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भारत फिर खोलेगा बांग्लादेश में सभी वीजा सेंटर,मोहम्मद यूनुस के जाते ही सुधरने लगे रिश्ते!
Current image: India Bangladesh Visa Service

India Bangladesh Visa Service: भारत और बांग्लादेश के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव के बाद अब संबंधों में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। हालिया, राजनीतिक बदलावों के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संवाद तेज हुआ है और भारत ने बांग्लादेश में अपनी वीजा सेवाएं दोबारा शुरू करने की तैयारी शुरू कर दी है। इससे आम लोगों, मरीजों, छात्रों और व्यापारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

राजनीतिक बदलाव के बाद बदला माहौल

जुलाई-अगस्त 2024 में हुए बड़े विरोध-प्रदर्शनों के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार का तख्तापलट हो गया था। इसके बाद दोनों देशों के रिश्तों में खटास आ गई थी। शेख हसीना के कार्यकाल में भारत और बांग्लादेश के बीच करीबी सहयोग देखने को मिलता था, खासकर सुरक्षा, व्यापार और कनेक्टिविटी के क्षेत्रों में है। वहीं, शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद अंतरिम शासन में मोहम्मद यूनुस की भूमिका सामने आई, लेकिन उस दौर में भारत-विरोधी माहौल बढ़ने की खबरें भी सामने आईं। इससे दोनों देशों के रिश्ते और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए थे।

वीजा सेवाएं क्यों हुई थीं बंद

भारत ने सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए 17 दिसंबर 2025 से बांग्लादेश में अपनी वीजा सेवाएं निलंबित कर दी थीं। सबसे पहले राजधानी ढाका स्थित इंडियन वीजा एप्लिकेशन सेंटर को बंद किया गया था। उस समय भारत के राजनयिक मिशनों और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई थी। जिसके बाद वीजा सेवाएं बंद होने से हजारों बांग्लादेशी नागरिक प्रभावित हुए थे, जो इलाज, पढ़ाई या व्यापार के लिए भारत जाना चाहते थे। खासकर मेडिकल वीजा बंद होने से मरीजों को बड़ी परेशानी झेलनी पड़ी थी।

नई सरकार से बढ़ी उम्मीद

दरअसल, हाल ही में हुए चुनावों में BNP की जीत और तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने के बाद दोनों देशों के रिश्तों में सुधार की उम्मीद जगी है। वहीं, नई सरकार के गठन के बाद दिल्ली और ढाका के बीच संपर्क बढ़ा है और कूटनीतिक स्तर पर सकारात्मक संकेत मिले हैं।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि दक्षिण एशिया में स्थिरता और आर्थिक सहयोग के लिए भारत-बांग्लादेश संबंधों का मजबूत होना बेहद जरूरी है। यही कारण है कि दोनों देश अब रिश्तों को सामान्य बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।

फिर शुरू होंगी सभी वीजा सेवाएं

जानकारी के अनुसार, सिलहट में भारत के वरिष्ठ कांसुलर अधिकारी का कहना है कि सभी वीजा सेवाओं को पूरी तरह बहाल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। फिलहाल मेडिकल और डबल-एंट्री वीजा जारी किए जा रहे हैं, जबकि ट्रैवल वीजा समेत अन्य श्रेणियों को भी जल्द शुरू करने की तैयारी है।साथ ही, सिलहट में दिया गया जहां भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भारत-बांग्लादेश संबंध आपसी सम्मान और सहयोग पर आधारित हैं।

आम लोगों को मिलेगी राहत

जानकारी के अनुसार, वीजा सेवाएं दोबारा शुरू होने से सबसे ज्यादा फायदा आम नागरिकों को होगा। बड़ी संख्या में बांग्लादेशी मरीज इलाज के लिए भारत आते हैं। इसके अलावा छात्र, पर्यटक और व्यापारी भी नियमित रूप से यात्रा करते हैं। जिसके बाद वीजा बहाली से दोनों देशों के बीच लोगों का आना-जाना बढ़ेगा, जिससे आर्थिक गतिविधियों और सांस्कृतिक संबंधों को भी मजबूती मिलेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम विश्वास बहाली की दिशा में महत्वपूर्ण माना जाएगा।

भविष्य के रिश्तों पर नजर

राजनीतिक बदलावों के बाद अब दोनों देशों के सामने सबसे बड़ी चुनौती स्थिर और भरोसेमंद संबंध बनाए रखना है। सीमा सुरक्षा, व्यापार, ऊर्जा सहयोग और कनेक्टिविटी जैसे मुद्दों पर मिलकर काम करने से रिश्ते और मजबूत हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि अगर वीजा सेवाएं पूरी तरह बहाल हो जाती हैं और कूटनीतिक संवाद जारी रहता है, तो आने वाले समय में भारत-बांग्लादेश संबंध फिर से पहले जैसे मजबूत हो सकते हैं। दक्षिण एशिया की क्षेत्रीय शांति और विकास के लिए भी यह बेहद अहम माना जा रहा है।

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