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DRDO Armoured Vehicle: भारतीय सेना को मिला ‘गेम-चेंजर’ आर्मर्ड व्हीकल, जानें इसकी खासियत
Current image: DRDO Armoured Vehicle

DRDO Armoured Vehicle: भारतीय सेना को जल्द ही एक नई ताकत मिलने वाली है। बता दें कि रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने एक आधुनिक और स्वदेशी आर्मर्ड व्हीकल तैयार किया है, जो हर तरह के युद्ध के लिए उपयुक्त माना जा रहा है। जिससे यह वाहन पहाड़, रेगिस्तान और पानी जैसे कठिन इलाकों में भी आसानी से चल सकता है। इसमें एडवांस हथियार और मजबूत सुरक्षा सिस्टम दिए गए हैं, जो सैनिकों को सुरक्षित रखते हुए दुश्मन पर सटीक हमला करने में मदद करेंगे। यह प्रोजेक्ट ‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। ऐसे में आइए जानते यहां पूरी जानकारी

क्या है यह नया आर्मर्ड व्हीकल?

DRDO द्वारा विकसित यह नया बख्तरबंद वाहन एक मल्टी-रोल कॉम्बैट प्लेटफॉर्म है, जिसे हर तरह की भौगोलिक परिस्थितियों में इस्तेमाल के लिए तैयार किया गया है। इसे खासतौर पर Vehicle Research and Development Establishment (VRDE) ने डिजाइन किया है। दरअसल यह व्हीकल सेना की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है, जिससे यह आने वाले समय में भारतीय सेना के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।

मारक क्षमता में दमदार

इस स्वदेशी आर्मर्ड व्हीकल की सबसे बड़ी ताकत इसकी मारक क्षमता है। इसमें 30 मिमी का क्रूलेस बुर्ज लगाया गया है, जो आधुनिक युद्ध की जरूरतों को पूरा करता है। इसके साथ 7.62 मिमी पीकेटी मशीन गन भी जोड़ी गई है। इतना ही नहीं, यह वाहन एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (ATGM) लॉन्च करने में भी सक्षम है। इसका मतलब है कि यह दुश्मन के भारी टैंकों को भी आसानी से निशाना बना सकता है। आधुनिक सेंसर और फायर कंट्रोल सिस्टम इसकी सटीकता को और बढ़ाते हैं।

हर इलाके में चलेगा, हर चुनौती पार करेगा

इस वाहन को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह हर तरह के इलाके में आसानी से चल सके। चाहे रेगिस्तान की रेत हो, पहाड़ी इलाका हो या कीचड़ और पानी से भरे रास्ते। यह हर जगह अपनी रफ्तार बनाए रखता है। इसमें लगा शक्तिशाली इंजन और ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन इसे बेहतरीन गतिशीलता प्रदान करता है। खास बात यह है कि इसमें हाइड्रो जेट तकनीक दी गई है, जिससे यह पानी में भी चल सकता है। यानी यह एक एम्फीबियस (जल-थल दोनों में चलने वाला) वाहन है।

‘आत्मनिर्भर भारत’ को मिलेगा बढ़ावा

Tata Advanced Systems Limited और Bharat Forge Limited जैसी बड़ी कंपनियों के सहयोग से इस प्रोजेक्ट को तैयार किया गया है। इसके अलावा कई MSME इकाइयों ने भी इसमें अहम भूमिका निभाई है। फिलहाल इस व्हीकल में लगभग 70% पार्ट्स स्वदेशी हैं। DRDO का लक्ष्य इसे जल्द ही 100% स्वदेशी बनाना है। यह ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ मिशन को मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

सैनिकों की सुरक्षा होगी मजबूत

यह आर्मर्ड व्हीकल सिर्फ हमला करने में ही नहीं, बल्कि सुरक्षा के मामले में भी काफी मजबूत है। इसमें बैलिस्टिक प्रोटेक्शन और ब्लास्ट रेसिस्टेंट तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिससे सैनिकों को गोलियों और विस्फोटों से सुरक्षा मिलती है। मेजर जनरल एसके सिंह के अनुसार, यह वाहन युद्ध के मैदान में सैनिकों की सुरक्षा और ताकत दोनों को बढ़ाएगा।

मल्टी-रोल और मॉड्यूलर डिजाइन

इस आर्मर्ड व्हीकल की खासियत इसका मॉड्यूलर डिजाइन है, जो इसे अलग-अलग सैन्य जरूरतों के अनुसार ढालने की क्षमता देता है। इसे ट्रूप कैरियर के रूप में सैनिकों को सुरक्षित पहुंचाने, फायर सपोर्ट व्हीकल के तौर पर हमला करने, रिकॉनिसेंस मिशन में निगरानी रखने और एंटी-टैंक ऑपरेशन में दुश्मन के टैंकों को नष्ट करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। एक ही प्लेटफॉर्म पर कई भूमिकाएं निभाने की क्षमता इसे बेहद लचीला और प्रभावी बनाती है, जिससे सेना को तेजी और रणनीतिक बढ़त मिलती है।

क्यों है यह गेम-चेंजर?

आधुनिक युद्ध में जीत केवल हथियारों से नहीं है, बल्कि तकनीक, गति और रणनीति से तय होती है। यही वजह है कि यह नया आर्मर्ड व्हीकल भारतीय सेना के लिए गेम-चेंजर माना जा रहा है। इसमें हाई मोबिलिटी के कारण यह कठिन इलाकों में भी तेजी से काम करता है। एडवांस्ड वेपन सिस्टम दुश्मन पर सटीक हमला सुनिश्चित करते हैं, जबकि बेहतर सुरक्षा सैनिकों को सुरक्षित रखती है। इसकी मल्टी-रोल क्षमता इसे हर मिशन के लिए उपयुक्त बनाती है, जिससे सेना को रणनीतिक बढ़त मिलती है।

भविष्य की तैयारी

भारत लगातार अपनी सैन्य ताकत को आधुनिक और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) का यह नया आर्मर्ड व्हीकल उसी रणनीति का अहम हिस्सा है। इससे भारतीय सेना को आधुनिक युद्ध के लिए बेहतर तैयारी मिलेगी। साथ ही, स्वदेशी तकनीक पर जोर देने से रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। भविष्य में ऐसे और उन्नत प्रोजेक्ट देश को रक्षा के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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Author

  • Aparna Panwar

    अपर्णा पवांर, एक हिंदी कंटेंट राइटर है, जिन्होंने डिजिटल मीडिया में अपनी लेखनी से पहचान बनाई। आज वे “Khaber Aaj Ki” में हिंदी कंटेंट राइटर के पद पर काम करते हुए पत्रकारिता को अपना जुनून मानती हैं। उनके विचारों में खबरें केवल सूचनाएं नहीं, बल्कि लोगों तक सच्चाई पहुँचाने का माध्यम हैं।

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