
शिमला में एक बार फिर मौसम ने करवट ले ली है. पहाड़ी राजधानी में बादल छाए रहने, ठंडी हवाएं चलने और तापमान में गिरावट दर्ज किए जाने से ठंड का असर तेज हो गया है. बीते कुछ दिनों की तुलना में मौसम अचानक ठंडा हो गया है, जिससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है.
मौसम में आए इस बदलाव ने शिमला और आसपास के इलाकों में जनजीवन को प्रभावित किया है. सुबह और शाम के समय ठंड ज्यादा महसूस की जा रही है, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई जा रही है.
बादलों की आवाजाही से बढ़ी शिमला की ठंड
शिमला में दिनभर बादलों की आवाजाही बनी हुई है. जैसे ,सूरज और बादलों के बीच लुका-छिपी का खेल चल रहा है, जिससे तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है. ठंडी हवाओं के कारण लोगों को गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है.
स्थानीय निवासियों का कहना है कि मौसम में अचानक आई ठंड ने प्रतिदिन की गतिविधियों को प्रभावित किया है. खासकर सुबह जल्दी निकलने वाले लोगों और स्कूली बच्चों को ज्यादा परेशानी का सामना करना पर रहा.
ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के हैं संकेत
मौसम विभाग के संकेतों के अनुसार शिमला के आसपास के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बर्फबारी की संभावना बनी हुई है. कुफरी, नारकंडा और फागू जैसे इलाकों में तापमान तेजी से गिर रहा है, जिससे वहां बर्फबारी के हालात बन सकते हैं. अगर बर्फबारी होती है, तो यह पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकता है, लेकिन साथ ही यातायात और जनजीवन पर असर भी डाल सकती है.
न्यूनतम तापमान में आई गिरावट
शिमला में अधिकतम और न्यूनतम तापमान दोनों में गिरावट दर्ज की जा रही है. रात के समय तापमान काफी नीचे चला जाता है, जिससे ठंड का असर और ज्यादा बढ़ जाता है. वहीं बुजुर्गों और बच्चों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है. मौसम के इस मिज़ाज के चलते लोग अलाह, हीटर और गर्म पेय पदार्थों का सहारा ले रहे हैं.
मौसम का पर्यटन पर असर
शिमला में बदले मौसम का सीधा असर पर्यटन पर भी देखने को मिल रहा है. जहां एक ओर ठंड और संभावित बर्फबारी से पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर खराब मौसम के कारण कुछ पर्यटक अपनी यात्रा योजनाओं में बदलाव भी कर रहे हैं.
होटल और पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि अगर बर्फबारी होती है तो शिमला में पर्यटक की आगमन बढ़ सकती है, जिससे स्थानीय आर्थिक प्रणाली को फायदा मिलेगा.
यातायात और सड़क के हालात
मौसम खराब होने की स्थिति में शिमला और आसपास की सड़कों पर फिसलन बढ़ सकती है. प्रशासन ने वाहन चालकों से सावधानी बरतने की अपील की है. खासकर रात के समय और पहाड़ी मोड़ों पर वाहन चलाते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है. संभावित बर्फबारी को देखते हुए सड़क विभाग को अलर्ट पर रखा गया है,ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके.
स्कूलों और दफ्तरों पर हुआ असर
ठंड बढ़ने के कारण स्कूल जाने वाले बच्चों को परेशानी हो रही है. अभिभावक बच्चों को गर्म कपड़ों में ही बाहर भेज रहे हैं. हालांकि अभी तक स्कूलों में अवकाश को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है.
वहीं ,दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों के लिए भी सुबह और शाम की ठंड एक चुनौती बन गई है.
शिमला के बाजारों में देखने को मिला असर
मौसम के इस अचानक बदले मिज़ाज का असर शिमला के बाजारों में भी साफ नजर आ रहा है. लोअर बाजार, मॉल रोड और लक्कड़ बाजार में दिन के समय भी लोगों की आवाजाही कुछ कम देखी जा रही है.
स्थानीय व्यापारियों के अनुसार, अगर आने वाले दिनों में बर्फबारी होती है तो बाजारों में एक बार फिर रौनक लौट सकती है और पर्यटकों की संख्या में बढ़त होगा.
स्वास्थ्य को लेकर सतर्कता है जरूरी
मौसम में अचानक आए बदलाव से सर्दी, खांसी और फ्लू जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है. जिससे ,डॉक्टरों का कहना है कि ठंड में शरीर को गर्म रखना, पर्याप्त पानी पीना और मौसमी बीमारियों से बचाव करना बेहद जरूरी है. खासकर बुजुर्गों और बच्चों को ठंड से बचाने की सलाह दी जा रही है.
आने वाले दिनों का मौसम कैसा रहेगा?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक शिमला में ठंड बनी रह सकती है. बादल छाए रहने, हल्की बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के आसार बने हुए हैं. तापमान में फिलहाल ज्यादा बढ़ोतरी की संभावना नहीं है. वहीं ,लोगों को सलाह दी गई है कि वे मौसम से जुड़ी ताज़ा जानकारी पर नजर बनाए रखें.
स्थानीय लोगों की क्या है प्रतिक्रिया?
स्थानीय निवासियों का कहना है कि शिमला में मौसम का यह बदलाव सामान्य है, लेकिन इस बार ठंड कुछ ज्यादा ही महसूस की जा रही है. दुकानदारों और छोटे व्यापारियों ने बताया कि इस वजह से गर्म कपड़ों और ऊनी सामान की मांग काफी बढ़ गई है.






