दिए हैं कि अब किसी भी परीक्षार्थी को जूते या मोजे उतरवाकर परीक्षा नहीं ली जाएगी। वहीं, पहले कई केंद्रों पर इस तरह की तलाशी को लेकर विवाद सामने आए थे, जिससे छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी थी। नए नियमों के अनुसार परीक्षार्थियों की पूरी तलाशी परीक्षा केंद्र के मुख्य द्वार पर ही की जाएगी। कक्षा में प्रवेश के बाद किसी भी छात्र को असुविधा या अपमान का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसे छात्रों के सम्मान और मानसिक सहजता की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
CCTV और वॉयस रिकॉर्डर की रोजाना जांच अनिवार्य
परीक्षा केंद्रों पर लगे CCTV कैमरे और वॉयस रिकॉर्डर इस बार सिर्फ औपचारिकता नहीं रहेंगे। शासनादेश के मुताबिक इन सभी उपकरणों की रोजाना जांच होगी। अगर कोई कैमरा या रिकॉर्डर खराब पाया गया तो उसकी सूचना तुरंत जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) और कंट्रोल रूम को देनी होगी। साफ कहा गया है कि CCTV और वॉयस रिकॉर्डर के बिना किसी भी हालत में परीक्षा नहीं कराई जाएगी। खराब उपकरणों को तुरंत दुरुस्त कराना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी।
छात्राओं की तलाशी सिर्फ महिला शिक्षिकाएं करेंगी
छात्राओं की गरिमा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी भी छात्रा की तलाशी पुरुष शिक्षक नहीं करेंगे। यह जिम्मेदारी केवल महिला शिक्षिकाओं को दी गई है। साथ ही केंद्र व्यवस्थापक और कक्ष निरीक्षकों को सख्त निर्देश हैं कि परीक्षार्थियों से किसी भी प्रकार का अभद्र या कठोर व्यवहार न किया जाए।
उसी विषय के शिक्षक की ड्यूटी नहीं
निष्पक्षता बनाए रखने के लिए एक अहम फैसला यह लिया गया है कि जिस विषय की परीक्षा चल रही हो, उस विषय के शिक्षकों की ड्यूटी उसी केंद्र पर नहीं लगाई जाएगी। इससे किसी भी तरह के पक्षपात या संदेह की गुंजाइश खत्म होगी। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों पर बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी।
मीडिया एंट्री और फोटोग्राफी पर प्रतिबंध
परीक्षा के दौरान केंद्रों पर फोटोग्राफी नहीं होगी और न ही मीडिया या प्रेस को किसी तरह की ब्रीफिंग दी जाएगी। सरकार का मानना है कि मीडिया की मौजूदगी से परीक्षा का माहौल प्रभावित होता है और अनावश्यक दबाव बनता है। इसलिए इस बार परीक्षा केंद्र पूरी तरह नियंत्रित और शांत वातावरण में संचालित होंगे।
नकल पर सख्त कार्रवाई
अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों, संयुक्त शिक्षा निदेशकों और DIOS को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नकल पर किसी भी कीमत पर लगाम लगाई जाए। अब “कैमरा खराब था” या “रिकॉर्डिंग नहीं हो पाई” जैसे बहाने स्वीकार नहीं किए जाएंगे। जहां भी गड़बड़ी मिलेगी, वहां सीधे जिम्मेदारी तय की जाएगी।
उत्तर पुस्तिका के हर पेज पर रोल नंबर
इस बार बोर्ड परीक्षा में एक नया नियम जोड़ा गया है। परीक्षार्थियों को अपनी उत्तर पुस्तिका के हर पेज पर रोल नंबर और उत्तर पुस्तिका क्रमांक लिखना अनिवार्य होगा। केंद्र व्यवस्थापक और कक्ष निरीक्षक यह सुनिश्चित करेंगे कि यह नियम सख्ती से लागू हो। इससे उत्तर पुस्तिकाओं की अदला-बदली या गड़बड़ी की संभावना कम होगी।
मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट पूरी तरह बैन
परीक्षा ड्यूटी में लगे सभी कक्ष निरीक्षक और कर्मचारी अपने मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट परीक्षा केंद्र के बाहर ही जमा कराएंगे। परीक्षा समाप्त होने के बाद उत्तर पुस्तिकाओं को CCTV और वॉयस रिकॉर्डर की निगरानी में पैक कर संकलन केंद्र भेजा जाएगा।
30 दिन तक सुरक्षित रहेगी रिकॉर्डिंग
बता दें कि, CCTV कैमरे और वॉयस रिकॉर्डर की DVR रिकॉर्डिंग कम से कम 30 दिनों तक सुरक्षित रखना अनिवार्य होगा। परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया जाएगा और उसकी रिपोर्ट रोजाना सेक्टर और स्टैटिक मजिस्ट्रेट जिलाधिकारी तथा DIOS को सौंपेंगे।
संवेदनशील केंद्रों पर सशस्त्र पुलिस
संवेदनशील और अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर सशस्त्र पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। इसके साथ ही 50 प्रतिशत केंद्रों पर वाह्य कक्ष निरीक्षकों द्वारा जांच कर रिपोर्ट दी जाएगी, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को समय रहते रोका जा सके।
यूपी बोर्ड परीक्षा 2026, एक नजर
- प्रदेश में कुल परीक्षा केंद्र: 8033
- कुल परीक्षार्थी: 52.30 लाख
- हाईस्कूल परीक्षार्थी: 27.50 लाख
- इंटरमीडिएट परीक्षार्थी: 24.79 लाख
- परीक्षा अवधि: 18 फरवरी से 12 मार्च






