
Gold Prices Crash: सोने और चांदी की कीमतों में इन दिनों बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। जहां कुछ समय पहले तक सोना लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा था, वहीं अब इसमें तेज गिरावट ने निवेशकों को चौंका दिया है। अब हालात ऐसे हैं कि जनवरी के रिकॉर्ड स्तर से सोना करीब ₹50,000 प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हो चुका है।
जानकारी के लिए बता दें कि बाजार में इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां मानी जा रही हैं। जिसमें खासकर मध्य पूर्व में जारी तनाव और अमेरिकी डॉलर की मजबूती ने सोने की चमक को फीका कर दिया है। ऐसे में अब सवाल उठ रहा है कि क्या सोना फिर से ₹1 लाख के आसपास आ सकता है।
रिकॉर्ड स्तर से ₹50 हजार तक टूटा सोना
अब अगर हाल ही के आंकड़ों पर नजर डालें तो 29 जनवरी 2026 को सोने ने एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया था। उस दिन मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,93,000 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया था। लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। मौजूदा समय में सोने की कीमत लगभग ₹1,47,000 प्रति 10 ग्राम के आसपास चल रही है। यानी करीब ₹46,000 से ₹50,000 तक की बड़ी गिरावट देखने को मिली है।वहीं, चांदी की कीमतों में भी इसी तरह की कमजोरी देखी जा रही है, जिससे साफ है कि पूरे कीमती धातु बाजार पर दबाव बना हुआ है।
क्यों गिर रहे हैं सोने-चांदी के दाम?
सोने की कीमतों में गिरावट के पीछे कई अहम कारण हैं।
डॉलर की मजबूती
बता दें कि जब अमेरिकी डॉलर मजबूत होता है, तो सोने की कीमतों पर दबाव आता है। निवेशक सोने की बजाय डॉलर में निवेश करना ज्यादा सुरक्षित मानते हैं।
मध्य पूर्व में तनाव
दरअसल,आमतौर पर युद्ध या तनाव के समय सोना सुरक्षित निवेश माना जाता है और इसकी कीमत बढ़ती है। लेकिन इस बार उल्टा असर देखने को मिल रहा है, क्योंकि डॉलर भी साथ में मजबूत हो रहा है।
ब्याज दरों का प्रभाव
ग्लोबल स्तर पर ब्याज दरें ऊंची होने से सोने की मांग कम हो जाती है। निवेशक फिक्स्ड इनकम विकल्पों की ओर ज्यादा आकर्षित होते हैं।
क्या ₹1 लाख तक गिर सकता है सोना
कमोडिटी बाजार के जानकार अजय केडिया के अनुसार, अगर यही ट्रेंड जारी रहता है तो सोने की कीमत और नीचे जा सकती है।
जिसमें उनका कहना है कि आने वाले समय में सोने का भाव ₹1,15,000 प्रति 10 ग्राम तक गिर सकता है। इसका मतलब है कि सोना फिर से ₹1 लाख के करीब पहुंच सकता है। हालांकि यह पूरी तरह बाजार की स्थितियों पर निर्भर करेगा, जिसमें डॉलर की चाल, वैश्विक तनाव और निवेशकों की मांग अहम भूमिका निभाएंगे।
आज आपके शहर में क्या है सोने का भाव?
भारत के अलग-अलग शहरों में सोने की कीमतों में थोड़ा अंतर देखने को मिलता है। इसकी वजह टैक्स, मेकिंग चार्ज और स्थानीय डिमांड होती है। जिसमें आमतौर पर सोने के भाव इस तरह होते हैं।
- 24 कैरेट सोना: सबसे शुद्ध, निवेश के लिए बेहतर।
- 22 कैरेट सोना: ज्वेलरी के लिए ज्यादा इस्तेमाल।
- 18 कैरेट सोना: हल्के और डिजाइनर आभूषणों के लिए।
निवेशकों के लिए क्या है सही रणनीति?
अब ऐसे समय में जब बाजार में उतार-चढ़ाव ज्यादा हो, निवेशकों को अलर्ट रहने की जरूरत है।
जिसमें अजय केडिया की सलाह है कि अगर आप सोने में निवेश करना चाहते हैं तो सीधे फिजिकल गोल्ड खरीदने की बजाय गोल्ड ETF के जरिए निवेश करें।
क्यों बेहतर है Gold ETF?
- सुरक्षित और डिजिटल निवेश
- शुद्धता की चिंता नहीं
- कम लागत में निवेश संभव
- SIP के जरिए धीरे-धीरे निवेश
SIP क्यों है फायदेमंद?
SIP (Systematic Investment Plan) के जरिए आप हर महीने थोड़ी-थोड़ी रकम निवेश कर सकते हैं। इससे बाजार के उतार-चढ़ाव का असर कम हो जाता है।
क्या अभी सोना खरीदना सही है?
दरअसल, यह सवाल हर निवेशक के मन में है। अगर आप लॉन्ग टर्म निवेशक हैं तो गिरावट आपके लिए मौका हो सकती है। लेकिन एक साथ बड़ी रकम लगाने से बचें।
- छोटे-छोटे हिस्सों में निवेश करें।
- बाजार पर नजर बनाए रखें।
- एक्सपर्ट की सलाह के साथ निवेश करें।
अब आगे क्या रहेगा ट्रेंड
जानकारी के लिए बता दें कि आने वाले समय में सोने की कीमतें कई फैक्टर्स पर निर्भर करेंगी।
- डॉलर इंडेक्स की चाल
- ग्लोबल इकोनॉमी की स्थिति
- युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव
- केंद्रीय बैंकों की नीतियां
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