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FASTag नियमों में बदलाव, हाईवे पर सफर सस्ता और आसान हुआ,यहां जानें पूरी जानकारी
Current image: FASTag नियमों में बदलाव

FASTag Annual Pass: नेशनल हाईवे पर टोल टैक्स के खर्च को कम करने के लिए सरकार ने शुरू किया गया FASTag एनुअल पास तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। जिसको लॉन्च हुए सिर्फ 6 महीनों के भीतर ही इस पास को 50 लाख से अधिक लोगों ने बनवा लिया है। वहीं, इस दौरान 26.55 करोड़ से ज्यादा टोल ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड किए गए हैं, जो इस योजना की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाते हैं।
दरअसल, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने नेशनल हाईवे नेटवर्क पर होने वाले कुल कार ट्रांजैक्शन में से करीब 28% अब FASTag एनुअल पास के जरिए किए जा रहे हैं। बता दें कि इससे अब हाईवे पर नियमित यात्रा करने वाले लोग इस पास को ज्यादा सुविधाजनक और किफायती मान रहे हैं।

जानकारी के लिए बता दें कि इस एनुअल पास की कीमत 3,000 रुपये रखी गई है, जिसमें 200 टोल ट्रिप शामिल हैं। अब इस तरह प्रति टोल पार करने की औसत लागत केवल लगभग 15 रुपये पड़ती है, जो सामान्य टोल शुल्क की तुलना में बहुत ही कम है। यही वजह है कि रोजाना या अक्सर हाईवे का उपयोग करने वाले वाहन मालिकों के बीच यह पास तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।

किन राज्यों में सबसे ज्यादा उपयोग

जानकारी के अनुसार, FASTag एनुअल पास के उपयोग में चंडीगढ़ सबसे आगे है, जहां देशभर के कुल एनुअल पास ट्रांजैक्शन का करीब 14% हिस्सा दर्ज किया गया है। वहीं, इसके बाद तमिलनाडु 12.3% और दिल्ली 11.5% के साथ दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं।

दिल्ली-NCR के टोल प्लाजाओं की बात करें तो बिजवासन फी प्लाजा सबसे आगे रहा, जहां कुल कार क्रॉसिंग में से लगभग 57% क्रॉसिंग एनुअल पास के जरिए हुई। इसके बाद मुंडका फी प्लाजा और सोनीपत के झिंझोली फी प्लाजा पर करीब 53% नॉन-कमर्शियल वाहनों ने एनुअल पास का उपयोग किया।

1,150 टोल प्लाजा पर मान्य

मंत्रालय का कहना है कि,यह एनुअल पास देशभर के लगभग 1,150 नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे टोल प्लाजा पर लागू है। एक बार 3,000 रुपये का भुगतान करने के बाद यह पास एक साल या 200 टोल क्रॉसिंग (जो पहले पूरी हो) तक वैध रहता है। इससे बार-बार FASTag रिचार्ज कराने की जरूरत खत्म हो जाती है और यात्रियों को बिना रुकावट टोल पार करने में सुविधा मिलती है। दरअसल, यह सुविधा केवल वैध FASTag वाले नॉन-कमर्शियल वाहनों जैसे कार, जीप और वैन के लिए उपलब्ध है। वाहन मालिक राजमार्ग यात्रा ऐप या NHAI की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए भुगतान करके यह पास एक्टिवेट कर सकते हैं। भुगतान के लगभग 2 घंटे के भीतर यह एनुअल पास संबंधित FASTag पर सक्रिय हो जाता है।

FASTag के नियमों में बड़ा बदलाव

इसी के साथ नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने FASTag जारी करने की प्रक्रिया को भी सरल बना दिया है। अब प्राइवेट वाहनों के लिए FASTag जारी होने के बाद अनिवार्य नो योर व्हीकल (KYV) प्रक्रिया को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। यह नया नियम 1 फरवरी 2026 से लागू हो चुका है। जिसमें पहले FASTag एक्टिव होने के बाद भी वाहन मालिकों से दोबारा दस्तावेज और फोटो जमा कराने पड़ते थे, जिससे प्रक्रिया लंबी और असुविधाजनक हो जाती थी। अब KYV प्रक्रिया हटने से नया FASTag लेना और इस्तेमाल करना पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है।

यात्रियों को होगा फायदा

सरकार का कहना है कि, FASTag एनुअल पास और नियमों में ढील से हाईवे यात्रा ज्यादा तेज, डिजिटल और किफायती बनेगी। इससे टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी लाइन कम होंगी और ईंधन की बचत भी होगी। साथ ही डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिलेगा और यात्रियों का समय बचेगा।

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