
PM Modi Virtual Meeting: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और तेल की सप्लाई पर बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक की है। बता दें कि यह बैठक लगभग दो घंटे चली है, जिसमें देश में पेट्रोल-डीजल और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति को सुनिश्चित करने के लिए रणनीति बनाई गई। पीएम मोदी ने राज्यों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि देश में कोई लॉकडाउन नहीं लगेगा और हमें ‘टीम इंडिया’ की तरह मिलकर काम करना होगा।
मिडिल ईस्ट युद्ध और भारत पर संभावित प्रभाव
मिडिल ईस्ट में हाल ही में उत्पन्न संकट ने वैश्विक तेल बाजार को प्रभावित किया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने का खतरा और ईंधन की आपूर्ति में संभावित बाधा ने भारत की अर्थव्यवस्था के लिए सतर्कता बढ़ा दी है। प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक में बताया कि केंद्र सरकार पूरी तरह तैयार है और राज्यों को जमीनी स्तर पर इन नीतियों को प्रभावी बनाने की जिम्मेदारी निभानी होगी। जिसमें प्रधानमंत्री ने कहा कि जैसे कोविड-19 महामारी के दौरान केंद्र और राज्यों ने मिलकर ‘टीम इंडिया’ का मॉडल अपनाया था, आज उसी सहयोग और एकजुटता की आवश्यकता है। मार्च 2020 में देश में लॉकडाउन लगाने से पहले पीएम मोदी ने मुख्यमंत्रियों के साथ लगातार बैठकें कर टेस्टिंग, ट्रैकिंग और इलाज की प्रक्रिया सुनिश्चित की थी। आज भी वैश्विक संकट में उसी तरह की रणनीति की जरूरत है ताकि आम नागरिकों पर इसका बोझ न पड़े।
पेट्रोल-डीजल और आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई
बैठक का मुख्य एजेंडा देश में ईंधन और जरूरी सामानों की निर्बाध सप्लाई को सुनिश्चित करना था। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वैश्विक तेल संकट के बावजूद भारत में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति रुकने नहीं पाएगी। राज्यों को यह व्यवस्था करनी होगी कि नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
जानकारी के अनुसार, बैठक में प्रत्येक राज्य के मुख्यमंत्रियों ने अपनी तैयारियों और वर्तमान स्थिति का ब्योरा दिया। इसके अलावा, बढ़ती महंगाई और रसद व्यवस्था पर भी विस्तृत चर्चा हुई। सभी ने अपनी तैयारियों को साझा करते हुए भरोसा दिलाया कि देश में कोई भी संकट आम नागरिकों तक सीधे असर नहीं डालेगा।
राज्यों के साथ सहयोग की अपील
प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्रियों से अपील की कि वे केंद्र की नीतियों को अपने राज्यों में लागू करें और सुनिश्चित करें कि जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने याद दिलाया कि संकट के समय केंद्र और राज्य मिलकर ही देश की रक्षा और आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित कर सकते हैं। साथ ही, प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि वैश्विक तेल संकट के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी रहे, इसके लिए सभी राज्यों को सामूहिक रूप से काम करना होगा। उन्होंने राज्यों को सलाह दी कि आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) को मजबूत रखें और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करें।
कोरोना महामारी की तुलना
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने मौजूदा स्थिति की तुलना कोरोना महामारी से की। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के दौरान केंद्र और राज्यों ने मिलकर ‘टीम इंडिया’ मॉडल अपनाया था। उस वक्त मुफ्त वैक्सीनेशन और टेस्टिंग, ट्रैकिंग की योजना बनाई गई थी। उन्होंने कहा कि आज भी उसी तरह सहयोग की जरूरत है ताकि मिडिल ईस्ट संकट का प्रभाव भारत की जनता पर कम से कम पड़े। बता दें कि 2021 में जब वैक्सीनेशन की प्रक्रिया शुरू हुई थी, तब पीएम मोदी ने 18 साल से ऊपर के सभी लोगों को मुफ्त वैक्सीन देने की योजना की घोषणा की थी। उन्होंने स्पष्ट किया था कि किसी राज्य सरकार को इस पर खर्च करने की आवश्यकता नहीं है। यह मॉडल राज्यों और केंद्र के बीच सहयोग का एक सफल उदाहरण साबित हुआ।
बैठक में शामिल मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय मंत्रियों की लिस्ट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई बड़े राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने हिस्सा लिया।
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव
- उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
- दक्षिण भारत से चंद्रबाबू नायडू और रेवंत रेड्डी
- पंजाब से भगवंत मान
- जम्मू-कश्मीर से उमर अब्दुल्ला
- झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
- गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल
- महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस
वैश्विक संकट के मद्देनजर रणनीति
बैठक में चर्चा हुई कि मिडिल ईस्ट के युद्ध और तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते भारत में ईंधन की कीमतों और महंगाई पर प्रभाव पड़ सकता है। इसके मद्देनजर केंद्र और राज्य मिलकर आवश्यक कदम उठाएंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में किसी भी वस्तु की कमी या अत्यधिक मूल्यवृद्धि नहीं होने दी जाएगी। बैठक में राज्यों से यह भी कहा गया कि वे स्थानीय स्तर पर रसद और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करें। बाजार में आवश्यक वस्तुओं और ईंधन की सप्लाई को निरंतर बनाए रखने के लिए राज्यों को सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
टीम इंडिया का नया मंत्र
प्रधानमंत्री ने बैठक में ‘टीम इंडिया’ की अहमियत पर जोर दिया है। जिसमें उनका कहना था कि जब देश संकट में होता है, तब केंद्र और राज्य मिलकर परिवार की तरह काम करें। यह मॉडल सिर्फ कोरोना महामारी के दौरान ही सफल नहीं हुआ, बल्कि आज मिडिल ईस्ट संकट में भी इसका सहारा लिया जा सकता है। प्रधानमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि वैश्विक संकट के कारण देश में लॉकडाउन जैसी स्थिति नहीं आएगी। इसके साथ ही उन्होंने यह भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार हर संभव उपाय कर रही है ताकि आम नागरिक प्रभावित न हो।
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