Skip to main content Scroll Top
India Budget 2026 Date: इस दिन पेश होगा बजट,आम आदमी से लेकर उद्योग जगत तक की निगाहें टिकीं
The current image has no alternative text. The file name is: Untitled-design-54.png

देश की अर्थव्यवस्था की दिशा तय करने वाला केंद्रीय बजट 2026-27 अब बस कुछ ही घंटों दूर है. आम आदमी से लेकर बड़े उद्योगपतियों तक, हर किसी की नजर इस बजट पर टिकी हुई है. टैक्स में राहत मिलेगी या नहीं, महंगाई से कैसे निपटा जाएगा, नौकरी और कारोबार को कितना सहारा मिलेगा इन तमाम सवालों के जवाब इसी बजट से मिलने की उम्मीद है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कल यानी 1 फरवरी 2026 को संसद में केंद्रीय बजट पेश करेंगी. यह उनका लगातार रिकॉर्ड 9वां बजट होगा.बजट भाषण सुबह 11 बजे संसद में शुरू होगा.

क्यों खास है बजट 2026?

बजट 2026 कई मायनों में बेहद अहम माना जा रहा है. एक तरफ सरकार का लक्ष्य देश को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाना है, तो दूसरी तरफ आम लोगों को महंगाई, टैक्स और खर्चों से राहत की उम्मीद है. पिछले कुछ वर्षों में वैश्विक हालात, महंगाई और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच सरकार ने संतुलन बनाने की कोशिश की है. ऐसे में यह बजट तय करेगा कि आने वाले साल में सरकार की प्राथमिकताएं क्या होंगी.

GST को लेकर इंडस्ट्री की नजरें

उद्योग जगत को भी इस बजट से काफी उम्मीदें हैं.खासतौर पर GST को लेकर राहत की मांग लंबे समय से उठती रही है. उद्योगों का मानना है कि अगर कुछ सेक्टर्स में GST दरों को सरल और तर्कसंगत बनाया जाए, तो कारोबार करना आसान होगा. इससे निवेश बढ़ेगा, रोजगार के नए अवसर बनेंगे और अर्थव्यवस्था को रफ्तार मिलेगी.

सैलरीड क्लास को टैक्स में राहत की उम्मीद

हर साल की तरह इस बार भी सैलरीड क्लास को बजट से सबसे ज्यादा उम्मीदें हैं. माना जा रहा है कि सरकार इनकम टैक्स स्लैब में कुछ बदलाव कर सकती है या फिर स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाया जा सकता है. अगर टैक्स में थोड़ी भी राहत मिलती है, तो इसका सीधा फायदा मध्यम वर्ग को होगा. इससे लोगों के हाथ में ज्यादा पैसा आएगा, जिससे खपत बढ़ेगी और अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी.

रियल एस्टेट सेक्टर को राहत की उम्मीद

रियल एस्टेट सेक्टर भी बजट 2026 को लेकर काफी उत्सुक है. इस सेक्टर का मानना है कि अगर होम बायर्स को राहत दी गई, तो घरों की मांग में इजाफा होगा. होमलैंड ग्रुप के सीईओ उमंग जिंदल के अनुसार, यूनियन बजट से रियल एस्टेट सेक्टर को ऐसी नीतियों की उम्मीद है, जो घर खरीदने वालों को प्रोत्साहित करें, निर्माण प्रक्रिया को आसान बनाएं और सेक्टर में भरोसा बढ़ाएं. उनका कहना है कि अगर होम लोन पर ब्याज में राहत, इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगातार खर्च और किफायती व मिड-सेगमेंट हाउसिंग को बढ़ावा दिया गया, तो खरीदारों का भरोसा मजबूत होगा.
साथ ही, अगर टैक्स व्यवस्था स्थिर रहती है और टिकाऊ निर्माण (Sustainable Construction) को समर्थन मिलता है, तो डेवलपर्स समय पर अच्छी क्वालिटी के प्रोजेक्ट दे पाएंगे.इससे शहरों का विकास भी सही दिशा में आगे बढ़ेगा.

हेल्थ सेक्टर से भी बड़ी उम्मीदें

बजट 2026-27 से हेल्थ सेक्टर को भी बड़ी राहत की उम्मीद है. कोरोना महामारी के बाद से स्वास्थ्य सेवाओं की अहमियत और ज्यादा बढ़ गई है. GEM हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. पी. सेंथिलनाथन का कहना है कि आने वाले साल का बजट लंबी अवधि की सोच पर आधारित होना चाहिए. हेल्थ सेक्टर चाहता है कि सरकार डिजिटल हेल्थ तकनीकों को बढ़ावा दे, मेडिकल उपकरणों पर टैक्स कम करे और इलाज को आम लोगों के लिए सस्ता बनाए.
उनके मुताबिक, अगर मेडिकल उपकरणों पर टैक्स घटता है, तो अस्पतालों की लागत कम होगी और इसका फायदा सीधे मरीजों को मिलेगा.यह कदम न सिर्फ देश को स्वस्थ बनाएगा, बल्कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में भी मदद करेगा.

इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास पर फोकस संभव

विशेषज्ञों का मानना है कि इस बजट में सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ा सकती है. सड़क, रेलवे, हाउसिंग और शहरी विकास जैसे सेक्टर्स पर निवेश से रोजगार के अवसर बनते हैं और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है. इसके साथ ही, मैन्युफैक्चरिंग और स्टार्टअप सेक्टर के लिए भी कुछ घोषणाएं होने की उम्मीद है.

आम आदमी के लिए बजट क्यों मायने रखता है?

केंद्रीय बजट सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं होता, बल्कि इसका सीधा असर आम आदमी की जिंदगी पर पड़ता है. टैक्स में बदलाव से सैलरी पर असर, पेट्रोल-डीजल और जरूरी सामानों की कीमतें, शिक्षा और स्वास्थ्य पर खर्च, रोजगार और सरकारी योजनाएं.इन सभी पहलुओं का फैसला बजट के जरिए ही होता है. यही वजह है कि हर वर्ग बजट के दिन का इंतजार करता है.

क्या महंगाई से मिलेगी राहत?

महंगाई आम लोगों की सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है. बजट 2026 से उम्मीद की जा रही है कि सरकार ऐसे कदम उठाएगी, जिससे रोजमर्रा की चीजें ज्यादा महंगी न हों. अगर सरकार सप्लाई चेन को मजबूत करती है और टैक्स स्ट्रक्चर में संतुलन लाती है, तो इसका असर महंगाई पर भी दिख सकता है.

बजट 2026 और 2047 का विजन

सरकार बार-बार 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की बात कर रही है. ऐसे में बजट 2026 उस लंबी यात्रा का एक अहम पढ़ाव माना जा रहा है. शिक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल इंडिया, ग्रीन एनर्जी और रोजगार इन सभी क्षेत्रों में संतुलित निवेश से ही यह लक्ष्य पूरा किया जा सकता है.

Related Posts

लेटेस्ट ➤

Advertising Banner
305x250