
Petrol Diesel Price Today: देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में बड़ी कटौती करते हुए पेट्रोल पर टैक्स 13 रुपये से घटाकर 3 रुपये प्रति लीटर कर दिया है, जबकि डीजल को पूरी तरह एक्साइज ड्यूटी से मुक्त कर दिया गया है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में करीब 50% तक उछाल देखा गया है। हालांकि इस कटौती के बावजूद अभी तक आम लोगों को पेट्रोल पंप पर राहत नहीं मिली है और कीमतें पहले जैसी ही बनी हुई हैं। आइए जानते हैं देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल के ताज़ा दाम और इस फैसले का असर।
सरकार का बड़ा फैसला एक्साइज ड्यूटी में कटौती
केंद्र सरकार ने आज शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी में बड़ी राहत दी है। पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 13 रुपये से घटाकर सिर्फ 3 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। वहीं, डीजल पर एक्साइज ड्यूटी पूरी तरह खत्म कर दी गई है। वित्त मंत्रालय की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार यह नई दरें तुरंत प्रभाव से लागू कर दी गई हैं। सरकार का कहना है कि यह कदम बढ़ती वैश्विक तेल कीमतों के असर को कम करने और आम लोगों को राहत देने के उद्देश्य से उठाया गया है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
जानकारी के लिए बता दें यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल देखा गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में लगभग 50% की वृद्धि हुई है। इसका सीधा असर भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों पर पड़ता है। ऐसे में सरकार ने टैक्स कम करके तेल कंपनियों पर पड़ने वाले दबाव को कम करने की कोशिश की है।
शहरों के अनुसार पेट्रोल-डीजल के ताज़ा दाम
नई दिल्ली: दिल्ली में पेट्रोल की कीमत लगभग 96 रुपये प्रति लीटर और डीजल करीब 89 रुपये प्रति लीटर के आसपास बना हुआ है।
- मुंबई: मुंबई में पेट्रोल करीब 106 रुपये प्रति लीटर और डीजल लगभग 94 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।
- चेन्नई: चेन्नई में पेट्रोल की कीमत लगभग 102 रुपये प्रति लीटर और डीजल करीब 94 रुपये प्रति लीटर है।
- बेंगलुरु: बेंगलुरु में पेट्रोल करीब 101 रुपये प्रति लीटर और डीजल लगभग 87 रुपये प्रति लीटर के आसपास है।
- हैदराबाद: हैदराबाद में पेट्रोल करीब 109 रुपये प्रति लीटर और डीजल लगभग 97 रुपये प्रति लीटर है।
कटौती के बावजूद क्यों नहीं घटे दाम?
सरकार द्वारा एक्साइज ड्यूटी में कटौती के बावजूद पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में अभी तक कोई बदलाव नहीं हुआ है। इसका मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें हैं। जिसमें तेल कंपनियां फिलहाल घाटे में काम कर रही हैं, क्योंकि वैश्विक कीमतों में तेजी का असर सीधे उनकी लागत पर पड़ रहा है। ऐसे में एक्साइज कट का फायदा पहले इन कंपनियों को संतुलित करने में लगाया जा रहा है।
तेल कंपनियों पर बढ़ा दबाव
भारत की प्रमुख तेल कंपनियां जैसे इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम इस समय भारी वित्तीय दबाव में हैं। अंतरराष्ट्रीय कीमतें बढ़ने के बावजूद घरेलू बाजार में कीमतें स्थिर रखने से कंपनियों का मार्जिन घट रहा है। सरकार का यह कदम इन कंपनियों को राहत देने के लिए भी अहम माना जा रहा है।
फ्यूल की कमी को लेकर सरकार का बयान
दरअसल हाल ही में देश के कई हिस्सों से पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारों और फ्यूल की कमी की खबरें सामने आई थीं। इन अफवाहों पर पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने साफ किया है कि देश में किसी भी तरह की फ्यूल की कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन की अफवाहें पूरी तरह झूठी हैं और सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है।
देश में पर्याप्त है तेल का भंडार
सरकार ने यह भी आश्वासन दिया है कि देश के पास फिलहाल 60 दिनों की खपत के बराबर कच्चा तेल और फ्यूल स्टॉक मौजूद है। इसके अलावा अगले दो महीनों के लिए कच्चे तेल की सप्लाई भी सुनिश्चित कर ली गई है। इसका मतलब है कि निकट भविष्य में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं होने वाली है।
पंप मालिकों को भी मिली राहत
सरकार ने पेट्रोल पंप संचालकों को भी राहत दी है। अब उन्हें पहले के मुकाबले ज्यादा क्रेडिट दिया जा रहा है, जिससे वे आसानी से फ्यूल स्टॉक बनाए रख सकें। पहले जहां सिर्फ 1 दिन का क्रेडिट मिलता था, अब इसे बढ़ाकर 3 दिन कर दिया गया है। इससे पंप मालिकों को कामकाजी पूंजी की समस्या से राहत मिलेगी।
आम लोगों के लिए क्या मतलब?
जानकारी के लिए बता दें एक्साइज ड्यूटी में कटौती एक सकारात्मक कदम है, लेकिन इसका सीधा फायदा आम लोगों को अभी नहीं मिला है। जब तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें स्थिर नहीं होतीं, तब तक पेट्रोल-डीजल के दाम कम होने की संभावना कम है। फिर भी आने वाले समय में यदि वैश्विक कीमतें कम होती हैं, तो उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है।
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