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IndiGo के CEO पीटर एल्बर्स ने दिया इस्तीफा, ऑपरेशनल संकट के बाद कंपनी में बड़ा बदलाव
Current image: IndiGo CEO Resigns

IndiGo CEO Resigns: भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी IndiGo को बड़ा झटका लगा है। बता दें कि एयरलाइन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीटर एल्बर्स ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनकी जगह फिलहाल कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर राहुल भाटिया अंतरिम रूप से एयरलाइन के संचालन की जिम्मेदारी संभालेंगे। जिसमें कंपनी की पैरेंट फर्म InterGlobe Aviation ने आज मंगलवार को इस फैसले की ऑफिशियल पुष्टि की है।

जानकारी के लिए बता दें कि पीटर एल्बर्स का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। जिसमें कंपनी ने कहा है कि जब तक नया CEO नियुक्त नहीं किया जाता, तब तक राहुल भाटिया ही इंडिगो के प्रबंधन और रणनीतिक फैसलों की जिम्मेदारी संभालेंगे। साथ ही,एविएशन सेक्टर में इस इस्तीफे को एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।

2022 में संभाली थी इंडिगो की कमान

पीटर एल्बर्स ने साल 2022 में इंडिगो के CEO के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी। लेकिन इससे पहले वे यूरोप की खास एयरलाइन KLM Royal Dutch Airlines के CEO रह चुके हैं और अंतरराष्ट्रीय विमानन उद्योग में उन्हें एक अनुभवी मैनेजर माना जाता है।साथ ही, इंडिगो में शामिल होने के बाद एल्बर्स ने कंपनी के अंतरराष्ट्रीय विस्तार और नए रूट्स पर फोकस किया था। बता दें कि उनके नेतृत्व में एयरलाइन ने कई नए अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए उड़ानें शुरू कीं और अपने बेड़े (Fleet) को भी तेजी से बढ़ाया।हालांकि, हाल के महीनों में कंपनी को जिन ऑपरेशनल चुनौतियों का सामना करना पड़ा, उससे प्रबंधन पर दबाव बढ़ गया था।

ऑपरेशनल संकट बना बड़ी वजह

दरअसल, पीटर एल्बर्स का इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब कुछ महीने पहले ही इंडिगो को अपने इतिहास के सबसे बड़े ऑपरेशनल संकट का सामना करना पड़ा था।जिसमें दिसंबर 2025 की शुरुआत में एयरलाइन की बड़ी संख्या में उड़ानें अचानक रद्द हो गई थीं या कई घंटों तक देरी से चल रही थीं। देश के अलग-अलग एयरपोर्ट पर हजारों यात्री फंस गए थे और सोशल मीडिया पर भी कंपनी की काफी आलोचना हुई थी।इस संकट की मुख्य वजह पायलटों के लिए लागू किए गए नए ड्यूटी टाइम नियम थे। इन नियमों के लागू होने के बाद एयरलाइन को अपने फ्लाइट शेड्यूल को संतुलित करने में मुश्किल हुई, जिसके कारण कई दिनों तक उड़ान संचालन प्रभावित रहा। जिसमें यात्रियों को एयरपोर्ट पर लंबा इंतजार करना पड़ा और कई यात्रियों को अपने टिकट कैंसिल करने पड़े। इससे एयरलाइन की छवि को भी नुकसान पहुंचा।

DGCA ने की सख्त कार्रवाई

बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए भारत के एविएशन रेगुलेटर Directorate General of Civil Aviation (DGCA) ने जांच शुरू की। वहीं, जांच के बाद इंडिगो पर लगभग 22.20 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा DGCA ने एयरलाइन को 50 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी जमा कराने का निर्देश भी दिया था, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति से निपटने के लिए कंपनी तैयार रहे। वहीं, रेगुलेटर ने इंडिगो के विंटर फ्लाइट प्रोग्राम को भी अस्थायी रूप से करीब 10% तक कम कर दिया था। इसका उद्देश्य एयरलाइन के संचालन को स्थिर करना और यात्रियों की परेशानी को कम करना था।

यात्रियों को हुई थी भारी परेशानी

बता दें कि दिसंबर 2025 के संकट के बीच देश के कई बड़े एयरपोर्ट जैसे Indira Gandhi International Airport, Chhatrapati Shivaji Maharaj International Airport और Kempegowda International Airport पर यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा था। जिसमें कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर अपनी परेशानी साझा की थी। कुछ यात्रियों को बिना पर्याप्त सूचना के फ्लाइट कैंसिल होने का सामना करना पड़ा, जबकि कुछ यात्रियों की उड़ानें कई घंटों तक देरी से चलीं। वहीं, इस घटना के बाद इंडिगो की ग्राहक सेवा और संचालन क्षमता को लेकर सवाल उठने लगे थे।

इंडिगो भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन

इंडिगो आज भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी मानी जाती है। घरेलू विमानन बाजार में इसका हिस्सा लगभग 60% से ज्यादा है।अब ऐसे में कंपनी देश के लगभग हर बड़े शहर को जोड़ने के साथ-साथ कई अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर भी उड़ानें संचालित करती है। इंडिगो का फोकस कम लागत (Low Cost) मॉडल पर रहा है, जिसके कारण यह यात्रियों के बीच काफी लोकप्रिय है। हाल के वर्षों में कंपनी ने अपने बेड़े में कई नए एयरक्राफ्ट शामिल किए हैं और लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की योजना भी बनाई है।

राहुल भाटिया संभालेंगे अंतरिम जिम्मेदारी

दरअसल, पीटर एल्बर्स के इस्तीफे के बाद अब कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर राहुल भाटिया को अंतरिम रूप से इंडिगो का संचालन संभालने की जिम्मेदारी दी गई है।राहुल भाटिया इंडिगो के सह-संस्थापकों में से एक हैं और लंबे समय से कंपनी की रणनीतिक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। कंपनी के अनुसार, जल्द ही नए CEO की नियुक्ति के लिए प्रक्रिया शुरू की जाएगी। एविएशन सेक्टर के विशेषज्ञों का मानना है कि इंडिगो ऐसे व्यक्ति को CEO बनाना चाहेगी जिसके पास वैश्विक विमानन उद्योग का अनुभव हो और जो कंपनी को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार कर सके।

आगे क्या होंगे कंपनी के सामने बड़े चुनौती

  • उड़ानों के संचालन को पूरी तरह स्थिर करना।
  • यात्रियों का भरोसा दोबारा मजबूत करना।
  • अंतरराष्ट्रीय विस्तार की योजनाओं को जारी रखना।
  • बढ़ती प्रतिस्पर्धा का सामना करना।

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Author

  • Aparna Panwar

    अपर्णा पवांर, एक हिंदी कंटेंट राइटर है, जिन्होंने डिजिटल मीडिया में अपनी लेखनी से पहचान बनाई। आज वे “Khaber Aaj Ki” में हिंदी कंटेंट राइटर के पद पर काम करते हुए पत्रकारिता को अपना जुनून मानती हैं। उनके विचारों में खबरें केवल सूचनाएं नहीं, बल्कि लोगों तक सच्चाई पहुँचाने का माध्यम हैं।

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