
Ramadan 2026: भारत और दुनिया भर में मुस्लिम समाज रमजान के पाक महीने का बेसब्री से इंतजार कर रहा है। बता दें कि, इस्लाम धर्म में रमजान को सबसे ज्यादा पवित्र और बरकत वाला महीना माना जाता है। ऐसे में यह इस्लामिक कैलेंडर का नौवां महीना होता है, जो शाबान के बाद ही आता है। साथ ही, इस महीने में मुसलमान अल्लाह की इबादत में डूब जातें हैं और गुनाहों की माफी मांगते हैं। साथ ही, नेक काम करने का वादा करते हैं।
जानकारी के लिए बता दें कि इस बार भी मुसलमान रमजान का चांद देखने के लिए उत्सुक हैं। वहीं, भारत में रमजान 2026 की शुरूआत मार्च में हो सकती है। हालांकि, इसका सही दिन चांद के नजर आने पर ही तह किया जाता है।
यहां जानें रमजान का महत्व
बता दें कि, रमजान को नेकियों का महीना कहा जाता है। दरअसल, इस महीने की एक महत्वपूर्ण रात लैलातुल-कद्र भी आती है।वहीं, इस रात को इस्लामी मान्यताओं के अनुसार, पैगंबर मोहम्मद साहब पर कुरान शरीफ की पहली आयतें जिब्रील फरिश्ते के जरिए नाजिल हुई थीं। रमजान का महीना सिर्फ रोजा रखने तक सीमित नहीं है। यह आत्मिक शुद्धि और इंसानियत के सिद्धांतों को अपनाने का महीना है।
साथ ही, रोजा रखने का सही मतलब केवल सुबह से शाम तक खाने-पीने से परहेज करना नहीं है। रोजा रखने वाले व्यक्ति के लिए यह जरूरी है कि वह
- झूठ न बोले और किसी की बुराई न करे।
- अपनी आंखों से गलत न देखे।
- कानों से गलत बातें न सुने।
- अपने दिल और दिमाग में बुरे विचार न लाए।
दान और जकात का महत्व
रमजान के महीने में दान और जकात का विशेष महत्व है। मुसलमान अपनी सालभर की कमाई का एक हिस्सा गरीबों और जरूरतमंदों को देते हैं। इसके अलावा, ईद की नमाज से पहले फितरा देना भी जरूरी होता है, ताकि गरीब लोग भी खुशी-खुशी ईद मना सकें। यह समाज में भाईचारे और सहयोग की भावना को बढ़ाता है।
रमजान के दौरान इबादत
रमजान के दौरान मस्जिदों में तारावीह की नमाज अदा की जाती है। इसके अलावा, कुरान पढ़ने और समझने पर विशेष ध्यान दिया जाता है। इस महीने में अल्लाह की दुआएं और इबादत का महत्व बढ़ जाता है। मुस्लिम समुदाय का मानना है कि इस महीने में की गई नेकियां अन्य महीनों की तुलना में कई गुना अधिक फल देती हैं।
ईद-उल-फितर 2026 कब है
रमजान का महीना करीब पर 29 या 30 दिनों का होता है। इसके समाप्त होने पर शव्वाल महीने की पहली तारीख को ईद-उल-फितर मनाई जाती है। अनुमान के अनुसार, भारत में ईद 21 मार्च 2026 को हो सकती है। ईद के दिन मुसलमान मस्जिदों और ईदगाहों में विशेष नमाज अदा करते हैं। इसके बाद एक-दूसरे को गले लगाकर मुबारकबाद देते हैं और घरों में मीठी सेवइयां और पकवान बनाए जाते हैं।
रमजान का संदेश
रमजान का महीना इंसान को अपने गुनाहों से तौबा करने, नेकियों के रास्ते पर चलने और दूसरों के प्रति सहानुभूति रखने का संदेश देता है। यह महीना केवल भूख-प्यास सहने का नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, संयम और समाज सेवा का भी प्रतीक है। इस दौरान मुसलमान अपनी इबादत, दुआ और नेक कामों के जरिए अल्लाह के करीब होने की कोशिश करते हैं।
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