
Ganga Expressway: उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। राज्य का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट गंगा एक्सप्रेसवे अब लगभग तैयार हो चुका है। जिसमें करीब 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक बनाया जा रहा है, जिससे पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच सफर बेहद आसान और तेज हो जाएगा।
जानकारी के लिए बता दें कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद मेरठ से प्रयागराज तक की यात्रा, जो अभी लगभग 10–12 घंटे में पूरी होती है, वह घटकर करीब 6 से 7 घंटे में पूरी हो सकेगी। इससे प्रदेश के लाखों लोगों को सीधा फायदा मिलेगा और व्यापार व परिवहन भी तेजी से बढ़ेगा।
परियोजना का अधिकांश काम पूरा
स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के CEO मनोज कुमार ने मेरठ में एक्सप्रेसवे का निरीक्षण करने के बाद बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे का अधिकांश निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। जिसमें उन्होंने कहा कि अब तीसरे चरण में केवल एक्सप्रेसवे के किनारे साइड की दीवार (बाउंड्री वॉल) का थोड़ा बहुत काम बाकी है। इसे भी अगले एक महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। बता दें कि मेरठ जिले में एक्सप्रेसवे का लगभग 22 किलोमीटर लंबा हिस्सा पहले ही अक्टूबर 2025 में पूरा कर लिया गया था। इसके बाद अन्य हिस्सों पर भी तेजी से काम किया गया है।
मेरठ में टोल प्लाजा बनकर तैयार
गंगा एक्सप्रेसवे के लिए मेरठ के पास बिजौली के नजदीक खड़खड़ी में एक बड़ा टोल प्लाजा बनाया गया है। जिसमें यह टोल प्लाजा पूरी तरह से तैयार हो चुका है और इसका परीक्षण भी किया जा चुका है। साथ ही,यह एक्सप्रेसवे फिलहाल छह लेन का बनाया जा रहा है, लेकिन भविष्य में बढ़ती ट्रैफिक को देखते हुए इसे आठ लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा।मेरठ से बदायूं के बीच पहले सेक्टर में करीब 130 किलोमीटर का निर्माण कार्य किया जा रहा था, जिसमें से 129 किलोमीटर का काम पूरा हो चुका है।
एक्सप्रेसवे पर बनेंगी हवाई पट्टियां
गंगा एक्सप्रेसवे को केवल सड़क परियोजना ही नहीं, बल्कि रणनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बनाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस एक्सप्रेसवे पर चार जगहों पर हवाई पट्टियां बनाई जा रही हैं, ताकि आपातकाल की स्थिति में भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान यहां उतर सकें। वहीं,इनमें से एक 3.5 किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद क्षेत्र में तैयार की जा चुकी है। इससे रक्षा के लिहाज से भी इस एक्सप्रेसवे का महत्व बढ़ गया है।
120 किमी प्रति घंटा होगी स्पीड
गंगा एक्सप्रेसवे पर वाहनों के लिए अधिकतम गति सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटा तय की जाएगी। जिससे हाई स्पीड कॉरिडोर के कारण लंबी दूरी का सफर बहुत ही कम समय में पूरा किया जा सकेगा। जिसमें खासकर मेरठ, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली और प्रयागराज जैसे जिलों के बीच यात्रा आसान हो जाएगी।
टोल प्लाजा पर नहीं लगेगी लंबी लाइन
गंगा एक्सप्रेसवे के टोल प्लाजा पर आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। खड़खड़ी टोल प्लाजा पर ऐसी व्यवस्था लगाई जा रही है, जिससे वाहनों को बैरियर के सामने रुकना नहीं पड़ेगा। साथ है, यह सिस्टम फास्ट टैग और ऑटोमैटिक टोल कलेक्शन तकनीक पर आधारित होगा। इसके जरिए वाहन बिना रुके टोल प्लाजा से गुजर सकेंगे और टोल अपने आप कट जाएगा। अब भविष्य में एक्सप्रेसवे के एंट्री और एग्जिट पॉइंट पर भी इसी तरह की तकनीक लागू की जाएगी, जिससे टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी लाइनों की समस्या खत्म हो जाएगी।
कई जिलों को मिलेगा फायदा
जानकारी के लिए बता दें कि गंगा एक्सप्रेसवे बनने से उत्तर प्रदेश के कई जिलों को बड़ा फायदा मिलने वाला है। यह एक्सप्रेसवे प्रदेश के कई प्रमुख शहरों और जिलों को आपस में जोड़ेगा। जिसमें मुख्य रूप से शामिल हैं।
- मेरठ
- हापुड़
- बुलंदशहर
- बदायूं
- शाहजहांपुर
- हरदोई
- उन्नाव
- रायबरेली
- प्रतापगढ़
- प्रयागराज
प्रदेश के विकास में बड़ी भूमिका
गंगा एक्सप्रेसवे को उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है। जिसमें यह एक्सप्रेसवे पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पूर्वी उत्तर प्रदेश से सीधे जोड़ देगा, जिससे माल ढुलाई, उद्योग और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। सरकार का कहना है कि इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से प्रदेश के कई क्षेत्रों में नए उद्योग, वेयरहाउस और लॉजिस्टिक हब विकसित होंगे, जिससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
जल्द शुरू हो सकता है ट्रायल
परियोजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार बचे हुए छोटे-मोटे काम को तेजी से पूरा किया जा रहा है। साथ ही, उम्मीद है कि निर्माण कार्य पूरी तरह खत्म होने के बाद एक्सप्रेसवे पर जल्द ही ट्रायल रन शुरू किया जा सकता है। इसके बाद इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
यात्रा होगी तेज और आरामदायक
गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद मेरठ से प्रयागराज के बीच यात्रा न केवल तेज होगी बल्कि पहले से कहीं ज्यादा आरामदायक भी होगी। जिससे यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के परिवहन नेटवर्क को मजबूत करेगा और प्रदेश को आर्थिक विकास की नई गति देने में भी अहम भूमिका निभाएगा।
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