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Silver Price Record High: 30 दिन में 1 लाख महंगी हुई चांदी, चीन कनेक्शन के साथ-साथ ये बड़े कारण
Current image: 30 दिन में 1 लाख महंगी हुई चांदी

Silver Price Record High: चांदी की कीमतों ने बनाया नया रिकॉर्ड। केवल 30 दिनों में चांदी के भाव में इतना उछाल। यहां जानें पूरी डिटेल

Silver Price Record High: चांदी की कीमतों में इतना ज्यादा उछाल की अब चांदी के दामों ने इतिहास रच दिया है। वहीं आज 19 जनवरी 2026 को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी पहली बार 3 लाख रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गई है। वहीं, कारोबारी हफ्ते के पहले दिन चांदी का भाव 3,04,000 रुपये प्रति किलो के आसपास बना रहा था। जिसमें यह निवेशकों और बाजार दोनों के लिए चौंकाने वाला रिकॉर्ड है।

जानकारी के लिए बता दें कि यदि आप पिछले आंकड़ों पर नजर डालें तो 19 दिसंबर 2025 को चांदी के भाव 2,03,500 रुपये प्रति किलो था। यानी सिर्फ 30 दिन में चांदी 1 लाख रुपये महंगी हो गई। इतना ही नही, बीते एक साल में चांदी 1 लाख से बढ़कर पहले 2 लाख और अब 3 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुकी है।

चीन कनेक्शन बना वजह

दरअसल, चांदी की कीमतों में इस बढ़ोतरी के पीछे चीन का एक बड़ा कारण माना जा रहा है। बता दें कि, चीन में चांदी अंतरराष्ट्रीय कीमत से ज्यादा प्रीमियम पर बिक रही है। वहीं, इसका साफ मतलब है कि वहां मांग सप्लाई से ज्यादा है। जबकि चीन में चांदी महंगी बिकती है तो इसका असर लंदन और न्यूयॉर्क जैसे ग्लोबल बाजारों पर भी पड़ता है। वहीं, चीन का सबसे बड़ा सोलर पैनल निर्माता और निर्यातक है। हर सोलर पैनल में चांदी का इस्तेमाल होता है। जैसे-जैसे चीन में मैन्युफैक्चरिंग और ग्रीन एनर्जी पर फोकस बढ़ रहा है, वैसे-वैसे चांदी की मांग भी तेजी से बढ़ रही है।

अन्य वजह

बता दें कि, ग्लोबल आर्थिक अनिश्चितता, डॉलर और मुद्रा बाजारों में उतार-चढ़ाव और सुरक्षित निवेश की तलाश ने भी चांदी की मांग बढ़ाई है। जिसमें सोने की तुलना में चांदी ने हाल ही के महीनों में बेहतर रिटर्न दिया है, जिससे निवेशकों का रुझान इसकी ओर बढ़ा है। वहीं, इसके अलावा चांदी का खास इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), सोलर पैनल और अन्य उद्योगों में तेजी से बढ़ रहा है। जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में डिमांड लगातार बढ़ती जा रही है।

सराफा बाजार पर बड़ा असर

चांदी की ऊंची कीमतों का असर सराफा बाजार में भी दिख रहा है। जिसमें ज्वेलरी और पारंपरिक इस्तेमाल के लिए फिजिकल चांदी की मांग में कमी आई है। हालांकि, चांदी ETF और डिजिटल निवेश विकल्पों में निवेशकों का इंट्रेस्ट बना हुआ है।

निवेश करना सही या नहीं

एक्सपर्ट्स का कहना है कि, मौजूदा स्तर पर शॉर्ट टर्म में निवेश करना अभी रिस्क लेने जैसा हो सकता है। लेकिन अगर आप शुरू से इसमें कार्य कर रहें हैं, तो थोड़ा-थोड़ा करके निवेश किया जा सकता है। ग्लोबल अनिश्चितता को देखते हुए पोर्टफोलियो में चांदी जैसे एसेट्स से विविधता बनाए रखना फायदेमंद हो सकता है।

Author

  • Aparna Panwar

    अपर्णा पवांर, एक हिंदी कंटेंट राइटर है, जिन्होंने डिजिटल मीडिया में अपनी लेखनी से पहचान बनाई। आज वे “Khaber Aaj Ki” में हिंदी कंटेंट राइटर के पद पर काम करते हुए पत्रकारिता को अपना जुनून मानती हैं। उनके विचारों में खबरें केवल सूचनाएं नहीं, बल्कि लोगों तक सच्चाई पहुँचाने का माध्यम हैं।

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