
Excise Duty on Pertrol: पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर देशभर में चिंता के माहौल के बीच केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती का बड़ा फैसला लिया है। आमतौर पर जब सरकार इस तरह की राहत देती है, तो लोगों को उम्मीद होती है कि ईंधन के दाम कम होंगे। लेकिन इस बार हालात अलग हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी देखी जा रही है, जिसका मुख्य कारण वेस्ट एशिया में बढ़ता तनाव और सप्लाई में आई बाधाएं हैं। इससे तेल कंपनियों की लागत काफी बढ़ गई है। ऐसे में सरकार ने सीधे कीमतें घटाने के बजाय यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि पेट्रोल और डीजल के दाम और ज्यादा न बढ़ें। इस फैसले से आम लोगों को अप्रत्यक्ष राहत जरूर मिलेगी, क्योंकि उन्हें बढ़ती महंगाई से कुछ हद तक बचाया जा सकेगा।
कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल
जानकारी के लिए बता दें पिछले कुछ समय से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव के कारण सप्लाई प्रभावित हुई है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुकी है, जिससे तेल कंपनियों की लागत काफी बढ़ गई है। इसके अलावा, होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधा आने से तेल आयात के लिए वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है, जिससे ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स की लागत भी बढ़ गई है।
क्या सस्ते होंगे पेट्रोल-डीजल?
जानकारी के अनुसार, इस बार एक्साइज ड्यूटी में कटौती का मकसद आम जनता को सीधा सस्ता पेट्रोल-डीजल देना नहीं है। बल्कि यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि तेल कंपनियों को बढ़ी हुई लागत का कुछ बोझ कम किया जा सके। सरकारी अधिकारियों ने साफ किया है।
- अगर एक्साइज ड्यूटी कम नहीं की जाती, तो पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ सकते थे।
- लेकिन अब कीमतें स्थिर रखी जा सकेंगी।
- यानी आम लोगों को अप्रत्यक्ष राहत मिलेगी।
पेट्रोल और डीजल पर नई एक्साइज ड्यूटी
सरकार के फैसले के बाद अब नई दरें इस प्रकार हैं।
- पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी: 13 रुपये से घटाकर 3 रुपये।
- डीजल पर एक्साइज ड्यूटी: 10 रुपये से घटाकर 0 रुपये।
वित्त मंत्री का बयान
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह फैसला देशहित में लिया गया है।
- वेस्ट एशिया संकट के कारण तेल की कीमतों में तेजी आई है।
- ऐसे में सरकार ने जनता को महंगाई से बचाने के लिए एक्साइज ड्यूटी घटाई है।
- इससे उपभोक्ताओं को कीमतों में बढ़ोतरी से राहत मिलेगी।
तेल निर्यात पर बढ़ाई गई ड्यूटी
दरअसल एक तरफ घरेलू खपत के लिए एक्साइज ड्यूटी घटाई गई है, वहीं दूसरी तरफ सरकार ने निर्यात पर शुल्क बढ़ा दिया है।
- डीजल निर्यात पर: ₹21.5 प्रति लीटर।
- एटीएफ (एयर टरबाइन फ्यूल) पर: ₹29.5 प्रति लीटर।
पेट्रोलियम मंत्री का बड़ा बयान
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि पिछले एक महीने में कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है।
- कीमतें 70 डॉलर से बढ़कर 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं।
- दुनिया के कई देशों में ईंधन की कीमतें 20% से 50% तक बढ़ चुकी हैं।
- भारत में भी कीमतें बढ़ा दी जाएं या फिर सरकार खुद इसका बोझ उठाए।
दुनिया के मुकाबले भारत की स्थिति
दुनिया के कई हिस्सों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है।
- दक्षिण-पूर्व एशिया: 30% से 50% तक बढ़ोतरी।
- यूरोप: लगभग 20% बढ़ोतरी।
- अमेरिका: करीब 30% बढ़ोतरी।
- अफ्रीका: 50% तक कीमतें बढ़ीं।
देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम
वर्तमान में देश के बड़े शहरों में ईंधन की कीमतें इस प्रकार हैं।
- दिल्ली: पेट्रोल ₹94.77, डीजल ₹87.67 प्रति लीटर।
- नोएडा: पेट्रोल ₹94.85, डीजल ₹87.98 प्रति लीटर।
- मुंबई: पेट्रोल ₹103.54, डीजल ₹90.03 प्रति लीटर।
- चेन्नई: पेट्रोल ₹100.80, डीजल ₹92.38 प्रति लीटर।
सरकार ने उठाया बड़ा आर्थिक बोझ
एक्साइज ड्यूटी में कटौती से सरकार के राजस्व पर भारी असर पड़ेगा। लेकिन इसके बावजूद सरकार ने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि आम लोगों को महंगाई से बचाया जा सके। एक्सपर्ट्स के अनुसार सरकार ने शॉर्ट टर्म में राजस्व का नुकसान उठाया है,लेकिन इससे महंगाई नियंत्रण में रखने में मदद मिलेगी और अर्थव्यवस्था पर दबाव कम होगा।
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