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राष्ट्रपति मुर्मू की नाराजगी पर पीएम मोदी का TMC पर हमला,बोले- बंगाल सरकार ने सारी हदें पार कर दीं
Current image: Narendra Modi Attack TMC

Narendra Modi Attack TMC: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर से नया विवाद खड़ा हो गया है। बता दें कि राष्ट्रपति Droupadi Murmu के हाल ही के बंगाल दौरे के बाद उनके बयान ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। जिसमें राष्ट्रपति ने संथाल इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस के आयोजन को लेकर नाराजगी जताई थी। वहीं, इसके बाद प्रधानमंत्री Narendra Modi ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee और उनकी पार्टी All India Trinamool Congress पर तीखा हमला बोला है।

जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री का कहना है कि पश्चिम बंगाल की सरकार ने सारी हदें पार कर दी हैं और राष्ट्रपति के अपमान के लिए राज्य प्रशासन जिम्मेदार है। इस बयान के बाद बंगाल की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।

राष्ट्रपति के बयान से बढ़ा विवाद

दरअसल, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी क्षेत्र में आयोजित संथाल इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में शामिल होने पहुंची थीं। जिसमें यह कार्यक्रम फांसीदेवा इलाके में आयोजित किया गया था।कार्यक्रम के बाद राष्ट्रपति ने सार्वजनिक तौर पर कहा कि जहां सम्मेलन आयोजित किया गया, वह स्थान काफी छोटा था। इस वजह से कई संथाली लोग कार्यक्रम में शामिल ही नहीं हो पाए।

जिसके बाद राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि उन्हें पहले बताया गया था कि जगह छोटी है, इसलिए सम्मेलन वहां आयोजित किया गया है। लेकिन बाद में जब वह दूसरे कार्यक्रम के लिए बड़े मैदान में पहुंचीं, तो उन्हें आश्चर्य हुआ कि इतने बड़े स्थान पर सम्मेलन क्यों नहीं कराया गया।

मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में नहीं पहुंचने पर भी जताई नाराजगी

जानकारी के लिए बता दें कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि जब भी राष्ट्रपति किसी राज्य में जाते हैं तो वहां के मुख्यमंत्री और मंत्री कार्यक्रम में शामिल होते हैं। लेकिन इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मौजूद नहीं थीं। जिसके बाद इस पर राष्ट्रपति ने नाराजगी जताई और कहा कि उन्हें समझ नहीं आया कि ऐसा क्यों हुआ। हालांकि राष्ट्रपति ने अपने बयान में व्यक्तिगत नाराजगी को ज्यादा तूल नहीं दिया। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी उनकी छोटी बहन की तरह हैं और हो सकता है कि किसी कारण से कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाईं हों।

प्रधानमंत्री मोदी का TMC पर हमला

दरअसल, राष्ट्रपति के इस बयान के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मुद्दे पर नाराजगी जताई है। जिसमें उन्होंने कहा है कि यह घटना बेहद शर्मनाक है और इससे देश के लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले लोगों को दुख पहुंचा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति आदिवासी समुदाय से आती हैं और उन्होंने जो पीड़ा व्यक्त की है, उसने देश के लोगों को आहत किया है। वहीं, पश्चिम बंगाल की TMC सरकार ने सारी हदें पार कर दी हैं। राष्ट्रपति के अपमान के लिए राज्य प्रशासन जिम्मेदार है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि संथाल संस्कृति से जुड़े इतने अहम कार्यक्रम को इतनी लापरवाही से लिया गया।

राष्ट्रपति पद की गरिमा का सवाल

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने बयान में यह भी कहा कि राष्ट्रपति का पद देश का सर्वोच्च संवैधानिक पद है और यह राजनीति से ऊपर है।
साथ ही, इस पद की गरिमा का सम्मान करना हर सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है। अब ऐसे में उम्मीद जताई गई है कि पश्चिम बंगाल सरकार और TMC इस मामले से सबक लेंगी और भविष्य में ऐसी घटनाएं नहीं होंगी।

संथाल समुदाय से जुड़ा था कार्यक्रम

बता दें कि जिस कार्यक्रम को लेकर विवाद हुआ, वह संथाल समुदाय से जुड़ा एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन था। दरअसल,संथाल जनजाति भारत की प्रमुख आदिवासी जनजातियों में से एक है, जो मुख्य रूप से झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और बिहार में रहती है। वहीं, इस सम्मेलन का उद्देश्य संथाल संस्कृति, भाषा और परंपराओं को बढ़ावा देना था। इसी वजह से कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद थी। लेकिन राष्ट्रपति के अनुसार स्थान छोटा होने के कारण कई लोग कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाए।

राष्ट्रपति ने क्या कहा

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संबोधन में कहा है कि उन्हें यह जानकर दुख हुआ कि सम्मेलन ऐसे स्थान पर आयोजित किया गया जहां जगह ही नहीं थी। जिसमें उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा लगा जैसे प्रशासन नहीं चाहता था कि ज्यादा संथाली लोग कार्यक्रम में आएं। हालांकि उन्होंने अपने बयान के अंत में कहा कि उन्हें किसी से कोई गिला-शिकवा नहीं है और वह सिर्फ अपनी भावनाएं साझा कर रही थीं।

बंगाल की राजनीति में बढ़ी गर्मी

जानकारी के मुताबिक,राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के बयान के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। जिसमें भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने इस मुद्दे पर राज्य सरकार की आलोचना की है। उनका कहना है कि यह राष्ट्रपति पद का अपमान है। वहीं तृणमूल कांग्रेस की ओर से अभी तक इस मुद्दे पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन पार्टी के कुछ नेताओं का कहना है कि इस मामले को बेवजह राजनीतिक रंग दिया जा रहा है।

विपक्ष और सत्तापक्ष में टकराव

बता दें कि यह मुद्दा ऐसे समय पर आया है जब पश्चिम बंगाल में राजनीतिक माहौल पहले से ही गरम है। अब ऐसे में BJP और TMC के बीच लंबे समय से राजनीतिक टकराव जारी है। अब ऐसे में राष्ट्रपति के बयान और प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया ने इस विवाद को और बड़ा बना दिया है।

अब आगे क्या हो सकता है

राजनीतिक एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह विवाद आने वाले दिनों में और बढ़ सकता है। जिसके बाद बीजेपी इस मुद्दे को राष्ट्रपति के सम्मान और आदिवासी समुदाय से जोड़कर राजनीतिक मुद्दा बना सकती है। वहीं TMC इसे राजनीतिक हमला बताकर अपनी सफाई देने की कोशिश कर सकती है।

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Author

  • Aparna Panwar

    अपर्णा पवांर, एक हिंदी कंटेंट राइटर है, जिन्होंने डिजिटल मीडिया में अपनी लेखनी से पहचान बनाई। आज वे “Khaber Aaj Ki” में हिंदी कंटेंट राइटर के पद पर काम करते हुए पत्रकारिता को अपना जुनून मानती हैं। उनके विचारों में खबरें केवल सूचनाएं नहीं, बल्कि लोगों तक सच्चाई पहुँचाने का माध्यम हैं।

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