
Shivraj Singh Chouhan: बिहार की राजनीति इन दिनों बेहद दिलचस्प मोड़ पर खड़ी है. नई सरकार के गठन को लेकर राज्य में हलचल तेज हो गई है और हर किसी की नजर इस बात पर टिकी है कि आखिर अगला मुख्यमंत्री कौन होगा. इसी बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बड़ा फैसला लेते हुए शिवराज सिंह चौहान को बिहार में विधायक दल का नेता चुनने के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किया है. यह फैसला ऐसे समय में आया है जब नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य बनने के बाद राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है.
नीतीश कुमार की भूमिका और बढ़ी सियासी हलचल
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद बिहार की सत्ता को लेकर नए समीकरण बनते नजर आ रहे हैं. उनके पटना लौटने के बाद लगातार नेताओं का उनसे मिलना-जुलना जारी है. राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि अब वह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं, जिससे नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो जाएगी.
शिवराज सिंह चौहान को मिली अहम जिम्मेदारी
बीजेपी नेतृत्व ने बिहार में मुख्यमंत्री के चयन की जिम्मेदारी शिवराज सिंह चौहान को सौंपी है. अरुण सिंह द्वारा जारी प्रेस रिलीज में इस बात की पुष्टि की गई कि शिवराज सिंह चौहान को पर्यवेक्षक बनाया गया है, जो विधायक दल की बैठक में नए नेता के चयन की प्रक्रिया को पूरा करेंगे. यह जिम्मेदारी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इसी प्रक्रिया के जरिए बिहार के अगले मुख्यमंत्री का नाम तय होगा.
कब होगा नए मुख्यमंत्री का ऐलान?
हालांकि अभी तक विधायक दल की बैठक की तारीख तय नहीं हुई है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक 14 अप्रैल के आसपास बड़ा फैसला हो सकता है. बताया जा रहा है कि 14 अप्रैल को होने वाली कैबिनेट बैठक नीतीश कुमार के कार्यकाल की आखिरी बैठक हो सकती है. इसके बाद नए मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगने की संभावना है.
कैबिनेट बैठक पर टिकी नजरें
सरकारी कार्यक्रम के अनुसार, 14 अप्रैल को सुबह 11 बजे मुख्य सचिवालय में कैबिनेट बैठक बुलाई गई है. इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसके बाद सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू हो सकती है. सूत्रों के अनुसार, बैठक से पहले नीतीश कुमार डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण भी करेंगे.
बीजेपी के पाले में गया फैसला
इस पूरे घटनाक्रम के बीच बिहार के वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी का बयान भी काफी चर्चा में है. उन्होंने साफ कहा कि मुख्यमंत्री के नाम की अनुशंसा अब बीजेपी को करनी है. इसके बाद एनडीए विधायक दल की बैठक में नेता का चयन होगा. इस बयान के बाद यह लगभग साफ हो गया है कि अब बिहार में मुख्यमंत्री पद को लेकर अंतिम फैसला बीजेपी के हाथ में है.
एनडीए में चल रहा मंथन
नई सरकार के गठन को लेकर एनडीए के अंदर भी लगातार बैठकों का दौर जारी है. कौन मुख्यमंत्री बनेगा, किन नेताओं को कैबिनेट में जगह मिलेगी और सरकार का स्वरूप कैसा होगा इन सभी मुद्दों पर चर्चा चल रही है.
संभावित चेहरों पर चर्चा तेज
राजनीतिक गलियारों में कई नामों की चर्चा हो रही है, जो मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल हो सकते हैं. हालांकि, बीजेपी की ओर से अभी तक किसी नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है. शिवराज सिंह चौहान की भूमिका यहां बेहद अहम हो जाती है, क्योंकि वह सभी विधायकों से चर्चा कर अंतिम निर्णय लेने में मदद करेंगे.
बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव
अगर बिहार में सत्ता परिवर्तन होता है, तो यह राज्य की राजनीति में एक बड़ा बदलाव साबित होगा. इसका असर न केवल राज्य स्तर पर, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति पर भी देखने को मिल सकता है.
इस पूरे घटनाक्रम के बीच आम जनता की उत्सुकता भी बढ़ गई है. लोग जानना चाहते हैं कि नया मुख्यमंत्री कौन होगा और नई सरकार उनकी उम्मीदों पर कितना खरा उतर पाएगी.
आने वाले दिन होंगे अहम
बिहार की राजनीति के लिए आने वाले कुछ दिन बेहद अहम माने जा रहे हैं. हर दिन नई जानकारी सामने आ रही है और सियासी समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं.
फिलहाल बिहार के नए मुख्यमंत्री को लेकर सस्पेंस बरकरार है. हालांकि, यह तय है कि फैसला जल्द ही सामने आ जाएगा और राज्य को नया नेतृत्व मिलेगा. अब सबकी नजरें शिवराज सिंह चौहान और बीजेपी नेतृत्व पर टिकी हैं, जो इस बड़े फैसले को अंतिम रूप देंगे.
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