
देश में तेजी से बढ़ती क्रिएटर इकोनॉमी, गेमिंग और डिजिटल कंटेंट सेक्टर को नई ऊंचाई देने के लिए केंद्र सरकार ने Budget 2026 में एक बड़ा और प्रभावशाली कदम उठाया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट पेश करते हुए ऐलान किया कि देशभर में 15 हजार स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स खोली जाएंगी. इस ऐलान के बाद शिक्षा जगत, टेक इंडस्ट्री, गेमिंग सेक्टर और युवाओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है. सरकार का साफ कहना है कि आने वाले समय में भारत सिर्फ टेक्नोलॉजी का उपभोक्ता नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी में लीड करने वाला देश बनेगा.
बजट 2026 में गेमिंग और कंटेंट क्रिएशन को बड़ा प्रोत्साहन
बजट 2026-27 में सरकार ने गेमिंग और कंटेंट क्रिएशन सेक्टर को पहली बार इतने बड़े स्तर पर समर्थन देने का ऐलान किया है. वित्त मंत्री ने अपने रिकॉर्ड 9वें बजट में कहा कि इनोवेशन और टेक्नोलॉजी ही विकसित भारत का सबसे बड़ा इंजन है. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत अब सिर्फ तकनीक का इस्तेमाल करने वाला देश नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले वर्षों में टेक्नोलॉजी को दिशा देने वाले देशों में भी शामिल होगा.
AVGC इंडस्ट्री को मिलेगा संगठित समर्थन
वित्त मंत्री ने बताया कि सरकार AVGC इंडस्ट्री यानी Animation, Visual Effects, Gaming और Comics को संगठित और संस्थागत समर्थन देगी.अब तक यह सेक्टर बड़े पैमाने पर निजी प्रयासों और स्टार्टअप्स के भरोसे आगे बढ़ रहा था, लेकिन बजट 2026 के बाद इसे सरकारी नीति और संरचना का मजबूत सहारा मिलेगा.
क्या होंगी कंटेंट क्रिएटर लैब्स?
घोषणा के मुताबिक, सरकार देश के 15 हजार सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में आधुनिक AVGC कंटेंट क्रिएटर लैब्स बनाएगी. इन लैब्स में छात्रों को मिलेगा एनीमेशन और ग्राफिक डिजाइन की ट्रेनिंग, गेम डेवलपमेंट के टूल्स, वीडियो एडिटिंग और विजुअल इफेक्ट्स सॉफ्टवेयर और डिजिटल स्टोरीटेलिंग और कॉमिक डिजाइन का ज्ञान. यानी पढ़ाई के साथ-साथ छात्रों को प्रैक्टिकल स्किल्स सिखाई जाएंगी, जो सीधे इंडस्ट्री से जुड़ी होंगी.
10 लाख से ज्यादा रोजगार पैदा करने का लक्ष्य
सरकार का अनुमान है कि इस पहल से आने वाले वर्षों में 10 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे. इनमें शामिल होंगे गेम डिजाइनर, एनिमेटर, वीडियो एडिटर, VFX आर्टिस्ट, कंटेंट स्ट्रैटेजिस्ट. युवाओं को अब सिर्फ नौकरी ढूंढने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला क्रिएटर बनने के लिए तैयार किया जाएगा.
छात्रों के लिए क्यों है यह खास ऐलान?
आज के समय में लाखों युवा यूट्यूब, इंस्टाग्राम, गेमिंग प्लेटफॉर्म और डिजिटल मीडिया के जरिए अपना करियर बनाना चाहते हैं. लेकिन सही ट्रेनिंग और संसाधनों की कमी उनके रास्ते में सबसे बड़ी बाधा होती है. कंटेंट क्रिएटर लैब्स खुलने से टैलेंट को सही दिशा मिलेगी, ग्रामीण और छोटे शहरों के छात्रों को भी मौका मिलेगा और महंगे कोर्स करने की मजबूरी नहीं रहेगी. यह पहल डिजिटल असमानता को कम करने में भी मददगार साबित हो सकती है.
5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप भी बनाई जाएंगी
वित्त मंत्री ने यह भी घोषणा की कि इंडस्ट्री कॉरिडोर के आसपास 5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप बनाई जाएंगी. इन टाउनशिप्स का उद्देश्य होगा शिक्षा और उद्योग को एक साथ जोड़ना, छात्रों को रियल-टाइम इंडस्ट्री एक्सपोजर देना और रिसर्च, इनोवेशन और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना. यह मॉडल विकसित देशों की तर्ज पर भारत में अपनाया जाएगा.
क्रिएटर इकोनॉमी बनेगा नया रोजगार केंद्र
विशेषज्ञों का मानना है कि क्रिएटर इकोनॉमी आने वाले समय में भारत की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा बनेगा. सरकार की यह पहल फ्रीलांसिंग को बढ़ावा देगी, ग्लोबल डिजिटल मार्केट में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाएगी और विदेशी कंपनियों को भारत में निवेश के लिए आकर्षित करेगी.
इंडस्ट्री ने किया फैसले का स्वागत
गेमिंग और मीडिया इंडस्ट्री से जुड़े लोगों ने बजट 2026 के इस फैसले का खुले दिल से स्वागत किया है. उनका कहना है, कि इससे भारत में Skilled Manpower की कमी दूर होगी और इंडस्ट्री को इंटरनेशनल लेवल पर प्रतियोगिता करने की ताकत मिलेगी.
शिक्षा प्रणाली में आएगा बड़ा बदलाव
कंटेंट क्रिएटर लैब्स सिर्फ नई सुविधा नहीं, बल्कि शिक्षा प्रणाली में बदलाव का संकेत भी हैं. अब पढ़ाई सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि क्रिएटिव थिंकिंग, प्रॉब्लम सॉल्विंग और डिजिटल स्किल्स जैसी क्षमताओं को भी उतना ही महत्व मिलेगा.
क्या होंगी चुनौतियां?
हालांकि यह योजना बेहद महत्वाकांक्षी है, लेकिन इसके सामने कुछ चुनौतियां भी होंगी जैसे प्रशिक्षित फैकल्टी की उपलब्धता, टेक्नोलॉजी को समय-समय पर अपडेट करना और छोटे शहरों तक समान सुविधाएं पहुंचाना. विशेषज्ञों का मानना है, कि अगर केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम करें, तो इन चुनौतियों को आसानी से पार किया जा सकता है.
बजट 2026 का बड़ा संदेश
इस ऐलान के जरिए बजट 2026 ने साफ संदेश दिया है कि भारत का भविष्य डिजिटल, क्रिएटिव और इनोवेटिव होगा. सरकार युवाओं की ताकत को पहचानते हुए उन्हें नए जमाने के स्किल्स से तैयार करना चाहती है.






