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KP Oli Hospitalized: गिरफ्तारी के बाद केपी शर्मा ओली की बिगड़ी तबीयत,दिल की धड़कन बढ़ने के बाद अस्पताल में भर्ती
Current image: KP Oli Hospitalized

KP Oli Hospitalized: नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की गिरफ्तारी के बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने की खबर आई है। बताया जा रहा है कि दिल की धड़कन तेज होने की शिकायत के चलते उन्हें काठमांडू के त्रिभुवन यूनिवर्सिटी टीचिंग हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है ,जहां डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है। जिसमें ओली पहले से ही कई गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं, जिसके कारण उनकी सेहत को लेकर चिंता और बढ़ गई है। यह घटनाक्रम ऐसे समय पर हुआ है जब उन्हें हाल ही में GEN-Z आंदोलन से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में आंदोलन के दौरान हुई मौतों को लेकर उन पर गंभीर आरोप लगे हैं। गिरफ्तारी के अगले ही दिन उनकी तबीयत बिगड़ना इस पूरे मामले को और संवेदनशील बना रहा है। फिलहाल डॉक्टर उनकी हालत पर नजर बनाए हुए हैं और आगे की स्थिति पर सभी की नजर टिकी हुई है।

अस्पताल में इलाज जारी, डॉक्टरों की निगरानी में ओली

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, ओली को Palpitations यानी दिल की धड़कन तेज होने की समस्या के चलते भर्ती किया गया। उनकी पहले से ही कई गंभीर बीमारियों का इतिहास रहा है, जिसके कारण डॉक्टर ज्यादा सतर्कता बरत रहे हैं। अस्पताल की ओर से जारी बयान में बताया गया कि उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर है, लेकिन उन्हें लगातार निगरानी में रखा गया है।

पहले से कई बीमारियों से जूझ रहे हैं ओली

केपी शर्मा ओली की स्वास्थ्य स्थिति पहले से ही जटिल रही है।जिसमें उन्हें पहले किडनी ट्रांसप्लांट हो चुका है। इसके अलावा वे हाइड्रोनेफ्रोसिस, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हाइपोथायरॉयडिज्म, एट्रियल फिब्रिलेशन और गॉलस्टोन जैसी बीमारियों से भी जूझ रहे हैं। ऐसे में गिरफ्तारी के बाद अचानक तबीयत बिगड़ना चिंता का विषय माना जा रहा है।

क्या है गिरफ्तारी का मामला?

यह पूरा मामला नेपाल में हुए GEN-Z आंदोलन से जुड़ा है। पिछले साल 9 सितंबर को हुए इस आंदोलन के दौरान सुरक्षा बलों की कार्रवाई में कई प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई थी। उस समय केपी शर्मा ओली देश के प्रधानमंत्री थे, जबकि रमेश लेखक गृहमंत्री के पद पर थे। इस घटना के बाद सुरक्षा बलों की कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल उठे थे। आरोप लगे कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग किया गया और मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ। इन आरोपों की जांच के लिए एक आयोग का गठन किया गया, जिसने अपनी रिपोर्ट में कई बड़े अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की।

आयोग की रिपोर्ट के बाद हुई कार्रवाई

जांच आयोग ने अपनी रिपोर्ट में केपी शर्मा ओली और रमेश लेखक समेत कई अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया। इसके बाद दोनों नेताओं के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए। शनिवार को पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया।

अदालत ने 5 दिन की पुलिस रिमांड दी

दरअसल गिरफ्तारी के बाद दोनों नेताओं को काठमांडू जिला अदालत में पेश किया गया। अदालत ने पुलिस की 10 दिन की रिमांड की मांग को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए 5 दिन की पुलिस हिरासत की अनुमति दी। इस दौरान पुलिस दोनों से गहन पूछताछ करेगी। वहीं अदालत की सुनवाई के दौरान रमेश लेखक खुद उपस्थित हुए, जबकि केपी शर्मा ओली स्वास्थ्य कारणों की वजह से अस्पताल से वर्चुअली पेश हुए।

नई सरकार के आते ही बड़ी कार्रवाई

यह कार्रवाई नेपाल में नई सरकार बनने के तुरंत बाद हुई है। बालेन शाह के प्रधानमंत्री बनने के 24 घंटे के अंदर ही यह बड़ा कदम उठाया गया। इससे नेपाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह कार्रवाई राजनीतिक और कानूनी दोनों दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण है। इससे आने वाले दिनों में नेपाल की राजनीति में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

अब आगे क्या होगा?

अब अगले पांच दिनों तक पुलिस केपी शर्मा ओली और रमेश लेखक से लगातार पूछताछ करेगी। जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश करेंगी कि आंदोलन के दौरान लिए गए फैसलों में उनकी क्या भूमिका थी और क्या उनके खिलाफ आपराधिक मामला बनता है। अगर जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोनों नेताओं की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। वहीं, उनकी तबीयत को देखते हुए अदालत आगे की सुनवाई में खास ध्यान रख सकती है।

ये भी पढ़ें: PM Modi Kerala Rally 2026: केरल में पीएम मोदी का बड़ा हमला,“सत्ता में आए तो खोलेंगे करप्शन की फाइलें”,LDF-UDF पर साधा निशाना

Author

  • Aparna Panwar

    अपर्णा पवांर, एक हिंदी कंटेंट राइटर है, जिन्होंने डिजिटल मीडिया में अपनी लेखनी से पहचान बनाई। आज वे “Khaber Aaj Ki” में हिंदी कंटेंट राइटर के पद पर काम करते हुए पत्रकारिता को अपना जुनून मानती हैं। उनके विचारों में खबरें केवल सूचनाएं नहीं, बल्कि लोगों तक सच्चाई पहुँचाने का माध्यम हैं।

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