
Anuj Agnihotri UPSC Topper: देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक UPSC Civil Services Examination का परिणाम जारी हो चुका है. इस साल परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए राजस्थान के रहने वाले Anuj Agnihotri ने पहला स्थान हासिल किया है. उनकी सफलता की कहानी न केवल मेहनत और दृढ़ संकल्प का उदाहरण है, बल्कि यह भी बताती है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो सफलता जरूर मिलती है. दिलचस्प बात यह है कि अनुज पेशे से एक डॉक्टर हैं, लेकिन उन्होंने देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा को पास करके नई मिसाल कायम कर दी.
राजस्थान के छोटे से गांव से निकलकर बने टॉपर
अनुज अग्निहोत्री राजस्थान के Jodhpur जिले के राहता गांव के रहने वाले हैं. एक साधारण परिवार में जन्मे अनुज का बचपन भी सामान्य परिस्थितियों में बीता. उनके पिता कोटा स्थित परमाणु ऊर्जा संयंत्र में काम करते हैं, जबकि उनकी मां गृहिणी हैं. परिवार ने पढ़ाई को हमेशा महत्व दिया गया और इसी वातावरण ने अनुज को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया.
मेडिकल की पढ़ाई, लेकिन सपना प्रशासनिक सेवा का
अनुज ने 12वीं के बाद मेडिकल की पढ़ाई शुरू की और देश के प्रतिष्ठित संस्थान AIIMS Jodhpur में दाखिला लिया. उन्होंने यहां से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की और 2023 में डॉक्टर बन गए. हालांकि डॉक्टर बनने के बाद भी उनका सपना सिविल सेवा में जाने का था. यही कारण था कि मेडिकल की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने पूरी तरह से UPSC की तैयारी पर ध्यान देना शुरू कर दिया.
तीसरे प्रयास में मिली बड़ी सफलता
UPSC जैसी कठिन परीक्षा को पास करना आसान नहीं होता. अनुज के लिए भी यह सफर चुनौतीपूर्ण रहा.
- पहला प्रयास : चयन DANICS सेवा में
- दूसरा प्रयास : रैंक में सुधार की कोशिश
- तीसरा प्रयास:UPSC में ऑल इंडिया रैंक 1
तीसरे प्रयास में उन्होंने पूरे देश में पहला स्थान हासिल करके इतिहास रच दिया.
पहले बन चुके थे SDM
UPSC से पहले भी अनुज प्रशासनिक सेवा में चयनित हो चुके थे. उनका चयन DANICS सेवा में हुआ था. इस सेवा के तहत उन्हें SDM स्तर के प्रशासनिक पद के लिए प्रशिक्षण मिल रहा था. लेकिन उनका लक्ष्य भारतीय प्रशासनिक सेवा यानी IAS बनना था, इसलिए उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी.
कैसे की तैयारी?
अनुज अग्निहोत्री की सफलता का सबसे बड़ा राज था उनका अनुशासन.उन्होंने अपनी तैयारी के लिए एक स्पष्ट रणनीति बनाई.उनकी तैयारी के मुख्य बिंदु थे नियमित अध्ययन, सीमित लेकिन भरोसेमंद किताबें, ऑनलाइन कोचिंग, नियमित टेस्ट और रिवीजन उन्होंने ज्यादातर तैयारी ऑनलाइन माध्यम से की.
इंटरव्यू के लिए खास गाइडेंस
मुख्य परीक्षा पास करने के बाद इंटरव्यू की तैयारी भी बेहद महत्वपूर्ण होती है.अनुज ने इंटरव्यू के लिए दिल्ली के प्रसिद्ध संस्थान Ensure IAS से मार्गदर्शन लिया. यहां उन्होंने मॉक इंटरव्यू दिए और अपनी कमियों को सुधारा. इससे उन्हें इंटरव्यू में आत्मविश्वास के साथ प्रदर्शन करने में मदद मिली.
आत्म-अनुशासन बना सफलता की कुंजी
अनुज का मानना है कि UPSC की तैयारी में सबसे महत्वपूर्ण चीज आत्म-अनुशासन है. उन्होंने अपनी दिनचर्या को बहुत व्यवस्थित रखा. उनकी दिनचर्या कुछ इस तरह थी जैसे रोज 8 से 10 घंटे पढ़ाई, नियमित नोट्स बनाना ,पिछले सालों के प्रश्नपत्र हल करना और करंट अफेयर्स पर ध्यान देना.
UPSC की तैयारी के दौरान अनुज ने सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखी.उनका मानना था कि तैयारी के समय ध्यान भटकाने वाली चीजों से दूर रहना जरूरी है. उन्होंने अपना अधिकांश समय पढ़ाई और अभ्यास में लगाया.
परिवार का मिला पूरा समर्थन
अनुज की सफलता में उनके परिवार की भी बड़ी भूमिका रही. उनके माता-पिता ने हमेशा उन्हें प्रेरित किया.कठिन समय में भी परिवार ने उनका मनोबल बढ़ाया और उन्हें अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया.
युवाओं के लिए संदेश
अनुज अग्निहोत्री की सफलता लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है. उनका कहना है कि UPSC की तैयारी करने वाले छात्रों को धैर्य और निरंतरता बनाए रखनी चाहिए. उन्होंने कहा कि असफलता से घबराना नहीं चाहिए और हर प्रयास से कुछ नया सीखना चाहिए और अपने लक्ष्य पर लगातार ध्यान रखना चाहिए.
UPSC परीक्षा क्यों मानी जाती है कठिन?
UPSC परीक्षा को भारत की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है. हर साल लाखों छात्र इस परीक्षा में बैठते हैं, लेकिन बहुत कम उम्मीदवार अंतिम सूची में जगह बना पाते हैं. UPSC परीक्षा तीन चरणों में होती है प्रारंभिक परीक्षा (Prelims), मुख्य परीक्षा (Mains) और साक्षात्कार (Interview). इन तीनों चरणों को पार करना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है.
अनुज की कहानी इस बात का उदाहरण है कि एक व्यक्ति अपनी मेहनत से जीवन की दिशा बदल सकता है. उन्होंने मेडिकल की पढ़ाई पूरी करने के बाद भी अपने सपने को नहीं छोड़ा.डॉक्टर से प्रशासनिक अधिकारी बनने का उनका सफर युवाओं के लिए प्रेरणा बन गया है.
समाज सेवा का सपना
अनुज का कहना है कि उन्होंने सिविल सेवा इसलिए चुनी क्योंकि वह समाज के लिए बड़े स्तर पर काम करना चाहते हैं. एक डॉक्टर के रूप में वह लोगों का इलाज कर सकते थे, लेकिन प्रशासनिक सेवा में रहकर वह बड़ी नीतियों के जरिए लाखों लोगों के जीवन में बदलाव ला सकते हैं.
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