
PM Modi Rajya Sabha: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज गुरुवार को राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुए विपक्षी दलों पर जोरदार हमला बोला है। दरअसल, अपने ही भाषण में उन्होंने कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, डीएमके, लेफ्ट और आम आदमी पार्टी समेत कई दलों को घेरते हुए उनकी नीतियों और कामकाज पर सवाल उठाए हैं। बता दें कि, पीएम मोदी का भाषण राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के साथ-साथ शायराना अंदाज के कारण भी चर्चा में रहा है। साथ ही, प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार को निशाने पर लेते हुए उसे “निर्मम सरकार” बताया। साथी ही, उन्होंने कहा कि राज्य में पतन के जितने भी पैमाने हो सकते हैं। उन सभी पर नए-नए रिकॉर्ड बन रहे हैं, लेकिन यहां आकर वही लोग उपदेश देते हैं। पीएम मोदी ने संकेत दिया कि कुछ राज्य सरकारें जनता की समस्याओं को दूर करने के बजाय राजनीतिक बयानबाजी में ज्यादा व्यस्त हैं।
घुसपैठ के मुद्दे पर केंद्र सरकार की सख्ती
दरअसल, अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने अवैध घुसपैठ का मुद्दा भी उठाया। जिसमें उनका कहना है कि, दुनिया के समृद्ध देश भी गैरकानूनी तरीके से रहने वाले लोगों को बाहर निकालने की कार्रवाई कर रहे हैं, लेकिन भारत में कुछ लोग घुसपैठियों को बचाने के लिए अदालतों पर दबाव बनाने की कोशिश करते हैं। साथ ही, देश का नौजवान ऐसे लोगों को कैसे माफ करेगा, जो घुसपैठियों की मदद करने में लगे हैं। वहीं, घुसपैठिए देश के युवाओं का हक छीन रहे हैं, उनकी रोजी-रोटी और जमीन पर असर डाल रहे हैं और बेटा-बेटियों की सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह मुद्दा सिर्फ राजनीति का नहीं बल्कि देश के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है।
AAP पर भी साधा निशाना
प्रधानमंत्री मोदी ने आम आदमी पार्टी पर भी तीखी टिप्पणी की। जिसमें उनका कहना है कि एक माननीय सदस्य सदन में काफी कुछ बोल रहे थे, लेकिन उनकी पूरी सरकार “शराब में डूब गई” और “शीशमहल” जैसी चीजें घर-घर में नफरत का कारण बन गईं हैं। इस बयान के जरिए उन्होंने भ्रष्टाचार और शासन शैली को लेकर AAP पर अप्रत्यक्ष हमला किया।
शायराना अंदाज में विपक्ष को घेरा
अपने भाषण के दौरान पीएम मोदी ने शायरी का सहारा लेते हुए विपक्ष पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि,
“तुम कितना दुनिया को धोखा दोगे, आईना देख लिया तो अपनी सच्चाई कहां छिपाओगे।”
इस पंक्ति के जरिए उन्होंने विपक्षी दलों पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया और कहा कि सच्चाई ज्यादा दिन तक छिपी नहीं रह सकती। साथ ही, प्रधानमंत्री ने कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, डीएमके और लेफ्ट पार्टियों का जिक्र करते हुए कहा कि ये दल दशकों तक सत्ता में रहे या सत्ता के भागीदार रहे। राज्यों में भी इन्हें सरकार चलाने का अवसर मिला, लेकिन आम नागरिकों के जीवन में बड़ा बदलाव लाने को प्राथमिकता नहीं दी गई। वहीं, बोफोर्स जैसे पुराने भ्रष्टाचार मामलों की याद दिलाते हुए कहा कि जब पहले “डील” की चर्चा होती थी तो घोटालों की बात सामने आती थी, जबकि आज वही लोग डील की बात पर गर्व जताते हैं। साथ ही, पिछली सरकारों ने सिर्फ अपनी जेब भरने का काम किया और जनता के हितों को नजरअंदाज किया।
विकास और नीति पर जोर
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि उनकी सरकार नीति और विकास के आधार पर काम कर रही है। साथ ही, देश तेजी से आगे बढ़ रहा है और कई क्षेत्रों में नए रिकॉर्ड बना रहा है। वहीं, विपक्ष को निराशा फैलाने के बजाय सकारात्मक सहयोग करना चाहिए, ताकि देश के विकास को और गति मिल सके।
राजनीतिक माहौल गरम
पीएम मोदी के इस भाषण के बाद संसद का माहौल और गरम हो गया। विपक्षी दलों ने उनके आरोपों का विरोध किया, जबकि सत्तापक्ष ने भाषण का समर्थन किया। संसद में ऐसे तीखे राजनीतिक टकराव अक्सर देखने को मिलते हैं, खासकर तब जब महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा चल रही हो।
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