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INS Taragiri: भारतीय नौसेना में शामिल होगा INS तारागिरी, दुश्मनों के लिए बनेगा बड़ा खतरा
Current image: INS Taragiri

INS Taragiri: भारत अपनी समुद्री सुरक्षा को लगातार मजबूत करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में भारतीय नौसेना को जल्द ही एक और अत्याधुनिक युद्धपोत मिलने जा रहा है। जिसमें INS Taragiri अप्रैल 2026 के पहले हफ्ते में ही नौसेना के बेड़े में शामिल होने के लिए पूरी तरह तैयार है। बता दें कि इस आधुनिक फ्रिगेट के शामिल होने से भारत की समुद्री शक्ति और निगरानी क्षमता पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो जाएगी।

जानकारी के लिए बता दें यह युद्धपोत Project 17A के जरिए बनाए जा रहे उन्नत युद्धपोतों में से एक है। जिसमें रक्षा एक्सपर्ट्स के अनुसार, इस प्रोजेक्ट के तहत बनने वाले जहाज भारतीय नौसेना के सबसे आधुनिक और तकनीकी रूप से सक्षम युद्धपोतों में गिने जाते हैं।

प्रोजेक्ट-17A के तहत तैयार हुआ आधुनिक फ्रिगेट

INS Taragiri नीलगिरी क्लास फ्रिगेट का चौथा जहाज है। यह उन सात अत्याधुनिक फ्रिगेट में शामिल है जिन्हें भारतीय नौसेना के लिए तैयार किया जा रहा है। बता दें कि इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य नौसेना की युद्ध क्षमता को बढ़ाना और समुद्र में भारत की रणनीतिक ताकत को मजबूत करना है। बता दें कि इस जहाज का निर्माण अत्याधुनिक मॉड्यूलर कंस्ट्रक्शन तकनीक से किया गया है, जिससे जहाज के अलग-अलग हिस्सों को पहले तैयार कर बाद में जोड़कर बनाया जाता है। इससे निर्माण प्रक्रिया तेज और अधिक सटीक बनती है। जिसमें इस युद्धपोत का वजन करीब 6,700 टन है और इसे आधुनिक स्टेल्थ तकनीक के साथ डिजाइन किया गया है। स्टेल्थ डिजाइन की वजह से यह दुश्मन के रडार पर आसानी से नजर नहीं आता, जिससे युद्ध के दौरान इसे रणनीतिक बढ़त मिलती है।

आत्मनिर्भर भारत की झलक

INS Taragiri की एक और बड़ी खासियत यह है कि इसमें इस्तेमाल किए गए उपकरणों में 75 % से ज्यादा स्वदेशी तकनीक का उपयोग किया गया है। जिससे यह भारत की रक्षा निर्माण क्षमता और आत्मनिर्भर भारत अभियान की सफलता को दर्शाता है। भारतीय रक्षा उद्योग लगातार ऐसे आधुनिक युद्धपोत तैयार कर रहा है, जिससे देश विदेशी हथियारों पर निर्भरता कम कर सके। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से बड़े युद्धपोत बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

घातक हथियारों से लैस होगा तारागिरी

INS Taragiri को कई आधुनिक और शक्तिशाली हथियार प्रणालियों से लैस किया गया है। बताया जा रहा है कि इनमें सबसे खास है BrahMos सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल, जो दुश्मन के जहाजों और ठिकानों को बेहद सटीकता से निशाना बनाने में सक्षम है। इसके अलावा जहाज में Barak-8 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम लगाया गया है, जो लंबी दूरी से आने वाले हवाई खतरों को खत्म कर सकता है। इस युद्धपोत में मौजूद प्रमुख हथियारों में शामिल हैं।

  • 76 मिमी नौसैनिक तोप।
  • एंटी-सबमरीन टॉरपीडो।
  • एडवांस्ड एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम।
  • अत्याधुनिक रडार और निगरानी प्रणाली।

