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CBSE 12th Exam Cancelled: मिडिल ईस्ट में जंग के बीच CBSE का बड़ा फैसला, 7 देशों में 12वीं के एग्जाम रद्द
Current image: CBSE 12th Exam Cancelled

CBSE 12th Exam Cancelled: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के कारण केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने बड़ा फैसला लिया है। बता दें कि बोर्ड ने पश्चिम एशिया के कई देशों में आयोजित होने वाली 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं को कैंसिल कर दिया है। जिसके बाद CBSE ने कहा है कि मौजूदा सुरक्षा हालात को देखते हुए परीक्षाएं कराना संभव नहीं है, इसलिए छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।

किन देशों में रद्द हुई परीक्षाएं

CBSE बोर्ड ने जिन देशों में 12वीं की परीक्षाएं कैंसिल की हैं, जिसमें बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। इन देशों में बड़ी संख्या में भारतीय स्कूल CBSE से संबद्ध हैं और हर साल हजारों छात्र यहां से बोर्ड परीक्षाएं देते हैं।बोर्ड ने बताया कि इन देशों के स्कूल प्रशासन, शिक्षा अधिकारियों और भारतीय दूतावासों से बातचीत करने के बाद ही यह फैसला लिया गया है। हालातों की समीक्षा करने के बाद यह स्पष्ट हुआ कि आने वाले दिनों में भी स्थिति ठीक होने की संभावना कम है। इसलिए छात्रों को अनिश्चितता में रखने के बजाय परीक्षाएं रद्द करने का निर्णय लिया गया।

पहले कई बार टाले गए थे एग्जाम

मिडिल ईस्ट में युद्ध शुरू होने के बाद CBSE ने पहले भी कई परीक्षाओं को स्थगित किया था। जिसमें 1 मार्च, 3 मार्च, 5 मार्च, 7 मार्च और 9 मार्च को होने वाली परीक्षाओं को पहले टाल दिया गया था। लेकिन बोर्ड लगातार हालातों पर नजर बनाए हुए था। वहीं, युद्ध के कारण लगातार हो रहे हमलों और सुरक्षा खतरे को देखते हुए अब बोर्ड ने सभी शेष परीक्षाओं को पूरी तरह रद्द करने का फैसला कर लिया है। जिसमें CBSE का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है और किसी भी जोखिम के बीच परीक्षा आयोजित नहीं की जा सकती।

28 फरवरी से शुरू हुआ युद्ध

मिडिल ईस्ट में तनाव 28 फरवरी 2026 से बढ़ना शुरू हुआ था। दरअसल, उस दिन अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला किया था। इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल और कई खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। जिसके बाद ईरान ने सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, कुवैत और बहरीन में मिसाइल और ड्रोन हमले किए।वहीं, इन हमलों के कारण कई शहरों में भारी नुकसान हुआ और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई। कई इलाकों में हवाई हमले के सायरन बजते रहे और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी।

कई देशों ने अपने नागरिकों को निकाला

मिडिल ईस्ट में बिगड़ते हालातों के कारण कई देशों ने अपने नागरिकों को वहां से निकालना शुरू कर दिया है। जिसमें अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोप के कई देशों ने अपने नागरिकों के लिए खास उड़ानों की व्यवस्था की है। जिसके बाद भारत ने भी अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए कदम उठाए हैं। ईरान और दुबई सहित कई स्थानों पर रह रहे भारतीयों को वापस लाने के लिए खास व्यवस्था की गई है। विदेश मंत्रालय लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

अरब देशों में बड़ी संख्या में भारतीय

जानकारी के लिए बता दें कि खाड़ी देशों में भारतीयों की संख्या काफी बड़ी है। वहीं,अनुमान के अनुसार अरब देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं। इनमें बड़ी संख्या में कामकाजी लोग, व्यापारी और छात्र शामिल हैं। साथ ही,इन देशों में रहने वाले भारतीयों के बच्चे CBSE से संबद्ध स्कूलों में पढ़ते हैं। हर साल हजारों छात्र 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं देते हैं। इसलिए मिडिल ईस्ट में परीक्षाएं रद्द होने का असर बड़ी संख्या में छात्रों पर पड़ेगा।

छात्रों के भविष्य को लेकर क्या होगा फैसला

दरअसल, अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिन छात्रों की परीक्षाएं कैंसिल हुई हैं, उनका परिणाम कैसे तैयार किया जाएगा। CBSE ने कहा है कि जल्द ही इस बारे में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। जिसमें संभावना है कि बोर्ड आंतरिक मूल्यांकन, प्रैक्टिकल और पहले से हुई परीक्षाओं के आधार पर रिजल्ट तैयार कर सकता है। इससे छात्रों का एक साल खराब नहीं होगा और उन्हें आगे की पढ़ाई में परेशानी नहीं होगी।

स्कूलों और अभिभावकों की प्रतिक्रिया

CBSE के इस फैसले का कई स्कूलों और अभिभावकों ने समर्थन किया है। जिसमें उनका कहना है कि मौजूदा हालात में छात्रों की सुरक्षा सबसे ज्यादा जरूरी है। जिस वजह से मिडिल ईस्ट के कई शहरों में लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबरें आ रही हैं। अब ऐसे में स्कूलों तक पहुंचना भी सुरक्षित नहीं है। इसलिए परीक्षाएं कैंसिल करने का फैसला छात्रों के हित में माना जा रहा है।

हालात सामान्य होने का इंतजार

बता दें कि पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव की स्थिति बनी हुई है। जिसमें कई देशों ने अपने हवाई क्षेत्र पर भी काबू लगा दिया है और सुरक्षा व्यवस्था को सख्त कर दिया गया है।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर आने वाले दिनों में हालात ठीक होते हैं तो शिक्षा व्यवस्था भी धीरे-धीरे पटरी पर लौट सकती है। लेकिन फिलहाल प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने की है। जिसमें CBSE ने भी साफ कहा है कि वह स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और जरूरत पड़ने पर आगे भी छात्रों के हित में फैसले लेता रहेगा।

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Author

  • Aparna Panwar

    अपर्णा पवांर, एक हिंदी कंटेंट राइटर है, जिन्होंने डिजिटल मीडिया में अपनी लेखनी से पहचान बनाई। आज वे “Khaber Aaj Ki” में हिंदी कंटेंट राइटर के पद पर काम करते हुए पत्रकारिता को अपना जुनून मानती हैं। उनके विचारों में खबरें केवल सूचनाएं नहीं, बल्कि लोगों तक सच्चाई पहुँचाने का माध्यम हैं।

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