
Lpg Gas cylinder: नए वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत के साथ ही आम लोगों और खासकर कारोबारियों को महंगाई का एक और बड़ा झटका लगा है. 1 अप्रैल से सरकारी तेल कंपनियों ने कॉमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम में भारी बढ़ोतरी कर दी है. इस बार 19 किलो वाले कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत में करीब 195.50 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जिसके बाद दिल्ली में इसकी कीमत 1883 रुपये से बढ़कर 2078.50 रुपये हो गई है. यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब पहले से ही वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट गहराता जा रहा है और अंतरराष्ट्रीय हालात भी अस्थिर बने हुए हैं.
चार महीने में ₹500 तक महंगा हुआ सिलेंडर
अगर पिछले कुछ महीनों के आंकड़ों पर नजर डालें, तो कॉमर्शियल LPG Gas cylinder की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है.जनवरी से लेकर अप्रैल तक के बीच सिलेंडर करीब 498 रुपये तक महंगा हो चुका है.जनवरी में 111 रुपये, फरवरी में 49 रुपये, मार्च की शुरुआत में 28 रुपये और फिर 7 मार्च को 114.50 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी. अब अप्रैल में एक बार फिर 195.50 रुपये की बड़ी बढ़ोतरी ने कीमतों को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है.
किन कंपनियों ने बढ़ाए दाम?
यह बढ़ोतरी देश की प्रमुख सरकारी तेल कंपनियों. Indian Oil Corporation, Hindustan Petroleum और Bharat Petroleum द्वारा की गई है. इन कंपनियों ने अपने 19 किलो वाले कॉमर्शियल सिलेंडर के रेट अपडेट कर दिए हैं, जो 1 अप्रैल से लागू हो चुके हैं.
देश के बड़े शहरों में नई कीमतें
देश के चार प्रमुख महानगरों में कॉमर्शियल LPG Gas cylinder की कीमतें अलग-अलग हैं, जो स्थानीय टैक्स और परिवहन लागत पर निर्भर करती हैं. दिल्ली में यह सिलेंडर अब 2078.50 रुपये का हो गया है. कोलकाता में इसकी कीमत 2208 रुपये पहुंच गई है, जो देश में सबसे ज्यादा है. मुंबई में यह सिलेंडर 2031 रुपये में मिल रहा है, जबकि चेन्नई में इसकी कीमत 2246.50 रुपये हो गई है. इन आंकड़ों से साफ है कि हर शहर में कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और कारोबारियों पर इसका सीधा असर पड़ रहा है.
घरेलू सिलेंडर पर नहीं पड़ा असर
हालांकि राहत की बात यह है कि 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है. घरेलू सिलेंडर के दाम आखिरी बार 7 मार्च को बढ़ाए गए थे, जब इसमें 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी. फिलहाल घरेलू उपभोक्ताओं के लिए कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, लेकिन कॉमर्शियल सिलेंडर की बढ़ती कीमतें अप्रत्यक्ष रूप से आम लोगों को भी प्रभावित कर सकती हैं.
क्यों बढ़ रहे हैं LPG के दाम?
एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे कई कारण हैं. सबसे बड़ा कारण वैश्विक स्तर पर बढ़ता ऊर्जा संकट है. खासकर Iran-Israel War के चलते तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हो रही है. मध्य पूर्व दुनिया का एक बड़ा ऊर्जा केंद्र है और वहां किसी भी तरह का तनाव सीधे तौर पर तेल और गैस की कीमतों को प्रभावित करता है. इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतें और परिवहन लागत भी गैस के दाम तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं.
कारोबारियों पर बढ़ा दबाव
कॉमर्शियल LPG सिलेंडर का इस्तेमाल मुख्य रूप से होटल, रेस्तरां, ढाबे और कैटरिंग व्यवसाय में होता है. ऐसे में कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से इन कारोबारियों की लागत बढ़ गई है. इसका असर अब खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर भी पड़ सकता है, जिससे आम लोगों की जेब पर अप्रत्यक्ष बोझ बढ़ेगा.
महंगाई पर पड़ेगा असर
गैस की कीमतों में बढ़ोतरी का असर केवल एक सेक्टर तक सीमित नहीं रहता. यह पूरे बाजार पर असर डालता है, क्योंकि ऊर्जा लागत बढ़ने से उत्पादन और सेवाओं की लागत भी बढ़ जाती है. ऐसे में आने वाले समय में महंगाई और बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.
क्या आगे और बढ़ सकते हैं दाम?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय हालात इसी तरह बने रहते हैं, तो गैस और ईंधन की कीमतों में आगे भी बढ़ोतरी हो सकती है. हालांकि, सरकार और तेल कंपनियां बाजार की स्थिति के अनुसार समय-समय पर कीमतों में बदलाव करती रहती हैं.
आम लोगों के लिए क्या मायने?
भले ही घरेलू सिलेंडर की कीमतें अभी नहीं बढ़ी हैं, लेकिन कॉमर्शियल सिलेंडर महंगा होने का असर आम लोगों पर भी पड़ेगा. रेस्तरां और खाने-पीने के कारोबार में कीमतें बढ़ सकती हैं, जिससे बाहर खाना महंगा हो सकता है. इसके अलावा, कई छोटे कारोबारियों के लिए यह बढ़ोतरी चुनौती बन सकती है.
अप्रैल 2026 की शुरुआत के साथ कॉमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में हुई यह बढ़ोतरी महंगाई के बढ़ते दबाव को साफ तौर पर दिखाती है. चार महीनों में करीब ₹500 की बढ़ोतरी ने कारोबारियों और बाजार दोनों को प्रभावित किया है. अब यह देखना अहम होगा कि आने वाले महीनों में कीमतें स्थिर रहती हैं या फिर इसमें और उछाल देखने को मिलता है. फिलहाल, आम लोगों और कारोबारियों दोनों को इस बढ़ती महंगाई के साथ तालमेल बिठाना होगा.
Read Related News: मालदा हिंसा पर Mamata Banerjee का बड़ा आरोप, बोलीं ‘बाहरी तत्व बिगाड़ रहे माहौल’






