
श्रीनगर में शनिवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया जब शहर की पहचान मानी जाने वाली डल झील के पास स्थित एक गेस्ट हाउस में अचानक भीषण आग लग गई.आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कुछ ही मिनटों में गेस्ट हाउस का बड़ा हिस्सा चपेट में आ गया.घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
सुबह-सुबह लगी आग, इलाके में मचा हड़कंप
मिली जानकारी के अनुसार आग सुबह के समय लगी, जब गेस्ट हाउस में कुछ पर्यटक और कर्मचारी मौजूद थे. अचानक उठते धुएं और आग की तेज लपटों को देखकर आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी.
स्थानीय लोगों का कहना है कि,आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में लकड़ी से बने हिस्से पूरी तरह से जलने लगे डल झील के आसपास मौजूद पर्यटकों में भी डर का माहौल छा गया.
फायर ब्रिगेड की टीम ने संभाली स्थिति
सूचना मिलते ही श्रीनगर फायर एंड इमरजेंसी सर्विस की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं. फायर ब्रिगेड की टीम ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. आग बुझाने के दौरान स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीम भी मौके पर मौजूद रही.
फायर ब्रिगेड के अधिकारियों के अनुसार आग बुझाने में कई घंटे लगे. लेकिन,आसपास की इमारतों को सुरक्षित बचा लिया गया जिससे और बड़ा हादसा होने से टल गया.
किसी के हताहत होने की खबर नहीं
राहत की बात यह रही कि इस भीषण आग की घटना में अब तक किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है.प्रशासन के अनुसार गेस्ट हाउस में मौजूद सभी लोगों को समय रहते सही सलामत बाहर निकाल लिया गया था.
हालांकि आग की चपेट में आने से गेस्ट हाउस को भारी नुकसान पहुंचा है. कमरा,फर्नीचर और अन्य सामान के जलने की खबर है.
आग लगने की वजह अब तक साफ नहीं
फिलहाल आग लगने के कारणों का पता कुछ पता नहीं चल पाया है.शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट,रसोई गैस से जुड़ी लापरवाही या हीटर के अधिक इस्तेमाल
जैसे कारणों की आशंका जताई जा रही है. पुलिस और फायर विभाग की संयुक्त टीम मामले की जांच कर रही है.
डल झील क्षेत्र में सुरक्षा पर उठे सवाल
डल झील के आसपास बड़ी संख्या में होटल,गेस्ट हाउस,हाउसबोट मौजूद हैं, जहां हर साल हजारों पर्यटक ठहरते हैं.ऐसे में इस घटना के बाद फायर सेफ्टी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
स्थानीय लोगों और पर्यटन से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि पुराने गेस्ट हाउसों में फायर सेफ्टी उपकरणों की कमी,नियमित जांच का अभाव,और आपात स्थिति में सीमित संसाधन जैसी समस्याएं अब सामने आ रही हैं.
प्रशासन ने दिए जांच के आदेश
जम्मू-कश्मीर की प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच के आदेश,फायर सेफ्टी ऑडिट और आसपास के गेस्ट हाउसों और होटलों की जांच के निर्देश दिए हैं.
प्रशासन का कहना है कि दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे.
पर्यटकों में बना चिंता का माहौल
घटना के बाद श्रीनगर आए पर्यटकों में भी चिंता का माहौल बन गया है. कुछ पर्यटकों का कहना है की आग की लपटें दूर से दिखाई दे रही थीं जिससे अफरा-तफरी के कारण कुछ देर के लिए डर का माहौल बन गया.
हालांकि प्रशासन की मौजूदगी से स्थिति को जल्द ही संभाल लिया गया.
पर्यटन विभाग ने पर्यटकों को आश्वासन दिया है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी को घबराने की जरूरत नहीं है.
स्थानीय लोगों की रही अहम भूमिका
आग लगने के बाद स्थानीय लोगों ने भी राहत और बचाव कार्य में अहम भूमिका निभाई.कई लोगों ने आग बुझाने में मदद की और पानी और संसाधन उपलब्ध कराए. गेस्ट हाउस में मौजूद लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला. जिससे स्थानीय निवासियों की सूझबूझ से एक बड़ा हादसा होने से टल गया.
भविष्य के लिए बनी सबक
इस घटना ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि फायर सेफ्टी नियमों का पालन बेहद जरूरी है.पुराने ढांचों में आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था जरूरी और आपातकालीन स्थिति के लिए तैयारी अनिवार्य है.
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते फायर सेफ्टी उपायों को मजबूत किया जाए, तो ऐसी घटनाओं से बचा जा सकता है.