पनडुब्बियों को ढूंढने में माहिर

आधुनिक युद्ध में समुद्र के भीतर छिपी पनडुब्बियां सबसे बड़ा खतरा मानी जाती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए INS Taragiri में HUMSA-NG Sonar लगाया गया है। जिससे यह सोनार सिस्टम समुद्र के भीतर मौजूद पनडुब्बियों और अन्य खतरों का पता लगाने में मदद करता है। इसके अलावा जहाज में आधुनिक एंटी-सबमरीन हथियार भी लगाए गए हैं, जिससे दुश्मन की पनडुब्बियों को आसानी से निशाना बनाया जा सकता है।

इलेक्ट्रॉनिक युद्ध में भी सक्षम

आधुनिक युद्ध केवल हथियारों से नहीं बल्कि इलेक्ट्रॉनिक तकनीक से भी लड़ा जाता है। इसी कारण INS Taragiri में इलेक्ट्रॉनिक युद्ध के लिए उन्नत सिस्टम लगाए गए हैं। इसमें Ajanta Electronic Warfare System और Shakti Electronic Warfare System जैसे आधुनिक उपकरण मौजूद हैं।जिससे ये सिस्टम दुश्मन के संचार सिग्नल को पकड़ने, उन्हें जाम करने और संभावित खतरे का पहले से पता लगाने में मदद करते हैं।

हेलीकॉप्टर संचालन की क्षमता

INS Taragiri की डिजाइन इस तरह की गई है कि इसमें नौसेना के हेलीकॉप्टर भी संचालित किए जा सकते हैं। इससे समुद्री निगरानी, पनडुब्बी खोज और रेस्क्यू मिशन में काफी मदद मिलती है। इस युद्धपोत में लगभग 225 नौसैनिकों की तैनाती की जा सकती है। जहाज के अंदर आधुनिक कमांड सेंटर, हथियार नियंत्रण प्रणाली और रहने की बेहतर सुविधाएं भी दी गई हैं।

2026 भारतीय नौसेना के लिए क्यों अहम

रक्षा एक्सपर्ट्स के अनुसार 2026 भारतीय नौसेना के लिए काफी महत्वपूर्ण साल साबित हो सकता है। बता दें कि इस साल कई नए युद्धपोत और जहाज नौसेना में शामिल होने वाले हैं।

  • Arnala-class corvette एंटी-सबमरीन कॉर्वेट।
  • बड़ा सर्वे पोत।
  • INS Nipun डीप-सबमर्जेंस रेस्क्यू शिप।

हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ेगी भारत की ताकत

भारत के लिए हिंद महासागर क्षेत्र रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। जिससे दुनिया के कई खास समुद्री व्यापार मार्ग इसी क्षेत्र से होकर गुजरते हैं। अब ऐसे में समुद्री सुरक्षा मजबूत होना देश की आर्थिक और रणनीतिक सुरक्षा के लिए जरूरी है। INS Taragiri जैसे आधुनिक युद्धपोत नौसेना को लंबी दूरी तक निगरानी करने, दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर तुरंत जवाब देने की क्षमता प्रदान करेंगे।

भविष्य की रणनीति

जानकारी के लिए बता दें कि रक्षा मंत्रालय का फोकस अब समुद्री सुरक्षा को और मजबूत बनाने पर है। जिसमें भारत तेजी से अपनी नौसेना को आधुनिक तकनीक, स्टेल्थ जहाजों, ड्रोन और उन्नत मिसाइल सिस्टम से लैस कर रहा है।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि आने वाले सालों में भारतीय नौसेना दुनिया की सबसे ताकतवर नौसेनाओं में शामिल हो सकती है।

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Author

  • Aparna Panwar

    अपर्णा पवांर, एक हिंदी कंटेंट राइटर है, जिन्होंने डिजिटल मीडिया में अपनी लेखनी से पहचान बनाई। आज वे “Khaber Aaj Ki” में हिंदी कंटेंट राइटर के पद पर काम करते हुए पत्रकारिता को अपना जुनून मानती हैं। उनके विचारों में खबरें केवल सूचनाएं नहीं, बल्कि लोगों तक सच्चाई पहुँचाने का माध्यम हैं।

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