
Gold-Silver Prices: सोना और चांदी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। जिसके वजह से निवेशकों में सुरक्षित निवेश की मांग बहुत ज्यादा होती जा रही है। आइए जानते हैं यहां पूरी खबर
Gold-Silver Prices: सोने और चांदी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। वहीं, घरेलू वायदा बाजार (MCX) पर सोना 1,43,590 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया है, जबकि चांदी 2,92,960 रुपये प्रति किलो के स्तर पर कारोबार कर रही है। एक्सपर्ट्स के अनुसार सुरक्षित निवेश की मांग, डॉलर में कमजोरी और वैश्विक आर्थिक व जियोपॉलिटिकल अस्थिरता इस तेजी की खास वजह हैं।
दरअसल, विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले हफ्ते में सोने का भाव और भी ज्यादा ऊपर जा सकता है।MCX पर सोना 1,46,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,750 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस तक जाने का अनुमान है। बता दें कि, चांदी के मामले में तेजी के बाद कुछ थोड़ा सा सुधार देखने को मिल सकता है, लेकिन यह भी 100 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच सकती है।
तेजी के पीछे वजह
जानकारी के लिए बता दें कि इस तेजी की खास सबसे बड़ी वजह निवेशकों का सुरक्षित निवेश की ओर रुझान है। जबकि वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ने से निवेशक सोना और चांदी जैसे सुरक्षित विकल्प चुन रहे हैं। वहीं, इसके अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा भविष्य में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद भी कीमती धातुओं को समर्थन दे रही है। डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी का असर भी घरेलू कीमतों पर पड़ा है। साथ ही ईरान से जुड़ी जियोपॉलिटिकल चिंताओं ने भी बाजार में जोखिम बढ़ाया है, जिससे सोने की मांग मजबूत हुई है।
आने वाले आंकड़ों पर रखें नजर
हालांकि, आने वाले दिनों में बाजार की नजर वैश्विक आर्थिक आंकड़ों पर रहेगी। वहीं, इनमें प्रमुख देशों की महंगाई दर, GDP ग्रोथ, PCI इंडेक्स, PMI और बेरोजगारी के आंकड़े शामिल हैं। जिसमें इन आंकड़ों से अमेरिकी फेड की आगे की नीति को लेकर संकेत मिलेंगे। साथ ही, इसके अलावा चीन के आर्थिक आंकड़े भी धातु बाजार के लिए अहम होंगे।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में भाषण और सुप्रीम कोर्ट के व्यापार से जुड़े फैसले भी बाजार की दिशा तय कर सकते हैं।
चांदी की औद्योगिक मांग मजबूत
विशेषज्ञों का कहना है कि, चांदी की औद्योगिक मांग लंबे समय तक इसे समर्थन देती रहेगी। जैसे टेक्नोलॉजी, रिन्यूएबल एनर्जी और इलेक्ट्रिफिकेशन जैसे क्षेत्रों में चांदी की खपत बढ़ रही है। साथ ही, ईटीएफ में निवेश और केंद्रीय बैंकों के सोने को रिजर्व में जोड़ने का सिलसिला भी जारी है।






