
IND vs ENG U19 Final: अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल मुकाबला भारत और इंग्लैंड के बीच रोमांचक अंदाज़ में खेला जा रहा है. टॉस जीतकर भारत ने पहले बल्लेबाज़ी करने का फैसला किया, लेकिन शुरुआत में ही टीम इंडिया को झटका लगा और पहला विकेट जल्दी गिर गया. ऐसे में भारत की पारी को संभालने की ज़िम्मेदारी युवा बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी और कप्तान आयुष म्हात्रे ने उठाई. दोनों ने मिलकर पारी को स्थिरता दी और इंग्लैंड के गेंदबाज़ों के दबाव से टीम को बाहर निकाला. खास बात यह रही कि वैभव सूर्यवंशी ने महज़ 32 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर दिया. उनकी इस तेज़ तर्रार पारी ने भारत को मुश्किल हालात से उबार दिया और टीम इंडिया को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया.
टॉस और शुरुआती झटका
फाइनल मुकाबले में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी चुनी.पिच पर शुरुआत में हल्की नमी और तेज़ गेंदबाज़ों को मदद दिख रही थी. इंग्लैंड के गेंदबाज़ों ने नई गेंद से कसी हुई लाइन-लेंथ रखी और भारत का पहला विकेट जल्दी गिरा. शुरुआती विकेट गिरने के बाद भारतीय डगआउट में थोड़ी चिंता दिखी, लेकिन वैभव सूर्यवंशी और कप्तान आयुष म्हात्रे ने संयम के साथ पारी को आगे बढ़ाया. दोनों ने पहले संभलकर खेला और फिर ढीली गेंदों पर रन बटोरते हुए रन-रेट को भी बनाए रखा.
वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक फिफ्टी
वैभव सूर्यवंशी ने फाइनल जैसे बड़े मंच पर जिस तरह का आत्मविश्वास दिखाया, वह काबिले-तारीफ रहा. उन्होंने इंग्लैंड के तेज़ और स्पिन गेंदबाज़ों दोनों पर बेहतरीन शॉट्स लगाए. सूर्यवंशी ने 32 गेंदों में अर्धशतक, कवर ड्राइव, पुल शॉट और स्क्वायर कट से दर्शकों का दिल जीता. सूर्यवंशी ने मुश्किल समय में जिम्मेदारी लेकर बल्लेबाज़ी की. उनकी इस पारी से भारत को न सिर्फ रन मिले, बल्कि टीम का मनोबल भी ऊंचा हुआ. फाइनल जैसे दबाव भरे मुकाबले में इस तरह की पारी युवा खिलाड़ी के आत्मविश्वास को दिखाती है.
कप्तान आयुष म्हात्रे की समझदारी भरी साझेदारी
कप्तान आयुष म्हात्रे ने वैभव सूर्यवंशी का बेहतरीन साथ दिया. उन्होंने शुरुआत में जोखिम नहीं लिया और स्ट्राइक रोटेट करते रहे. जरूरत के वक्त बाउंड्री लगाई और वैभव को खुलकर खेलने का मौका दिया. इंग्लैंड के गेंदबाज़ों पर दबाव बनाया और दोनों के बीच बनी यह साझेदारी भारत की पारी के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हो रही है.
भारत बनाम इंग्लैंड फाइनल इतिहास दोहराने की कोशिश
यह दूसरी बार है जब U19 वर्ल्ड कप के फाइनल में भारत और इंग्लैंड आमने-सामने हैं. इससे पहले 2022 के फाइनल में भी दोनों टीमों की टक्कर हुई थी.इस बार भी दोनों टीमें पूरे टूर्नामेंट में एक भी मैच नहीं हारी हैं. जहां,भारत अपना 10वां फाइनल खेल रहा है. वहीं,इंग्लैंड छठी बार फाइनल में पहुंचा है.भारत अब तक 5 बार चैंपियन बन चुका है. वहीं, इंग्लैंड अपने दूसरे खिताब की तलाश में है. भारत और इंग्लैंड के इतिहास और आंकड़े इस मुकाबले को और भी ज्यादा खास बना रहे हैं.
भारत और इंग्लैंड की राह,फाइनल तक का सफर
भारत का सफर
टीम इंडिया ने सेमीफाइनल में अफगानिस्तान के खिलाफ 311 रन का बड़ा लक्ष्य हासिल कर फाइनल में जगह बनाई. इस जीत ने टीम के आत्मविश्वास को और मजबूत किया. पूरे टूर्नामेंट में भारतीय बल्लेबाज़ों और गेंदबाज़ों ने संतुलित प्रदर्शन किया है.
इंग्लैंड का सफर
इंग्लैंड ने सेमीफाइनल में गत चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को 27 रन से हराया. इंग्लैंड की गेंदबाज़ी इस टूर्नामेंट में काफी प्रभावशाली रही है, जबकि बल्लेबाज़ी में भी टीम ने अहम मौकों पर अच्छा प्रदर्शन किया है.
दोनों टीमों की प्लेइंग XI
इंग्लैंड U19 (Playing XI)
बेन डॉकिन्स, जोसेफ मूरेस, बेन मेयस, थॉमस रेव, कालेब फाल्कनर, राल्फी अल्बर्ट, फरहान अहमद, सेबेस्टियन मॉर्गन, जेम्स मिंटो, मैनी लम्सडेन, एलेक्स ग्रीन
भारत U19 (Playing XI)
एरोन जॉर्ज, वैभव सूर्यवंशी, आयुष म्हात्रे (कप्तान), विहान मल्होत्रा, वेदांत त्रिवेदी, अभिज्ञान कुंडू (विकेटकीपर), आरएस अंबरीश, कनिष्क चौहान, खिलान पटेल, हेनिल पटेल, दीपेश देवेंद्रन
U19 वर्ल्ड कप का फाइनल युवा खिलाड़ियों के लिए सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि भविष्य की तैयारी का मंच होता है. यहां अच्छा प्रदर्शन करने वाले कई खिलाड़ी आगे चलकर सीनियर टीम तक पहुंचते हैं. वैभव सूर्यवंशी की फिफ्टी और आयुष म्हात्रे की कप्तानी यह दिखाती है कि भारत के पास भविष्य के लिए मजबूत टैलेंट मौजूद है. इंग्लैंड की टीम भी संतुलित नजर आ रही है और उनके गेंदबाज़ भारत को बड़ा स्कोर बनाने से रोकने की कोशिश में जुटे हैं.
अब सबकी नजरें इस बात पर होंगी कि:
- भारत इस मजबूत शुरुआत को बड़े स्कोर में बदल पाता है या नहीं.
- इंग्लैंड की गेंदबाज़ी वापसी कर पाती है या नहीं.
- दूसरी पारी में पिच बल्लेबाज़ों या गेंदबाज़ों के लिए कैसी रहती है.
- फाइनल मुकाबला अभी खुला हुआ है और किसी भी पल मैच का रुख बदल सकता है.






