
Early Monsoon: देश के कई हिस्सों में इस समय भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है. अप्रैल के महीने से ही तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है और उत्तर, मध्य तथा पूर्वी भारत के कई इलाकों में पारा 43 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है. ऐसे में हर कोई मानसून का इंतजार कर रहा है, ताकि इस तपती गर्मी से राहत मिल सके. इसी बीच India Meteorological Department की ओर से एक राहत भरी खबर सामने आई है. मौसम विभाग और अंतरराष्ट्रीय मौसम एजेंसियों के अनुमान के अनुसार इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य समय से पहले भारत में दस्तक दे सकता है.
जल्दी आ सकता है मानसून
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार मानसून की शुरुआत जल्दी होने के संकेत मिल रहे हैं. अगर वर्तमान परिस्थितियां बनी रहती हैं, तो मई के आखिरी सप्ताह तक दक्षिण भारत के कई हिस्सों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है. इसका मतलब है कि गर्मी से जूझ रहे लोगों को अपेक्षा से पहले राहत मिल सकती है.
ECMWF का भी संकेत
European Centre for Medium-Range Weather Forecasts की रिपोर्ट भी इस ओर इशारा कर रही है कि मानसून जल्दी सक्रिय हो सकता है. पिछले साल 2025 में भी इसी तरह के संकेत मिले थे और मानसून तय समय से पहले आगे बढ़ गया था. इस साल भी वैसी ही स्थिति बनती नजर आ रही है.
सबसे पहले कहां पहुंचेगा मानसून?
हर साल की तरह इस बार भी मानसून की शुरुआत Andaman and Nicobar Islands से होने की संभावना है. अनुमान है कि 18 से 25 मई के बीच यहां मानसून पहुंच सकता है. इसके बाद धीरे-धीरे यह दक्षिण भारत के अन्य हिस्सों की ओर बढ़ेगा.
तेज हो रही हैं नमी भरी हवाएं
मौसम मॉडल यह संकेत दे रहे हैं कि हिंद महासागर से आने वाली नमी भरी हवाएं तेजी पकड़ रही हैं. ये हवाएं बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के ऊपर सक्रिय हो रही हैं, जिससे बारिश की संभावना बढ़ रही है. इन क्षेत्रों में सामान्य से 30 से 60 मिलीमीटर अधिक बारिश हो सकती है.
विशेषज्ञों के अनुसार, अंडमान क्षेत्र के उत्तर में एक ट्रॉपिकल सिस्टम बनने की 20 से 40 प्रतिशत संभावना है. ऐसे सिस्टम मानसून को आगे बढ़ाने में मदद करते हैं, क्योंकि वे वातावरण में नमी को बढ़ाते हैं और बारिश की प्रक्रिया को तेज कर देते हैं.
केरल और तमिलनाडु में होगी शुरुआत
25 मई से 1 जून के बीच मानसून के Kerala और Tamil Nadu के दक्षिणी हिस्सों में पहुंचने की संभावना है.यह वही समय होता है जब आमतौर पर मानसून भारत में प्रवेश करता है, लेकिन इस बार यह पहले आ सकता है.
दक्षिण भारत के लिए राहत भरी खबर
दक्षिण भारत के लिए यह खबर बेहद अहम मानी जा रही है. यहां की खेती और जल संसाधन काफी हद तक मानसून पर निर्भर करते हैं. अगर बारिश समय से पहले होती है, तो किसानों को बड़ी राहत मिलेगी और खेती का काम भी समय पर शुरू हो सकेगा.
IOD भी निभा सकता है अहम भूमिका
इस बार Indian Ocean Dipole यानी IOD की स्थिति भी मानसून के पक्ष में नजर आ रही है. जब हिंद महासागर के पश्चिमी हिस्से का पानी पूर्वी हिस्से से ज्यादा गर्म होता है, तो इसे पॉजिटिव IOD कहा जाता है. ऐसी स्थिति में भारत की ओर ज्यादा नमी आती है और मानसून मजबूत होता है.
गर्मी का भी असर पड़ सकता है
इस साल की शुरुआत में पड़ी तेज गर्मी भी मानसून को प्रभावित कर सकती है. ज्यादा गर्मी के कारण समुद्र और जमीन के तापमान में अंतर बढ़ता है, जिससे हवाएं तेजी से सक्रिय होती हैं. यही कारण है कि मानसून के जल्दी आने की संभावना बढ़ जाती है.
फिलहाल गर्मी से राहत नहीं
हालांकि मानसून की खबर राहत देने वाली है, लेकिन फिलहाल देश के कई हिस्सों में गर्मी से कोई राहत नहीं मिली है. India Meteorological Department ने आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की चेतावनी दी है. तेज गर्मी का असर आम लोगों के जीवन पर साफ नजर आ रहा है. दोपहर के समय लोग घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं और पानी की खपत भी बढ़ गई है.
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अगर समुद्र और वातावरण की वर्तमान स्थिति बनी रहती है, तो मानसून 25 मई के आसपास भारत में दस्तक दे सकता है. हालांकि मौसम एक जटिल प्रक्रिया है और इसमें बदलाव भी संभव है. India Meteorological Department और अन्य एजेंसियों के अनुमान के अनुसार इस साल मानसून समय से पहले आ सकता है. यह न केवल गर्मी से राहत देगा, बल्कि खेती और जल संसाधनों के लिए भी बेहद फायदेमंद साबित होगा. फिलहाल लोग भीषण गर्मी का सामना कर रहे हैं, लेकिन अगर ये अनुमान सही साबित होते हैं, तो आने वाले दिनों में बारिश की बूंदें राहत की ठंडी फुहार लेकर आएंगी.
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