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चीन के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द, Diego Garcia क्यों है,अमेरिका का स्ट्रैटेजिक हब?
Current image: Diego Garcia

Diego Garcia: हिंद महासागर के बीचों-बीच स्थित Diego Garcia इन दिनों वैश्विक राजनीति और सुरक्षा रणनीति का केंद्र बना हुआ है. ईरान-अमेरिका तनाव और चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों के बीच यह छोटा सा द्वीप एक बार फिर चर्चा में आ गया है. यह द्वीप भले ही आकार में छोटा हो, लेकिन इसकी रणनीतिक ताकत इतनी बड़ी है कि इसे अमेरिका का “अनसिंकएबल एयरक्राफ्ट कैरियर” तक कहा जाता है.

क्यों है Diego Garcia इतना महत्वपूर्ण?

Diego Garcia Indian Ocean में स्थित चागोस द्वीपसमूह का हिस्सा है. इसकी सबसे बड़ी ताकत इसकी लोकेशन है.यह अफ्रीका, मध्य पूर्व और एशिया के बीच स्थित है. मलक्का स्ट्रेट और बाब-अल-मंदेब के बीच संतुलित दूरी और प्रमुख समुद्री व्यापार मार्गों के करीब. इसका मतलब यह है कि यहां से अमेरिका दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री रास्तों पर नजर रख सकता है.

अमेरिका और ब्रिटेन का जॉइंट मिलिट्री बेस

Diego Garcia पर United States और United Kingdom का संयुक्त सैन्य अड्डा है. यह बेस कई मायनों में खास है जैसे, लंबी रनवे जो भारी बमवर्षक विमानों के लिए उपयुक्त है, डीप-सी पोर्ट जहां बड़े युद्धपोत खड़े हो सकते हैं और एडवांस सर्विलांस और कम्युनिकेशन सिस्टम. यहां से अमेरिका आसानी से एशिया, अफ्रीका और मध्य पूर्व में ऑपरेशन चला सकता है.

B-2 और B-52 जैसे बॉम्बर्स का ‘दूसरा घर’

Diego Garcia की ताकत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यहां अमेरिका के सबसे खतरनाक बमवर्षक विमान तैनात रहते हैं:

  • B-2 Spirit (स्टेल्थ बॉम्बर)
  • B-52 Stratofortress

इन विमानों की लंबी दूरी की मारक क्षमता अमेरिका को बिना सीधे युद्ध में उतरे भी ताकत दिखाने का मौका देती है.

ईरान तनाव और हालिया घटनाएं

हाल ही में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच Diego Garcia का नाम फिर सामने आया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने इस दिशा में बैलिस्टिक मिसाइल दागी. एक मिसाइल रास्ते में ही फेल हो गई और दूसरी को इंटरसेप्ट कर लिया गया. यह घटना इस बात को दर्शाती है कि यह बेस कितना संवेदनशील और अहम है.

चीन के लिए क्यों है चिंता का कारण?

Diego Garcia को लेकर China भी चिंतित रहता है. कारण साफ हैं. हिंद महासागर में चीन की बढ़ती मौजूदगी, ‘स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स’ रणनीति और समुद्री व्यापार मार्गों पर नियंत्रण की कोशिश. Diego Garcia से अमेरिका चीन की गतिविधियों पर नजर रख सकता है और जरूरत पड़ने पर तुरंत प्रतिक्रिया दे सकता है.

कैसे बना इतना बड़ा सैन्य अड्डा?

द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अमेरिका को अपने सैन्य ठिकानों को सुरक्षित रखने की जरूरत महसूस हुई. Cold War के दौरान यह जरूरत और बढ़ गई. 1960 के दशक में ब्रिटेन ने चागोस द्वीपसमूह को मॉरीशस से अलग किया, ब्रिटिश इंडियन ओशन टेरिटरी बनाई गई और अमेरिका को यहां सैन्य बेस बनाने की अनुमति मिली. यही वह समय था जब Diego Garcia को एक बड़े रणनीतिक केंद्र के रूप में विकसित किया गया.

Diego Garcia ने कई बड़े युद्धों में अहम भूमिका निभाई है जैसे, गल्फ वॉर, इराक वॉर और अफगानिस्तान ऑपरेशन. इन सभी ऑपरेशनों में यह बेस लॉजिस्टिक और एयर सपोर्ट का प्रमुख केंद्र रहा है.

यह बेस केवल युद्ध के लिए नहीं बल्कि निगरानी के लिए भी अहम है. सैटेलाइट कम्युनिकेशन, समुद्री गतिविधियों की निगरानी और ड्रोन ऑपरेशन. यहां से अमेरिका पूरे हिंद महासागर क्षेत्र की गतिविधियों पर नजर रख सकता है.

विवाद और मानवीय मुद्दे

Diego Garcia केवल रणनीतिक ही नहीं बल्कि विवादों के लिए भी जाना जाता है. Diego Garcia के स्थानीय चागोस निवासियों को हटाया गया, मानवाधिकार मुद्दे उठे और मॉरीशस ने इस पर दावा किया. यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई बार उठ चुका है.

आने वाले समय में Diego Garcia की रणनीतिक भूमिका और भी ज्यादा मजबूत और प्रभावशाली होने की संभावना है। दुनिया जिस तरह तेजी से बदलती भू-राजनीतिक परिस्थितियों से गुजर रही है, उसमें यह छोटा सा द्वीप वैश्विक ताकतों के बीच संतुलन बनाए रखने का एक अहम केंद्र बनता जा रहा है.

सबसे पहले बात करें China और United States के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा की, तो यह साफ दिखाई देता है कि हिंद महासागर अब केवल व्यापार का रास्ता नहीं रहा, बल्कि शक्ति प्रदर्शन का मंच बन चुका है. चीन अपनी “String of Pearls” रणनीति के तहत श्रीलंका, पाकिस्तान (ग्वादर), और अफ्रीका के तटीय इलाकों में अपनी मौजूदगी बढ़ा रहा है. ऐसे में Diego Garcia अमेरिका के लिए एक मजबूत काउंटर बेस के रूप में काम करता है, जहां से वह चीन की नौसैनिक गतिविधियों, पनडुब्बियों की मूवमेंट और समुद्री व्यापार मार्गों पर नजर रख सकता है.

इसी तरह, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अमेरिका की रणनीति भी तेजी से विकसित हो रही है. यह क्षेत्र आज वैश्विक अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के लिहाज से सबसे अहम माना जाता है. अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और भारत जैसे देशों के साथ मिलकर इस क्षेत्र में संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रहा है. ऐसे में Diego Garcia एक “लॉजिस्टिक और ऑपरेशनल हब” के रूप में उभर रहा है, जहां से लंबी दूरी के मिशन, नौसैनिक तैनाती और एयर ऑपरेशन को आसानी से संचालित किया जा सकता है. यह बेस न केवल सैन्य गतिविधियों के लिए बल्कि आपदा राहत, समुद्री सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी अभियानों में भी अहम भूमिका निभा सकता है.

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  • Sakshi Raj

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