
Delhi Karol Bagh Accident: राजधानी दिल्ली के करोल बाग इलाके में मंगलवार और बुधवार की दरम्यानी रात एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया. Karol Bagh में स्थित Jhandewalan Temple के पास एक डबल डेकर बस अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई. इस हादसे में अब तक 2 यात्रियों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 24 लोग घायल बताए जा रहे हैं. कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है.
देर रात हुआ हादसा, मची चीख-पुकार
यह हादसा रात करीब 1:08 बजे हुआ, जब लोग गहरी नींद में थे. जैसे ही बस पलटी, मौके पर चीख-पुकार मच गई. यात्री बस के अंदर फंसे हुए थे, कई लोग खिड़कियों से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे. आसपास के लोग तुरंत मदद के लिए दौड़ पड़े. चश्मदीदों के अनुसार, हादसा इतना भयानक था कि कुछ देर के लिए पूरा इलाका दहशत में आ गया.
जयपुर से दिल्ली आ रही थी बस
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, यह निजी बस राजस्थान के जयपुर से दिल्ली के फतेहपुरी की ओर जा रही थी. बस में करीब 25 यात्री सवार थे और अधिकांश यात्री सो रहे थे. वहीं,अचानक बस का संतुलन बिगड़ गया. बताया जा रहा है कि बस जैसे ही झंडेवालान मंदिर के पास हनुमान मूर्ति चौक के करीब पहुंची, चालक का नियंत्रण वाहन पर से हट गया और बस पलट गई.
हाई स्पीड बनी हादसे की वजह?
हादसे के पीछे तेज रफ्तार को एक बड़ी वजह माना जा रहा है. एक ऑटो चालक ने बताया बस की गति 70-80 किमी प्रति घंटा थी. गोल चक्कर से पहले बस बहुत तेज चल रही थी और अचानक नियंत्रण खो बैठी. हालांकि, पुलिस अभी इस बात की जांच कर रही है कि हादसा केवल स्पीड के कारण हुआ या इसके पीछे अन्य कारण भी थे.
एक अन्य चश्मदीद दीपक ने दावा किया कि सड़क पर कोई बड़ी रुकावट नहीं थी. संभव है कि ड्राइवर को झपकी आ गई हो या फिर देर रात ड्राइविंग के कारण ध्यान भटक सकता है. यह पहलू भी जांच का हिस्सा बनाया गया है.
लोगों ने बचाया यात्रियों की जान, दिखाई इंसानियत
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए राहत कार्य शुरू कर दिया. लोग बस के अंदर घुसे और यात्रियों को निकालने लगे. घायल यात्रियों को बाहर लाया गया और पुलिस आने से पहले ही कई लोगों को बचा लिया गया. यह घटना इंसानियत की मिसाल भी बन गई, जहां अनजान लोग एक-दूसरे की मदद के लिए आगे आए.
JCB और रस्सियों से चलाया गया रेस्क्यू ऑपरेशन
रेस्क्यू ऑपरेशन काफी चुनौतीपूर्ण था क्योंकि कई यात्री बस के अंदर फंसे हुए थे. JCB मशीन की मदद ली गई. रस्सियों के जरिए लोगों को बाहर निकाला गया
दमकल और पुलिस की टीमों ने मिलकर काम किया. एक चश्मदीद के अनुसार एक बच्चा बस के पीछे फंसा हुआ था और एक महिला भी गंभीर रूप से घायल अवस्था में फंसी थी. दोनों को काफी प्रयास के बाद बाहर निकाला गया.
वहीं,घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया. कुछ की हालत गंभीर, कई का इलाज जारी. वहीं,डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी में. अस्पताल सूत्रों के अनुसार, कुछ मरीजों की स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है.
हादसे की खबर फैलते ही पहुंचे परिजन
जैसे ही हादसे की खबर फैली, घायलों के परिजन और जानने वाले अस्पतालों की ओर दौड़ पड़े. अस्पतालों के बाहर चिंता और बेचैनी का माहौल देखने को मिला. परिजन अपने प्रियजनों की हालत जानने के लिए परेशान नजर आए. कई लोग फोन पर लगातार संपर्क करने की कोशिश करते रहे
अस्पतालों में भीड़ बढ़ गई.
यह दृश्य इस बात का संकेत था कि हादसे का असर केवल पीड़ितों तक सीमित नहीं, बल्कि उनके परिवारों तक भी गहराई से पहुंचा है.
पुलिस ने शुरू की जांच
दिल्ली पुलिस ने इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस ड्राइवर से पूछताछ कर रही है. वहीं, वाहन की तकनीकी जांच और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं. यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हादसे का असली कारण क्या था.
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है. तेज रफ्तार,ड्राइवर की थकान और रात में लंबी दूरी की यात्रा. ये सभी कारण अक्सर बड़े हादसों की वजह बनते हैं.
हादसे के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया है. देर रात ट्रैफिक प्रभावित हुआ. पुलिस ने इलाके को घेर लिया और लोगों की भीड़ जमा हो गई. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें.
करोल बाग का यह हादसा एक बार फिर यह याद दिलाता है कि सड़क पर छोटी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है. वाहन चलाते समय सतर्कता जरूरी, नियमों का पालन अनिवार्य और जिम्मेदारी के साथ ड्राइविंग ही सुरक्षित सफर की कुंजी है.
Read Related News: इंतजार खत्म! बिहार बोर्ड 12वीं रिजल्ट आज दोपहर 1:30 बजे होगा जारी






