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Border 2 First Review: देशभक्ति का तूफान,सनी देओल की दहाड़ ,एक बार फिर ‘बॉर्डर 2’ ने जीता लोगो का दिल
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23 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई Border 2 ने पहले ही दिन बॉक्स ऑफिस और सोशल मीडिया पर सुर्खिया बटोर ली है .1997 की आइकोनिक Border की विरासत को आगे बढ़ाते हुए यह फिल्म एक बार फिर बड़े स्केल, दमदार इमोशंस और ज़बरदस्त एक्शन के साथ वापसी करता है। इसमें सबसे बड़ा आकर्षण सनी देओल हैं, जिनकी दहाड़ एक बार फिर से सिनेमाघरों में गूंज रही है.पहले ही दिन सामने आए रिव्यूज़ में फिल्म को “ब्लॉकबस्टर मटीरियल” कहा जा रहा है.

पहला रिव्यू: तरण आदर्श ने दिए मूवी को 4.5 स्टार

ट्रेंड एक्सपर्ट और फिल्म समीक्षक तरण आदर्श ने फिल्म को 4.5 स्टार देते हुए इसे “ब्रीथटेकिंग” बताया है। अपने एक्स (ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा कि ‘Border 2 आपका दिल गर्व से भर देती हैं, यह फिल्म देश के साथ-साथ हमारे वीर जवानों को सलाम करती है. उनके मुताबिक, फिल्म न सिर्फ एक्शन दिखाती है, बल्कि भावनाओं को कहानी के साथ मजबूती से जोड़ती है और इस मूवी की सबसे बड़ी जीत है।

फिल्म की जान बने सनी देओल

सनी देओल एक बार फिर से अपने दमदार रौब और आकर्षक डायलॉग्स के साथ स्क्रीन पर छा गए हैं। देओल की एंट्री सीन से लेकर क्लाइमैक्स तक की सीन, से पूरा थिएटर तालियां और सीटियों से गूंज रहा हैं। तरण आदर्श के अनुसार, सनी देओल की मौजूदगी फिल्म को वह विश्वसनीयता बनाती है, जो एक वॉर ड्रामा के लिए जरूरी होता है.

वरुण धवन का जोश और दिलजीत का जादू

वरुण धवन इस बार एक अलग अवतार में दिख रहे हैं, उनका इंटेंस जोश और दमदार परफॉर्मेंस ने दर्शकों को सरप्राइज कर दिया है। एक्शन सीन्स में उनकी फिजिकलिटी और भावनात्मक दृश्यों में उनका संयम, दोनों प्रभावी हैं.

वहीं दिलजीत दोसांझ हर सीन में अपने नैचुरल चार्म और संवेदनशील अभिनय से दिल जीत रहे हैं, उनका रोल फिल्म में हल्का सा ह्यूमर और गहरा इमोशनदोनों का संतुलन बनाता है.

निर्देशन: स्केल, ईमानदारी और आत्मा

निर्देशक अनुराग सिंह की तारीफ करते हुए तरण आदर्श ने कहा कि उन्होंने एक ऐसा युद्ध महाकाव्य रचा है जो स्केल, ईमानदारी और आत्मा तीनों पर खरा उतरता है. फिल्म अपने पूर्व में बनी बॉर्डर की भावना का सम्मान करते हुए नई पीढ़ी के लिए कहानी को और भी ज्यादा प्रासंगिक बनाता है.

‘ब्रीथटेकिंग’ और अर्थपूर्ण

फिल्म के वॉर सीक्वेंस इसकी सबसे बड़ी यूएसपी हैं, ये केवल विजुअल स्पेक्टेकल नहीं, बल्कि किरदारों की भावनाओं और कहानी को आगे बढ़ाते हैं. संतुलन ऐसा हैं ,कि कहीं भी ओवर-द-टॉप नहीं लगता. साथ ही बैकग्राउंड स्कोर और साउंड डिज़ाइन थिएटर के एक्सपीरियंस को और कई गुना बढ़ा देते हैं.

कहानी और भावनात्मक अपील

Border 2 देशभक्ति को शोर में नहीं, बल्कि संवेदना में पिरोती है. परिवार, कर्तव्य और बलिदान इन तीनों धागों से बुनी कहानी दर्शकों को जोड़कर रखती है,जिसके सेकेंड हाफ में इमोशनल पेलोड बेहद मजबूत होता है, जो क्लाइमैक्स तक असर छोड़ता है.

क्या ‘Border 2’ ब्लॉकबस्टर है?

पहला रिव्यू, ऑडियंस रिएक्शन और थिएटर रिस्पॉन्स को देखें तो फिल्म के ब्लॉकबस्टर बनने के संकेत साफ हैं.वहीं वीकेंड पर दर्शकों की जुबानी तारीफ इसे और मजबूती दे सकती है.

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