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चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल के गवर्नर सीवी आनंद बोस का इस्तीफा,ममता बोलीं- मैं हैरान और परेशान हूं
Current image: CV Ananda Bose Resignation

CV Ananda Bose Resignation: पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब राज्य के गवर्नर CV आनंद बोस ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।बता दें कि उनके इस्तीफे की खबर सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। जिसमें सबसे खास बात यह है कि राज्य में इसी साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और चुनाव से ठीक पहले गवर्नर का इस्तीफा कई सवाल खड़े कर रहा है।

जानकारी के लिए बता दें कि राज्यपाल के पद से इस्तीफा देने के बाद CV आनंद बोस दिल्ली के लिए रवाना हो गए। हालांकि उन्होंने अपने इस्तीफे की स्पष्ट वजह नहीं बताई है, लेकिन उनके इस कदम ने राज्य की राजनीति को गरमा दिया है।

3.5 साल तक रहे पश्चिम बंगाल के राज्यपाल

सीवी आनंद बोस को 23 नवंबर 2022 को पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया गया था। जिसमें लगभग साढ़े तीन साल तक इस पद पर रहने के बाद उन्होंने इस्तीफा दिया है। वहीं, अपने इस्तीफे के बाद उन्होंने कहा कि राजभवन में काफी समय बिताया है और अब आगे बढ़ने का समय आ गया है। हालांकि उनके इस बयान के बावजूद राजनीतिक विश्लेषक मान रहे हैं कि इस्तीफे के पीछे कुछ और कारण भी हो सकते हैं, जिनका खुलासा आने वाले दिनों में हो सकता है।

ममता बनर्जी ने जताई हैरानी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गवर्नर के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह इस खबर से बेहद हैरान और परेशान हैं। उन्हें अभी तक इस्तीफे की असली वजह की जानकारी नहीं है। जिसके बाद ममता बनर्जी ने कहा कि अगर आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले किसी तरह का राजनीतिक दबाव बनाकर यह फैसला कराया गया है, तो यह लोकतांत्रिक परंपराओं के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने केंद्र सरकार पर भी अप्रत्यक्ष रूप से सवाल उठाए। वहीं, मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें केंद्रीय गृह मंत्री की ओर से जानकारी दी गई है कि आर.एन. रवि को पश्चिम बंगाल का नया गवर्नर बनाया जा सकता है।

मुझसे सलाह नहीं ली गई ममता बनर्जी

बता दें कि ममता बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि इस मामले में उनसे किसी तरह की सलाह नहीं ली गई। जिसमें परंपरा के अनुसार किसी राज्य में नए गवर्नर की नियुक्ति से पहले मुख्यमंत्री से चर्चा की जाती है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। जिसके बाद उन्होंने कहा कि इस तरह के फैसले भारत के संघीय ढांचे को कमजोर करते हैं। ममता बनर्जी ने केंद्र से अपील की कि वह सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism) के सिद्धांतों का सम्मान करे और राज्यों की गरिमा का ध्यान रखे। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और भी गर्म हो गया है।

चुनाव से पहले बड़ा घटनाक्रम

पश्चिम बंगाल में अप्रैल-मई के दौरान विधानसभा चुनाव होने की संभावना है। ऐसे में चुनाव से ठीक पहले राज्यपाल का इस्तीफा राजनीतिक दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है।

राजनीतिक एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस घटनाक्रम का असर राज्य की चुनावी राजनीति पर भी पड़ सकता है। विपक्ष और सत्तारूढ़ दल दोनों ही इस मुद्दे को अपने-अपने तरीके से उठा सकते हैं।जिसमें कुछ राजनीतिक जानकार यह भी मानते हैं कि आने वाले दिनों में केंद्र सरकार कई राज्यों में राज्यपालों और उपराज्यपालों में बदलाव कर सकती है।

लद्दाख के एलजी ने भी दिया इस्तीफा

बता दें कि इसी बीच एक और बड़ी खबर सामने आई है। लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। जानकारी के मुताबिक, आने वाले समय में कई राज्यों में राज्यपालों और उपराज्यपालों को बदला जा सकता है। राष्ट्रपति भवन की ओर से जल्द ही नई नियुक्तियों की सूची जारी होने की संभावना है। इससे देश के कई राज्यों में प्रशासनिक और राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं।

कौन हैं सीवी आनंद बोस

सीवी आनंद बोस मूल रूप से केरल के कोट्टायम के रहने वाले हैं। उनके पिता पी.के. वासुदेवन नायर स्वतंत्रता सेनानी थे और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के समर्थक थे। इसी कारण उनके नाम में ‘बोस’ जोड़ा गया। सीवी आनंद बोस 1977 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी रहे हैं। अपने लंबे प्रशासनिक करियर में उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। उन्होंने जिला कलेक्टर, प्रमुख सचिव और अतिरिक्त मुख्य सचिव जैसे पदों पर कार्य किया है। इसके अलावा वे शिक्षा, वन एवं पर्यावरण, श्रम और सामान्य प्रशासन जैसे विभागों में भी अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी रहा योगदान

सीवी आनंद बोस का योगदान केवल प्रशासनिक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा है। वे संयुक्त राष्ट्र से जुड़े कई संगठनों में भी सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। साथ ही, वे संयुक्त राष्ट्र के साथ परामर्शदात्री स्थिति में ‘पर्यावास गठबंधन’ के अध्यक्ष रह चुके हैं। इसके अलावा वे संयुक्त राष्ट्र पर्यावास शासी परिषद के सदस्य भी रहे हैं। उन्होंने शिक्षा और पर्यावरण से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भी काम किया है।

अब आगे क्या हो सकता है

जानकारी के लिए बता दें कि सीवी आनंद बोस के इस्तीफे के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि पश्चिम बंगाल का अगला राज्यपाल कौन होगा। अगर आर.एन. रवि को इस पद पर नियुक्त किया जाता है, तो राज्य की राजनीति में नए समीकरण बन सकते हैं।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि आने वाले दिनों में केंद्र सरकार कई राज्यों में राज्यपालों और उपराज्यपालों में बदलाव कर सकती है। इससे देश की राजनीति में नई हलचल देखने को मिल सकती है। फिलहाल पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच यह इस्तीफा एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम बन गया है और इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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Author

  • Aparna Panwar

    अपर्णा पवांर, एक हिंदी कंटेंट राइटर है, जिन्होंने डिजिटल मीडिया में अपनी लेखनी से पहचान बनाई। आज वे “Khaber Aaj Ki” में हिंदी कंटेंट राइटर के पद पर काम करते हुए पत्रकारिता को अपना जुनून मानती हैं। उनके विचारों में खबरें केवल सूचनाएं नहीं, बल्कि लोगों तक सच्चाई पहुँचाने का माध्यम हैं।

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