Skip to main content Scroll Top
एक्सीडेंट पर कैशलेस इलाज, महिलाओं-किसानों को बड़ा लाभ,सेवा तीर्थ से PM मोदी ने लिए सबसे पहले ये फैसले
Current image: Seva Teerth PMO inauguration

Seva Teerth PMO Inauguration: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शुक्रवार, 13 फरवरी को नए प्रधानमंत्री कार्यालय ‘सेवा तीर्थ’ का उद्घाटन करते हुए अपने नए कार्यकाल की शुरुआत कई महत्वपूर्ण फैसलों के साथ की। इन फैसलों का उद्देश्य देश के आम नागरिकों, महिलाओं, किसानों, युवाओं और कमजोर वर्गों को सीधा लाभ पहुंचाना बताया गया है। सरकार ने सामाजिक सुरक्षा, आर्थिक सशक्तिकरण और नवाचार को बढ़ावा देने पर खास जोर दिया है।

सड़क हादसों में मिलेगा कैशलेस इलाज

सरकार ने “PM राहत योजना” कि शुरुआत की है। बता दें कि इस योजना के तहत सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को ₹1.5 लाख तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं, इसका मुख्य लक्ष्य यह है कि किसी भी घायल व्यक्ति को समय पर इलाज न मिलने के कारण अपनी जान न गंवानी पड़े। यह योजना देशभर के अस्पतालों से जुड़कर आपातकालीन चिकित्सा सुविधा को मजबूत करेगी। इससे गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

‘लखपति दीदी’ योजना का लक्ष्य बढ़ा

महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार पहले ही 3 करोड़ “लखपति दीदी” का लक्ष्य तय समय से पहले हासिल कर चुकी है। अब इस लक्ष्य को बढ़ाकर मार्च 2029 तक 6 करोड़ करने की घोषणा की गई है। बताया जा रहा है कि, इस योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आय बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजार से जोड़ने की सुविधा दी जाती है। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी।

किसानों के लिए कृषि अवसंरचना फंड दोगुना

किसानों की आय बढ़ाने और कृषि व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कृषि अवसंरचना फंड को ₹1 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹2 लाख करोड़ करने की मंजूरी दी गई है। इस फंड के जरिए गोदाम, कोल्ड स्टोरेज, सप्लाई चेन और प्रसंस्करण इकाइयों के विकास पर जोर दिया जाएगा। इससे फसल की बर्बादी कम होगी और किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम मिल सकेगा। बता दें कि मजबूत कृषि ढांचा देश की खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण रोजगार दोनों को बढ़ाएगा।

स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 को मंजूरी

युवाओं और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये के कोष के साथ “स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0” शुरू करने का फैसला लिया गया है। इस पहल के तहत डीप टेक, उन्नत विनिर्माण और शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता दी जाएगी। इससे नए उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। जिसमें सरकार को उम्मीद है कि यह कदम भारत को वैश्विक स्तर पर नवाचार केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा।

सामाजिक सुरक्षा और विकास पर जोर

सरकार द्वारा लिए गए इन फैसलों को सामाजिक सुरक्षा और समावेशी विकास की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। सड़क हादसों में मुफ्त इलाज, महिलाओं की आय बढ़ाने की योजना, किसानों के लिए मजबूत ढांचा और युवाओं के लिए स्टार्टअप सहायता ये सभी पहलें समाज के अलग-अलग वर्गों को ध्यान में रखकर बनाई गई हैं।

इसमें एक्सपर्ट्स का कहना है कि यदि इन योजनाओं का सही तरीके से क्रियान्वयन होता है तो इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आम नागरिकों को सीधे लाभ मिलेगा।

सेवा भावना का संदेश

नए प्रधानमंत्री कार्यालय ‘सेवा तीर्थ’ से इन फैसलों की शुरुआत को प्रतीकात्मक रूप से सेवा और जनकल्याण से जोड़ा जा रहा है। सरकार ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में भी गरीब, किसान, महिला और युवा केंद्रित नीतियों को प्राथमिकता दी जाएगी।

ये भी पढ़ें: रोमियो पर जूलियट का दमदार जलवा,जानें शाहिद पर कैसे भारी पड़ी तृप्ति- पढ़ें मूवी रिव्यू

Related Posts

लेटेस्ट ➤

Advertising Banner
305x250